साहब के रिटायरमेंट से पहले खेला खेल: क्या बच पाएंगे चाचा-भतीजे
KHULASA FIRST
संवाददाता

करोड़ों की जीएसटी चोरी में एफआईआर निरस्ती याचिका पर गुटखा माफिया, टैक्स चोर किशोर का नया पैंतरा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी करने वाले गुटखा माफिया, टैक्स चोर किशोर वाधवानी और उसके भतीजे आरोपी नितेश वाधवानी ने हमेशा कानूनी दाव-पेंच अपनाकर अपने आप को बचाने का प्रयास लगातार करते नजर आते हैं।
हाल ही में करीब 300 करोड़ रुपए से अधिक जीएसटी टैक्स चोरी के मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त कराने के लिए चाचा-भतीजे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
मामले में सबसे खास बात यह रही कि न्याय देने वाले न्यायमूर्ति के समक्ष दोनों चालबाज चाचा-भतीजे ने याचिका दायर की है, जिनका कुछ दिन बाद ही रिटायरमेंट होने वाला है।
इस याचिका को लेकर कारोबारी और कानूनी हलकों में विशेष रुचि बनी हुई है, क्योंकि इस प्रकरण से जुड़ा धन शोधन निवारण अधिनियम का मामला भी वर्तमान में विशेष न्यायालय में विचाराधीन है।
अगर न्यायमूर्ति इस याचिका को फिर निरस्त कर देते हैं तो निचली अदालत में चल रहा चाचा-भतीजे के खिलाफ प्रकरण काफी प्रभावित होगा। जानकारी के अनुसार इंदौर इकाई की ओर से करोड़ों रुपए की कथित जीएसटी अनियमितताओं की जांच के बाद थाना तुकोगंज में 10 फरवरी 2021 को अपराध क्रमांक 88/21 दर्ज कराया गया था।
प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120-बी के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था। इस मामले में आरोपी नितेश वाधवानी ने हाईकोर्ट में एफआईआर निरस्तीकरण की याचिका प्रस्तुत की है।
न्यायालयीन अभिलेखों के अनुसार, याचिका मई 2026 में प्रस्तुत की गई थी और इसके बाद मामले में विभिन्न तिथियों पर सुनवाई हुई। अब इस याचिका पर अंतिम रूप से सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि एफआईआर निरस्तीकरण को लेकर कोई महत्वपूर्ण आदेश पारित होता है तो उसका प्रभाव इस पूरे मामले की आगामी कानूनी प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।
नितेश को वेतन एवं अन्य मदों में बड़ी राशि मिली
ईडी की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 के दौरान नितेश वाधवानी को वेतन एवं अन्य मदों में बड़ी राशि प्राप्त हुई थी। जांच एजेंसी ने इन वित्तीय लेनदेन की प्रकृति और स्रोतों की पड़ताल करते हुए उन्हें अपनी जांच का हिस्सा बनाया। एजेंसी का दावा है कि संबंधित लेनदेन कथित अपराध से अर्जित आय से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा ही किया जाना है।
निचली अदालत के फैसले पर पड़ेगा फर्क
ईडी की ओर से दर्ज प्रकरण वर्तमान में विशेष न्यायालय, इंदौर में विचाराधीन है। इस कारण कानूनी विशेषज्ञों की नजर हाई कोर्ट में लंबित एफआईआर निरस्तीकरण याचिका पर भी टिकी हुई है। उनका मानना है कि मूल आपराधिक प्रकरण में होने वाले किसी भी महत्वपूर्ण न्यायिक आदेश का प्रभाव आगे की कानूनी रणनीति और कार्यवाही पर पड़ सकता है।
मामले की सुनवाई को लेकर विभिन्न पक्षों में उत्सुकता बनी हुई है। एक ओर जहां याचिकाकर्ता पक्ष एफआईआर को निरस्त करने की मांग कर रहा है, वहीं जांच एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर की गई कार्रवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न्यायालय सभी तथ्यों, दस्तावेजों, जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड तथा दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद ही निर्णय देता है, इसलिए इस मामले में आने वाला कोई भी आदेश भविष्य की न्यायिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल करोड़ों रुपए की कथित जीएसटी चोरी, वित्तीय लेनदेन और धन शोधन से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण पर सभी की नजरें हाई कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं। न्यायालय का निर्णय न केवल इस एफआईआर की स्थिति स्पष्ट करेगा, बल्कि इससे जुड़े अन्य लंबित मामलों की दिशा भी तय कर सकता है।
ईडी ने जांच में बताया था नितेश वाधवानी को दोषी
इस प्रकरण का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई कार्रवाई है। ईडी ने अपने धन शोधन निवारण अधिनियम से जुड़े प्रकरण में नितेश वाधवानी की भूमिका का उल्लेख किया है।
जांच एजेंसी द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार नितेश वाधवानी वर्ष 2022 तक संबंधित कंपनी में निदेशक था और कंपनी से वित्तीय लेनदेन प्राप्त करने संबंधी तथ्य जांच का हिस्सा रहा है।
संबंधित समाचार

