400 ओल्ड डेलियंस ने की पारेख को हटाने की मांग: डेली कॉलेज में जबरन प्रवेश की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
डेली कॉलेज परिसर में हाल ही में हुई जबरन प्रवेश की घटना ने जहां एक ओर संस्था की गरिमा और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर ओल्ड डेलियंस के एक बड़े वर्ग ने इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट और कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है।
डीसी सोसायटी के अनुसार एक निर्धारित बैठक के लिए केवल पांच प्रतिनिधियों को अनुमति दी गई थी, लेकिन इसके विपरीत संदीप पारेख के नेतृत्व में लगभग 35-40 लोगों का समूह विद्यालय परिसर में पहुंच गया।
यह घटना उस समय हुई जब परिसर में विद्यार्थी और छोटे बच्चे मौजूद थे। सोसायटी ने इसे एक सुनियोजित दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए कहा कि इस प्रकार का व्यवहार न केवल अनुचित है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण के लिए भी गंभीर खतरा है।
हस्ताक्षरित शिकायत प्रस्तुत की
सोसायटी का कहना है कि विद्यालय परिसर किसी भी प्रकार के शक्ति प्रदर्शन या दबाव की राजनीति का स्थान नहीं है। सीमित प्रतिनिधिमंडल की सहमति के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का प्रवेश संवाद की भावना के विपरीत है और यह संस्था की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने का प्रयास दर्शाता है।
इसी घटनाक्रम के बीच एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि करीब 400 ओल्ड डेलियंस ने हस्ताक्षरित शिकायत प्रस्तुत कर संदीप पारेख को तत्काल प्रभाव से बोर्ड से हटाने की मांग की है। यह शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी जा रही है, ताकि इस मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सख्त कदम उठाए जाएंगे... सोसायटी का मानना है संवाद और तथ्य ही किसी भी भ्रम का समाधान हैं, और संस्था की प्राथमिकता यही है कि हर हितधारक को सही परिप्रेक्ष्य समझ में आए तथा डेली कॉलेज के विकास और भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की स्पष्ट जानकारी मिले।
डेली कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस प्रकार का दबावपूर्ण और अनुशासनहीन व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस घटना में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
संस्था टकराव नहीं, समाधान में विश्वास रखती है
सोसायटी के अनुसार इस प्रकार के प्रयास केवल भ्रम फैलाने और दबाव बनाने के लिए किए जा रहे हैं, जिनका तथ्यों और वैधानिक प्रक्रिया से संबंध नहीं है। इसके बावजूद कॉलेज बोर्ड का रुख सहयोगात्मक और सकारात्मक है। सोसायटी ने स्पष्ट किया कि संस्था टकराव नहीं, समाधान में विश्वास रखती है।
जिन ओल्ड डेलियंस के बीच किसी प्रकार की भ्रांतियां या गलतफहमियां उत्पन्न हुई हैं उन्हें दूर करने के लिए बोर्ड शीघ्र ही एक बैठक आयोजित करेगा, जिसमें संबंधित ओल्ड डेलियंस को आमंत्रित कर तथ्यों के आधार पर सभी मुद्दों का स्पष्ट और पारदर्शी स्पष्टीकरण दिया जाएगा।
कालेज के विद्यार्थियों के साथ मजबूती से खड़ी है सोसायटी
सोसायटी ने यह भी दोहराया कि वह विद्यालय की प्राचार्या, बोर्ड, शिक्षकों और विशेष रूप से विद्यार्थियों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। विद्यार्थियों की सुरक्षा, सम्मान और शिक्षा का अधिकार सर्वोपरि है और इसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
अंत में सोसायटी ने कहा कि जहां एक ओर कुछ लोग दबाव और भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में जिम्मेदार ओल्ड डेलियंस संस्था की गरिमा और सही व्यवस्था के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं। यही संस्था की वास्तविक ताकत और भविष्य की दिशा भी है।
संस्था की छवि को नुकसान पहुंच रहा
शिकायत में ओल्ड डेलियंस ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि संदीप पारेख द्वारा किया जा रहा आचरण और उनकी गतिविधियां संस्था की गरिमा, अनुशासन और दीर्घकालिक हितों के विरुद्ध हैं। एक बड़े वर्ग का मानना है कि व्यक्तिगत एजेंडा और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण संस्था की छवि को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
सोसायटी ने यह भी स्पष्ट किया कि परिसर में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल द्वारा जो पत्र सौंपा गया उसमें ठोस तथ्यों के स्थान पर सामान्य आरोप और आशंकाएं ही व्यक्त की गई हैं, जबकि इन सभी विषयों पर पहले ही आधिकारिक दस्तावेजों के माध्यम से विस्तृत और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण दिया जा चुका है।
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