600 पन्नों की रिपोर्ट से तय होगी जवाबदेही: जहरीले जलकांड पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई
KHULASA FIRST
संवाददाता

36 मौतों के मामले में 7 जनहित याचिकाएं, नगर निगम-प्रशासन की लापरवाही पर उठेंगे सवाल, मुआवजे का मुद्दा भी अहम
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 36 लोगों की मौत के मामले में आज हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। मामले से जुड़ी सात जनहित याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की करीब 600 पन्नों की अंतिम रिपोर्ट सबसे अहम दस्तावेज रहेगी।
रिपोर्ट हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड हो चुकी है और याचिकाकर्ताओं समेत सभी पक्षकारों ने इसके निष्कर्षों का अध्ययन कर अपनी दलीलों की तैयारी कर ली है।
सुनवाई के दौरान आयोग की रिपोर्ट में सामने आई तकनीकी और प्रशासनिक खामियों को लेकर हाई कोर्ट में गंभीर सवाल उठ सकते हैं। रिपोर्ट में पाइपलाइन व्यवस्था, उसके रखरखाव, निगरानी व्यवस्था और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को समय पर नहीं बदले जाने समेत कई स्तरों पर कमियां सामने आने की बात कही गई है।
ऐसे में अब सवाल सिर्फ यह नहीं रहेगा कि दूषित पानी लोगों के घरों तक कैसे पहुंचा, बल्कि यह भी उठेगा कि जिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के स्तर पर लापरवाही सामने आई उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई।
हादसा एक दिन की चूक नहीं, व्यवस्था की लंबी नाकामी का सवाल: जांच रिपोर्ट में घटना को केवल एक दिन की तकनीकी चूक के बजाय लंबे समय से चली आ रही तकनीकी और प्रशासनिक कमियों से जोड़कर देखा गया है।
ऐसे में नगर निगम के साथ जिला प्रशासन की भूमिका और जवाबदेही भी सुनवाई के केंद्र में रह सकती है। कोर्ट सरकार से यह भी पूछ सकती है कि जांच रिपोर्ट में सामने आई जिम्मेदारियों के आधार पर क्या कदम उठाए गए और आगे ऐसी घटना रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की जा रही है।
36 परिवारों का दर्द, मुआवजे पर भी नजर
सुनवाई में हादसे में जान गंवाने वाले 36 लोगों के परिवारों और दूषित पानी से प्रभावित होकर बीमार हुए लोगों के मुआवजे का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहेगा। पीड़ित परिवारों की ओर से मुआवजा बढ़ाने और प्रभावित लोगों को उचित राहत देने की मांग उठाने की संभावना है।
इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही तय करने को लेकर भी निर्देश दिए जा सकते हैं।
रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद पहली बड़ी सुनवाई
एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद यह पहली महत्वपूर्ण सुनवाई है, जिसमें पक्षकार उसके निष्कर्षों के आधार पर अपनी दलीलें रखेंगे। इसलिए आज की सुनवाई पर खास नजर रहेगी।
परिजन बोले- अस्पताल से शव लाने के लिए भी पैसे देने पड़े
कांग्रेस कल भागीरथपुरा में हुए दूषित जल हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के घर पर पहुंची। इस दौरान जान गंवाने वालों के परिजन ने कहा कि इस घटना के दोषियों को सजा मिलना चाहिए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि इस घटना की जांच रिपोर्ट से हम संतुष्ट नहीं हैं।
भागीरथपुरा के जल हादसे पर न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे अपने साथियों के साथ भागीरथपुरा की घटना में जान गंवाने वाले लोगों के घर पहुंचे।
वहां जाकर उन्होंने इन लोगों से मुलाकात की और उन्हें जांच आयोग की रिपोर्ट की जानकारी दी। यह जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजन ने कहा कि इस घटना के लिए दोषी महापौर, पार्षद, विधायक, निगम आयुक्त को सजा मिलना चाहिए।
इन लोगों का कहना था कि अभी तक हमें कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया है। बहुत सारे परिवारों में तो एकमात्र कमाने वाले व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद भी हमारी सुध लेने में सरकार ने कोई रुचि नहीं दिखाई है।
घोषणा भी गलत साबित हुई
मृतकों के परिजन का कहना था कि सरकार ने घोषणा की थी कि अस्पताल में इलाज करने का खर्च सरकार द्वारा उठाया जाएगा। यह घोषणा भी गलत साबित हुई है। हम लोगों ने अपने परिवार के बीमार सदस्यों का जो इलाज कराया उसका पैसा खुद चुकाया है। इसके साथ ही हमने अपने परिवार के मृत व्यक्ति का शव अस्पताल से लेने के लिए भी पैसा दिया है। सरकार की ओर से हमें किसी भी स्तर पर कोई मदद नहीं मिली है।
संबंधित समाचार

