करोड़ों लेकर गायब हो गया क्रिप्टो नेटवर्क: होटलों में सेमिनार; मंच पर सपनों की कमाई
KHULASA FIRST
संवाददाता

100 दिन में रकम दोगुनी करने का वादा; महिला गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
चमचमाते होटल, मंच पर सफलता की कहानियां, विदेशी कंपनी का दावा, क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग से मोटे मुनाफे का सपना। इंदौर में सैकड़ों लोगों को इसी सुनियोजित रणनीति के जरिए करोड़ों रुपये के निवेश के लिए तैयार किया गया और फिर अचानक पूरा नेटवर्क गायब हो गया।
अब क्राइम ब्रांच ने इस कथित निवेश घोटाले का खुलासा करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के कई प्रमुख सदस्य अभी भी फरार हैं।जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया था कि उनकी रकम महज 100 दिनों में दोगुनी हो जाएगी।
शुरुआत में कुछ लोगों को मामूली रिटर्न दिखाकर विश्वास कायम किया गया और फिर बड़ी रकम निवेश करवाई गई। जब निवेशकों की संख्या बढ़ी और करोड़ों रुपये खातों में पहुंच गए तो भुगतान बंद कर दिया गया।
क्राइम ब्रांच के अनुसार मामले में हरप्रीत कौर उर्फ मोना, जसवंत सिंह उर्फ जस्सी, अनिरुद्ध दलवी, मुकेश तायडे और जोसेफ के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है।
इनमें से हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क मध्य प्रदेश से बाहर कई राज्यों तक फैला हुआ है। मामले की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने खुद को एक कथित अमेरिकी कंपनी ‘ए स्क्वेयर वर्ल्ड ग्लोबल कंसल्टेंसी’ से जुड़ा बताकर निवेशकों का भरोसा जीता।
लोगों को बताया गया कि कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग का कारोबार करती है और निवेश पर असाधारण लाभ देती है। इसी दावे के आधार पर बड़ी संख्या में लोगों से रकम जमा करवाई गई।
क्राइम ब्रांच गिरफ्तार महिला आरोपी और फरार आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और कथित कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के निवेश और लेन-देन के संकेत मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम दोनों बढ़ सकती हैं।
गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला बड़े होटलों में दिखाए जाते थे बड़े-बड़े सपने
यह भी पता चला है कि निवेशकों को जोड़ने के लिए इंदौर के बड़े होटलों में लगातार मीटिंग और सेमिनार आयोजित किए जाते थे। इन कार्यक्रमों में मंच से सफलता की कहानियां सुनाई जाती थीं, महंगे उपहार वितरित किए जाते थे और निवेश करने वालों को नए निवेशक जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था।
कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों को भी इस योजना से जोड़ दिया था। जांच में शामिल अधिकारियों के मुताबिक एक पीड़िता की पहचान आरोपी हरप्रीत कौर से सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी।
इसके बाद उसे एक होटल में आयोजित प्रस्तुति में बुलाया गया, जहां निवेश की पूरी योजना समझाई गई। बाद में शहर के एक बड़े होटल में आयोजित सेमिनार में सैकड़ों लोगों को संबोधित कर निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन अटकने जैसे बहाने बनाए
पीड़ितों का कहना है कि मार्च 2025 तक उन्हें नियमित रूप से मुनाफे का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन उसके बाद भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। जब निवेशकों ने अपने पैसे वापस मांगे तो कंपनी की वेबसाइट अपडेट होने, तकनीकी समस्या आने और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन अटकने जैसे बहाने बनाए गए।
कुछ समय बाद ऑनलाइन मीटिंग कर निवेशकों को आश्वासन दिया गया कि जल्द भुगतान शुरू होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जैसे-जैसे दबाव बढ़ता गया, निवेशकों को यह कहकर टालने की कोशिश की गई कि कंपनी वित्तीय संकट में है।
फोन उठाना बंद कर दिया
बाद में कई आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क से बाहर हो गए। इसके बाद पीड़ितों ने सामूहिक रूप से क्राइम ब्रांच का दरवाजा खटखटाया। पुलिस को जांच में ऐसे बैंक खातों की जानकारी मिली है जिनमें निवेशकों की बड़ी रकम जमा हुई थी।
प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन के संकेत मिले हैं। अब क्राइम ब्रांच बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन, क्रिप्टो वॉलेट और आरोपियों के बीच आर्थिक संबंधों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क के तार देश के अन्य शहरों या विदेशों तक जुड़े हुए हैं।
सेमिनार बने ठगी का माध्यम
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने इंदौर के कई बड़े होटलों में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सेमिनार और मीटिंग आयोजित की थीं। इन कार्यक्रमों में क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग से भारी मुनाफे का दावा किया जाता था।
निवेशकों को बताया जाता था कि उनकी रकम 100 दिनों में दोगुनी हो जाएगी। पुलिस अब इन आयोजनों में शामिल लोगों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
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