कौशल्यापुरी में गहराया जलसंकट: 3-4 महीनों से नहीं पहुंच रहा मां नर्मदा का अमृत
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्वच्छता और बेहतर शहरी सुविधाओं के लिए पहचान बनाने वाले इंदौर शहर में अब कई क्षेत्रों के रहवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। चितावद रोड स्थित कौशल्यापुरी कॉलोनी (वार्ड क्रमांक 64, जोन क्रमांक 18) के नागरिक पिछले 3 से 4 महीनों से गंभीर जलसंकट का सामना कर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नियमित जलापूर्ति नहीं होने से उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
शिकायत के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं
स्थानीय रहवासी जितेश जोशी, जीवन पाठक, रामनारायण कुशवाह सहित अन्य नागरिकों ने जलसंकट को लेकर कई बार शिकायत दर्ज कराई है तथा लिखित आवेदन भी सौंपे हैं। यह आवेदन महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला और पार्षद मनीष शर्मा (मामा) को दिए गए हैं।
इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो रही है। कई घरों तक पानी पहुंच ही नहीं रहा, जबकि कुछ स्थानों पर सीमित मात्रा में जलापूर्ति की जा रही है।
लोगों का कहना है कि कॉलोनी में कुछ प्रभावशाली लोगों ने बड़ी क्षमता की मोटरें लगा रखी हैं, जिससे पानी का वितरण असंतुलित हो गया है और अंतिम छोर तक रहने वाले परिवारों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
जल वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच हो... अब क्षेत्र के नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जल वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध मोटरों पर कार्रवाई की जाए और कौशल्यापुरी क्षेत्र में नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
सवाल यह है कि जब नागरिक महीनों से पानी के लिए परेशान हैं, तो आखिर उनकी सुनवाई कब होगी? क्या नगर निगम और जनप्रतिनिधि इस जल संकट का स्थायी समाधान निकाल पाएंगे या फिर रहवासियों को यूं ही पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा?
कुछ रहवासियों का यह भी कहना है कि शिकायत करने वालों पर आवेदन वापस लेने के लिए बाहरी दबाव बनाया जाता है, जिससे नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि जब पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी बार-बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाने पड़ें, तो शहर की विकास योजनाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
टैंकर दो-तीन मिनट ही पानी सप्लाई कर रहे
क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि पानी के टैंकर केवल दो-तीन मिनट तक ही पानी की सप्लाई करते हैं, जिससे अधिकांश परिवारों की जरूरत पूरी नहीं हो पाती। शिकायतों के बावजूद कार्यपालन यंत्री द्वारा फोन नहीं उठाने और निगम प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है।
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