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उच्च शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर निरंतर सुधार के कदम उठाएं जाए: मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने की उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 जून 2026, 6:08 pm
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उच्च शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर निरंतर सुधार के कदम उठाएं जाए

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की आवश्यकता के अनुसार नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएं। जिन सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महाविद्यालय संचालित हैं, वहां विद्यार्थी संख्या बढ़ने पर शिफ्ट व्यवस्था भी लागू करने पर विचार किया जाए।

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद अर्थात सैक के गठन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। रोजगार परक पाठ्यक्रमों पर फोकस किया जाए।

आने वाला वर्ष युवा वर्ष होगा, इस नाते संबंधित विभागों के साथ विद्यार्थियों के हित में नए कार्यक्रमों और प्रकल्प लागू करने की तैयारी भी रहे।

डॉ. यादव गुरुवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कृषि के स्नातक पाठ्क्रम की व्यवस्था कर इस विषय को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कृषि पाठ्यक्रम से प्रदेश के लगभग 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की सफलता के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई भी दी।

उन्होंने कहा किा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता में निरंतर सुधार के कदम उठाए जाएं। पीएमश्री सहित सभी महाविद्यालयों में भी शिक्षण और अन्य गतिविधियों का सुचारू संचालन होता रहे, इस पर ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने की दिशा में हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ किया गया है।

विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है।

प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं। गत वर्ष 83 नए शोध केंद्र प्रारंभ किए गए। आने वाले समय में 100 शोध केंद्र स्थापित होंगे। सकल नामंकन अनुपात (जीईआर) में प्रदेश ने भारत के 1.1 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले 1.8 की वृद्धि करने में सफलता प्राप्त की है।

इसी तरह गत ढाई वर्ष में नेशनल लॉ इन्स्टिट्यूट यूनिवर्सिटी में 27वीं और डीएवीवी इंदौर ने 49वीं रैंक प्राप्त की है। प्रदेश की तीन अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं को भी नेशनल इन्स्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क (एनआईआर एफ) द्वारा श्रेष्ठ व्यवस्थाओं के लिए सराहा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा छिन्दवाड़ा के राजा शंकर शाह विवि में अच्छे विषयों का समावेश करें इसके लिए राज्य सरकार सहयोग देगी। विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान के कोर्स के लिए व्यवस्था की जाए।

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