हजारों कार्यकर्ताओं पर संकट: हजारों करोड़ के भुगतान आदेश को चुनौती देगी सरकार; इस कोर्ट की ओर निगाहेें
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश की करीब 96 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के एरियर भुगतान पर एक बार फिर अनिश्चितता के बादल मंडरा गए हैं। राज्य सरकार ने जबलपुर हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है, जिसमें करीब 1400 करोड़ रुपए के एरियर भुगतान का आदेश बरकरार रखा गया था।
हाईकोर्ट की युगलपीठ ने एरियर भुगतान के मूल आदेश को सही ठहराया था। अब सरकार इस फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
क्या है पूरा मामला?
विवाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय से जुड़ा है। केंद्र सरकार की इस योजना में मानदेय का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार के साझा अंशदान से होता है।
वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1,500 रुपए की वृद्धि की थी। इसके बाद कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार रुपए और सहायिकाओं का 7 हजार रुपए हो गया था।
आरोप है कि 2019 में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार ने अपने हिस्से का अंशदान कम कर दिया, जिससे कार्यकर्ताओं को मिलने वाला मानदेय घटकर लगभग 5,500 रुपए रह गया।
हाईकोर्ट की एकल पीठ ने क्या कहा था?
आंगनबाड़ी संगठन ने इस कटौती को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 3 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने राज्य सरकार की कार्रवाई को अवैध बताते हुए जून 2019 से जून 2023 तक के 48 महीने का एरियर 6 प्रतिशत ब्याज सहित देने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रेच्युटी का लाभ देने के भी निर्देश दिए थे। एरियर की कुल राशि लगभग 1,400 करोड़ रुपए आंकी गई थी।
युगलपीठ ने किस बात पर दी राहत?
राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी, जिसके बाद जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई की। युगलपीठ ने एरियर भुगतान और मानदेय बहाली के आदेश को बरकरार रखा, लेकिन 6 प्रतिशत ब्याज देने के निर्देश को हटा दिया। इससे राज्य सरकार को लगभग 300 करोड़ रुपए की राहत मिलने का अनुमान है।
अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार
युगलपीठ द्वारा मूल आदेश बरकरार रखने के बाद भी सरकार को करीब 1,400 करोड़ रुपए का एरियर भुगतान करना होगा। इसी आदेश को चुनौती देने के लिए राज्य सरकार अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। यदि मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचता है, तो अंतिम निर्णय आने तक एरियर भुगतान में और देरी हो सकती है।
96 हजार कार्यकर्ताओं की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर
सरकार के फैसले के बाद प्रदेश की करीब 96 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को एरियर मिलने का इंतजार लंबा हो सकता है। हालांकि, ग्रेच्युटी संबंधी हाईकोर्ट का आदेश फिलहाल प्रभावी बना हुआ है। अब इस पूरे विवाद की दिशा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से तय होगी.
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