जर्जर छात्रावासों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों स्टूडेंट्स; बोले- छत का प्लास्टर गिरने से डर का माहौल

गर्ल्स डिग्री कॉलेज में जमकर हंगामा:बीए के रिजल्ट पर मचा बवाल; 1316 छात्राओं में इतनों को दी सप्लीमेंट्री

मोमोज को लेकर विवाद:ठेले वाले ने छात्र पर फेंका खौलता तेल; चेहरा-कान झुलसे

जमीन मुक्त नहीं हुई तो उग्र आंदोलन तय:5.84 करोड़ जमा, फिर भी टालमटोल; 7 को ज्ञापन, 13 से आरपार का ऐलान

दूषित जल कांड मामला:अब इस तारीख को होगी अगली सुनवाई; याचिकाकर्ताओं ने कहा- रिपोर्ट का अध्ययन कर बहस के लिए समय जरूरी

350 करोड़ का प्रोजेक्ट:सवा किमी में 15 पिलर की खुदाई पूरी; 2028 तक निर्माण का लक्ष्य

स्कीम नं. 114 पार्ट-1 में शासकीय भूमि पर कब्जा:कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता को भगा रहे अधिकारी

निगम की अनदेखी से मुसीबत बना खुला नाला:हादसों का जिम्मेदार कौन

शहर के नामी होटल पर नगर निगम की कार्रवाई:लाखों रुपए का लगाया स्पॉट फाइन; मिली ये खामियां

पटवारी अपने विवादित वीडियो पर स्पष्टीकरण दें:यादव समाज

तय समय के बाद तक हैमर्स में झलके जाम तो थिरके लोग:देर रात कासा-कासा की धूम; सिस्टम खामोश

बंटी नागर की मौत के पीछे करोड़ों का जाल:खुलासा फर्स्ट ने जिन नामों का किया था खुलासा; पुलिस की जांच में वही नाम

सोयाबीन के भाव को लेकर किसानाें चक्काजाम:कहा- मंडी में 4400; बाहर 5200 से 5600 रुपए तक बिक रहा, विधायक ने लगाए साठगांठ के आरोप

पुलिस चौकी के पास कारों पर पथराव:बदमाशों ने मचाया का आतंक; शाम तक पुलिस रही बेखबर

पत्नी ने की पति की बेरहमी से हत्या:सोते समय सिर पर हथौड़ा मारा; फिर गला दबाया, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम

भाजपा में जंग से भोपाल तक गरमाई सियासत:उमंग सिंघार का ट्वीट- जब मुख्यमंत्री न किसी की सुनते हैं, न चलने देते हैं, तो अधिकारी क्यों सुनेंगे

नए जिलों का तेजी से विकास ही प्राथमिकता:सीएम डॉ. मोहन यादव

गर्लफ्रेंड का नेकलेस टूटने पर बौखलाया बॉयफ्रेंड:जला दी दूसरी युवती की एक्टिवा; नाबालिग सहित चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज है कई मामले

मुखबिरी के शक में युवक पर चाकू से हमला:हालत गंभीर; 15 दिन पहले ही जेल से छूटा था आरोपी

खुद को चाकू मारकर कजिन बहन से विवाद कर दी गालियां:परिजन बोले- आधा दर्जन केस, फिर भी पुलिस ने आपसी विवाद बताकर काटी एनसीआर
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!