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बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले- कृषि वर्ष-2026 में ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ के लक्ष्य को करें साकार

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 जनवरी 2026, 9:25 पूर्वाह्न
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बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले- कृषि वर्ष-2026 में ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ के लक्ष्य को करें साकार

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में कृषि वर्ष-2026 के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष-2026 को मध्य प्रदेश में कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और इस अवसर को किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए प्रभावी रूप से उपयोग किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विविध जलवायु जोन, पर्याप्त सिंचाई सुविधाएं और बेहतर सड़क नेटवर्क उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लेकर ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि कृषि वर्ष-2026 के तहत शुरू की जाने वाली सभी गतिविधियां तीन साल का स्पष्ट लक्ष्य तय कर संचालित की जाएं। किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार सृजन को केंद्र में रखते हुए कृषि यंत्रीकरण, किसानों के क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, उद्यानिकी विस्तार और एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) निर्माण जैसी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने सस्ती ब्याज दर पर ऋण, माइक्रो इरीगेशन, बेहतर बाजार नेटवर्क, उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था, पशुपालन और मछली पालन को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए विशेष प्रयास किए जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु अनुकूल कृषि प्रबंधन, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, श्रीअन्न उत्पादन, जैव विविधता संरक्षण, परंपरागत कृषि ज्ञान, प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत कर प्रदेश के कृषि उत्पादों की राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

किसानों को अन्य राज्यों और इजराइल, ब्राजील में हो रहे कृषि नवाचारों से अवगत कराने के लिए अध्ययन भ्रमण के निर्देश दिए व कहा लक्ष्य प्राप्ति के लिए किसान कल्याण, सहकारिता, पशुपालन एवं डेयरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मत्स्य विकास और सिंचाई विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।

फूलों की खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने भोपाल में आयोजित होने वाले गुलाब महोत्सव को पुष्प महोत्सव के रूप में विस्तार देने और प्रदेश के सभी जिलों में फूलों की खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन जिले में 100 एकड़ क्षेत्र में फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने पराली प्रबंधन, एफपीओ को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने और सहकारिता आधारित कृषि स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने की भी बात कही।

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