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त:सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा; अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, कलेक्टर के निर्देश की अनदेखी पर कटेगा वेतन

जर्जर छात्रावासों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों स्टूडेंट्स; बोले- छत का प्लास्टर गिरने से डर का माहौल

गर्ल्स डिग्री कॉलेज में जमकर हंगामा:बीए के रिजल्ट पर मचा बवाल; 1316 छात्राओं में इतनों को दी सप्लीमेंट्री

मोमोज को लेकर विवाद:ठेले वाले ने छात्र पर फेंका खौलता तेल; चेहरा-कान झुलसे

जमीन मुक्त नहीं हुई तो उग्र आंदोलन तय:5.84 करोड़ जमा, फिर भी टालमटोल; 7 को ज्ञापन, 13 से आरपार का ऐलान

600 पन्नों की रिपोर्ट से तय होगी जवाबदेही:जहरीले जलकांड पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई

दूषित जल कांड मामला:अब इस तारीख को होगी अगली सुनवाई; याचिकाकर्ताओं ने कहा- रिपोर्ट का अध्ययन कर बहस के लिए समय जरूरी

350 करोड़ का प्रोजेक्ट:सवा किमी में 15 पिलर की खुदाई पूरी; 2028 तक निर्माण का लक्ष्य

स्कीम नं. 114 पार्ट-1 में शासकीय भूमि पर कब्जा:कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता को भगा रहे अधिकारी

निगम की अनदेखी से मुसीबत बना खुला नाला:हादसों का जिम्मेदार कौन

शहर के नामी होटल पर नगर निगम की कार्रवाई:लाखों रुपए का लगाया स्पॉट फाइन; मिली ये खामियां

पटवारी अपने विवादित वीडियो पर स्पष्टीकरण दें:यादव समाज

तय समय के बाद तक हैमर्स में झलके जाम तो थिरके लोग:देर रात कासा-कासा की धूम; सिस्टम खामोश

बंटी नागर की मौत के पीछे करोड़ों का जाल:खुलासा फर्स्ट ने जिन नामों का किया था खुलासा; पुलिस की जांच में वही नाम

सोयाबीन के भाव को लेकर किसानाें चक्काजाम:कहा- मंडी में 4400; बाहर 5200 से 5600 रुपए तक बिक रहा, विधायक ने लगाए साठगांठ के आरोप

पुलिस चौकी के पास कारों पर पथराव:बदमाशों ने मचाया का आतंक; शाम तक पुलिस रही बेखबर

पत्नी ने की पति की बेरहमी से हत्या:सोते समय सिर पर हथौड़ा मारा; फिर गला दबाया, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम

भाजपा में जंग से भोपाल तक गरमाई सियासत:उमंग सिंघार का ट्वीट- जब मुख्यमंत्री न किसी की सुनते हैं, न चलने देते हैं, तो अधिकारी क्यों सुनेंगे

नए जिलों का तेजी से विकास ही प्राथमिकता:सीएम डॉ. मोहन यादव

गर्लफ्रेंड का नेकलेस टूटने पर बौखलाया बॉयफ्रेंड:जला दी दूसरी युवती की एक्टिवा; नाबालिग सहित चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज है कई मामले
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!