मुख्यमंत्री के बयान से इतिहास पर छिड़ी नई बहस: 'जहांगीर कभी ओरछा आए ही नहीं'
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ओरछा दौरे के दौरान दिए गए एक बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीति के साथ-साथ इतिहास के गलियारों में भी नई बहस छेड़ दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि "जहांगीर कभी ओरछा आए ही नहीं थे। महल का निर्माण राजा वीर सिंह देव ने कराया था। इसे सूर्यदेव मंदिर कहा जाता है।" उनके इस बयान के बाद जहांगीर महल के इतिहास और नामकरण को लेकर विवाद गहरा गया है।
ओरछा दौरे में दिया बयान
रामराजा लोक परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराजा लोक बनने के बाद ओरछा एक बड़े धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
इस दौरान उन्होंने जहांगीर महल के नाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि महल का निर्माण बुंदेला शासक राजा वीर सिंह देव ने कराया था और जहांगीर का ओरछा से कोई संबंध नहीं था।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार को ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर ही बयान देना चाहिए और इतिहास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों की राय को महत्व देना चाहिए।
इतिहास क्या कहता है?
बुंदेलखंड स्थित ओरछा का जहांगीर महल भारतीय स्थापत्य कला का महत्वपूर्ण स्मारक माना जाता है। प्रचलित ऐतिहासिक विवरणों और सरकारी पर्यटन साहित्य के अनुसार, बुंदेला शासक वीर सिंह देव और मुगल शहजादे सलीम (बाद में जहांगीर) के बीच घनिष्ठ राजनीतिक संबंध थे।
वर्ष 1602 में अबुल फजल की हत्या के बाद दोनों के संबंध और मजबूत हुए। वर्ष 1605 में सलीम मुगल सम्राट जहांगीर बने और उसी वर्ष वीर सिंह देव ओरछा के शासक बने।
सरकारी पर्यटन सामग्री और इन्क्रेडिबल इंडिया पोर्टल सहित कई ऐतिहासिक स्रोतों में उल्लेख मिलता है कि वीर सिंह देव ने जहांगीर के सम्मान और उनके कथित ओरछा आगमन की स्मृति में इस महल का निर्माण कराया था।
इतिहास बनाम राजनीति की बहस
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब यह मुद्दा केवल एक ऐतिहासिक इमारत के नाम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इतिहास की व्याख्या और उसके राजनीतिक संदर्भों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
एक ओर सरकार का दावा है कि महल का नाम और इतिहास नए सिरे से देखा जाना चाहिए, वहीं दूसरी ओर उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेज और सरकारी पर्यटन रिकॉर्ड अलग तस्वीर पेश करते हैं। ऐसे में यह विषय इतिहासकारों और विशेषज्ञों के बीच बहस का केंद्र बन गया है।
संबंधित समाचार

स्कीम 94 में चला नगर निगम का बुलडोजर

आंगनवाड़ी में बच्चों को पोषण आहार की जगह नमक-पूड़ी:वायरल वीडियो पर जांच शुरू

छात्राओं की काॅशन मनी खा गई हॉस्टल संचालिका:मांगने पर बनाती है अजब-गजब बहाने

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई:पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

वीडियो देखिये, राज्यसभा में पेपर लीक मुद्दे पर खरगे का सरकार पर हमला:बोले- केवल सजा बढ़ाने से नहीं रुकेगी गड़बड़ी

बाघ संरक्षण मॉडल दुनिया के लिए मिसाल:जंगल से गांव तक दिख रहा बदलाव

रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर:इतने हजार की घूस पर लोकायुक्त की कार्रवाई; एक दिन बाद होने वाला था रिटायरमेंट

वीडियो देखिये, प्रदेश में निवेश को मिलेगी नई रफ्तार:मुख्यमंत्री बोले- ग्वालियर को बड़ी सौगात; टेलीकॉम और डिफेंस सेक्टर में हजारों करोड़ का निवेश

किसानों का आंदोलन आज समाप्त होने के आसार:60% मूंग खरीदी का ऐलान

सावन के पहले दिन बाबा की नगरी में झमाझम बारिश:दो घंटे तक बरसे मेघ; कई इलाकों में जलभराव और जाम

फर्जी एनओसी मामले में तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन यंत्री हुआ गिरफ्तार:अवंतिका गैस एजेंसी प्रकरण में एमपीआईडीसी के तत्कालीन अधिकारी से पूछताछ

नीट पेपर लीक आंदोलन से जुड़े बड़े चेहरे का दावा:'इस पार्टी में शामिल होने का ऑफर मिला; लेकिन कभी जॉइन नहीं करूंगा'

सड़क निर्माण एजेंसी का ठेका निरस्त करने के निर्देश:लापरवाह इंजीनियरों को थमाया नोटिस

भाजयुमो अध्यक्ष पद को लेकर मंथन तेज:दतिया चुनाव के बाद हो सकती है घोषणा; ये नाम सबसे आगे

नगर निगम और सिनेमा मालिक आमने-सामने

वीडियो देखिये, वंदे भारत ट्रेन में सवार होकर कहां जा रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक:देश की रेल व्यवस्था पर गर्व जताया; अब लद्दाख की यात्रा पर

वाटर हाॅर्वेस्टिंग और शिकायतों पर आयुक्त हुए सख्त:क्षितिज सिंघल ने ली मैराथन समीक्षा बैठक

ट्रेंचिंग ग्राउंड टंकी में दो दिन से पड़ा हुआ है मरा हुआ कुत्ता:सड़ा हुआ पानी पी रहे पीएम आवास योजना के रहवासी

पीओके को 'पाकिस्तानी कश्मीर' लिखने पर भारत की आपत्ति:कहा; यह हमारा अभिन्न हिस्सा

हथियार सप्लाई चेन पर एसटीएफ ने बोला धावा:पांच देसी पिस्टलों के साथ दो तस्कर दबोचे
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!