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पार्क में बैठे कपल के साथ मारपीट: संत वेशधारी युवकों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा; लात-घूसे मारे, गालियां दी

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 जून 2026, 6:39 pm
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पार्क में बैठे कपल के साथ मारपीट

खुलासा फर्स्ट, अयोध्या।
एक युवक-युवती के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। तुलसी उद्यान में बैठे एक कपल को संत वेशधारी चार युवकों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पार्क में बैठे थे युवक-युवती
जानकारी के अनुसार, युवक और युवती अयोध्या के प्रसिद्ध तुलसी उद्यान में घूमने आए थे। इसी दौरान संत वेशधारी चार युवक वहां पहुंचे और दोनों के साथ विवाद करने लगे। देखते ही देखते उन्होंने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी।

जान बचाने के लिए भागा कपल
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि युवक और युवती खुद को बचाने के लिए पार्क के मुख्य द्वार की ओर भागते हैं, लेकिन आरोपियों ने उनका पीछा किया। गेट के बाहर सड़क पर युवक को दोबारा पकड़कर लात-घूंसों से पीटा गया।

युवक को बचाने के लिए युवती उससे लिपट गई, जिसके बाद आरोपियों ने उसके साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे और किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।

वीडियो वायरल होने पर पुलिस की कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी चक्रपाणि तिवारी ने बताया कि वीडियो के आधार पर दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान धर्मेंद्र दास और गुणकेश तिवारी के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से गोंडा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

आरोपियों ने दी यह सफाई
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि युवक-युवती पार्क में अश्लील हरकतें कर रहे थे, जिसे देखकर उन्होंने विरोध किया और मारपीट कर दी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किसी अखाड़े या धार्मिक संगठन से जुड़े हैं या नहीं।

संत समाज ने भी जताई नाराजगी
घटना को लेकर संत समाज के कई प्रतिनिधियों ने भी आपत्ति जताई है। संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि यदि किसी को आपत्ति थी तो युवक-युवती को समझाकर वहां से जाने के लिए कहा जा सकता था, लेकिन मारपीट किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

वहीं श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि अयोध्या एक धार्मिक और पर्यटन नगरी है, जहां आने वाले लोगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार निंदनीय है। उन्होंने कहा कि मर्यादा का पालन कराने के लिए संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए, हिंसा का नहीं।

पुलिस कर रही पहचान
पुलिस का कहना है कि अभी तक पीड़ित युवक-युवती की पहचान नहीं हो पाई है। वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है तथा अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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