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डूब रहे हैं, बचा लो: छोटी बहन को लगाया था आखिरी कॉल; दिल्ली की युवती को नहीं मिली कहीं से मदद

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 मई 2026, 3:57 pm
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डूब रहे हैं, बचा लो

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
हादसे में मृत दिल्ली की युवती ने बहन को लगाया था आखिरी वीडियो कॉल।

हादसे में तीन लोग वेस्ट दिल्ली के मायापुरी स्थित खजान बस्ती के थे। तीनों एक ही परिवार के थे, जिनमें मां, उसकी बेटी और उसका छोटा सा बेटा शामिल है. परिवार के कुल 6 लोग पारिवारिक समारोह के लिए जबलपुर गए थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई।

मृतक की छोटी बहन ने बताया कि मेरी मम्मी, बड़ी बहन और उनका बेटा जहान पारिवारिक समारोह के लिए जबलपुर गए थे। वहां से बरगी डैम घूमने गए थे। उन्होंने वीडियो कॉल करके बताया और सब कुछ बहुत ही अच्छा था, तो मैंने कहा वीडियो बनाकर भेजो। आगे बात करती हूं।

इसके बाद 6.07 पर बहन का कॉल आया, जिसमें वह जोर-जोर से चिल्ला रही थी कि हम डूब रहे हैं. हमें बचा लो. हमारे लिए प्रेयर करो. इसके बाद उनसे मेरा कोई संपर्क नहीं हो पाया. करीब 7 बजे फोन आया कि मम्मी नहीं रहीं. मेरी मम्मी, पापा, बड़ी दीदी, जीजू, उनके दो बच्चे, कुल 6 लोग गए थे. तीन लोग अभी सुरक्षित हैं और तीन लोग अब नहीं है।

मृतक की बहन ने कहा मैंने वीडियो कॉल किया था। नोटिस किया था परिजन क्रूज के बीचों बीच थे, तो उन्होंने कोई लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी. बाद में जब क्रूज डूब रहा था, तो उन लोगों ने अपने आप खींच-खींच के लाइफ जैकेट पहनी. इसमें कुछ लोग जैकेट नहीं पहन पाए. जब लहरें तेज हुईं, तो लाइफ जैकेट बांटनी शुरू कर दीं. इसमें साफ लापरवाही है कि पहले लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई।

सेना ने रेस्क्यू के लिए रातोरात बनाई सड़क
सेना ने साहस और तकनीक का अद्भुत उदाहरण पेश किया। सीमित संसाधनों और दुर्गम हालात के बीच सेना के जवानों ने रातों-रात रेस्क्यू ऑपरेशन को गति दी। कई जिंदगियों को बचाने में अहम भूमिका निभाई।

चट्टानों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बीच भारी मशीनों को पहुंचाने के लिए 500 मीटर लंबा कच्चा रास्ता तैयार किया गया। इस कार्रवाई ने असंभव लग रहे बचाव कार्य को संभव बना दिया। सेना की तत्परता ने उम्मीद की नई किरण जगाई।

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