राज्य के जेन-एक्स को जेन-जी पर भरोसा और उम्मीद: आजादी के 80 वर्ष; मुख्यमंत्री के संबोधन के राजनीतिक मायने
KHULASA FIRST
संवाददाता

डॉ. संतोष पाटीदार 93400-81331 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावी चक्र से डेढ़-दो साल पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद की राजनीति के साथ राजकाज और अपनी सरकार को चाक-चौबंद करने के लिए कमर कसते नजर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री की पीढ़ी जेन-एक्स में आती है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं पर पूरा भरोसा जताया है। यानी जेन-एक्स को अपने जेन-जी पर पूरा यकीन है कि यह नौजवान पीढ़ी प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और पर्यावरण विकास का संबल है। प्रदेश की युवा ताकत राज्य के साथ-साथ देश में भी धूम मचाएगी, इस विश्वास के कारण ही उन्होंने युवा वर्ष की भी घोषणा की है।
पीढ़ी-वर्गीकरण की तकनीकी भाषा में 61 वर्षीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जेनरेशन एक्स (जेन-एक्स) में शामिल हैं, जिनका जन्म 1965-1980 के बीच हुआ है। वहीं जेनरेशन जेड, जिसका जन्म लगभग 1997-2012 के दरमियान का है, वह युवा पीढ़ी जेन-जी है। इस वर्गीकरण में यदि आजादी को देखें तो 1947 में स्वतंत्र हुआ देश, बेबी बूमर जन्म लगभग 1946-1964 वाली पीढ़ी में शामिल है।
जैसा इस वर्ष किसान कल्याण वर्ष घोषित हुआ है और इस वर्ष में मुख्यमंत्री लगातार खेती-किसानी आधारित मजदूर वर्ग और फसलों के उचित मूल्य की नीति पर लगातार जमीनी काम कर रहे हैं। इस दिशा में भूमि अधिग्रहण के बदले चार गुना मुआवजा की नीति बहुत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री के भाषण में यह भी स्पष्ट है कि ‘अगले ढाई साल का एजेंडा तय करने वाला नेता’ बताता है कि उसे अपने और अपने मजबूत नेतृत्व तथा मजबूत सरकार पर पूरा भरोसा है। उनके विचारों और भाषण से यह भी साफ होता है कि हाईकमान और प्रधानमंत्री के साथ ही संगठन और संघ का उन पर भरोसा और मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री का दूरदर्शी संबोधन यह भी बताता है कि उन्हें अपने कार्यकाल की निरंतरता का भी पूरा भरोसा है।
मुख्यमंत्री का उम्मीदभरा यह संबोधन उस समय आया है, जब देश में युवा, ग्रामीण कृषक आदि वर्ग केंद्र सरकार की कुछ, लेकिन महत्वपूर्ण नीतियों से खफा है। भाजपा विरोधी वातावरण के बीच मुख्यमंत्री को प्रदेश में विपक्ष से तो कोई चुनौती नहीं है, लेकिन भाजपा के अंतर्विरोध से उनकी सरकार प्रभावित होती रहती है।
बावजूद इसके वह सफलतापूर्वक सत्ता और संगठन के बीच संतुलन कायम करते हुए आगे बढ़ते जा रहे हैं। हाईकमान की ओर से उन पर कोई दबाव नहीं दिख रहा। जैसा अक्सर प्रचारित किया जाता रहता है।
इसका जवाब उनके स्वाधीनता दिवस के भाषण में नजर आता है। प्रदेश के नाम उनके संदेश के राजनीतिक मायने जो कुछ भी हों, लेकिन शुरू से ही मुख्यमंत्री युवा वर्ग और ग्रामीण, किसान, मजदूर, पर्यावरण व प्रगति के प्रति कुछ न कुछ नीतिगत फैसला करते रहे हैं।
इससे भी स्पष्ट है कि उन्होंने अपने संबोधन में दावा किया है कि ‘अगले वर्ष एक लाख नौकरियां’, ‘2027 युवा वर्ष’ जैसी घोषणाएं महज स्वतंत्रता दिवस की औपचारिकता नहीं, बल्कि आगामी चुनावी-चक्र को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एजेंडा प्रतीत होता है।
युवा और किसान दोनों निर्णायक वर्गों को साधने की कोशिश साफ झलकती है, जो यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री खुद को एक स्थिर, दीर्घकालिक नेतृत्व के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं। हालांकि भाषण में व्यक्त दावे और वादे सरकारी तंत्र के चक्कर में जमीन पर नहीं उतर पाते।
घोषणाएं और वास्तविक जमीनी क्रियान्वयन के बीच फासला अक्सर बड़ा होता है। घोषित लक्ष्यों को धरातल पर उतारना और उनका लाभ आम जनता तक पहुंचाना सरकार के सामने असली चुनौती है।
मौसम और खेती-किसानी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बारिश की गति बढ़ने पर संतोष जताया और कहा कि अच्छी बारिश से किसानों तथा आम नागरिकों को राहत मिली है। यह टिप्पणी संकेत देती है कि सरकार मानसून की स्थिति को लेकर सहज है, जो ग्रामीण मतदाताओं के मूड को सीधे प्रभावित करने वाला विषय है।
भाषण का सबसे बड़ा एेलान युवाओं को लेकर रहा। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 को मध्य प्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की और कहा कि आने वाले ढाई वर्षों में रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और निवेश पर बड़े स्तर पर काम होगा।
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र में हर साल एक लाख से अधिक रोजगार अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा, साथ ही दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में 85 हजार से अधिक युवाओं को शासकीय सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त ‘मिशन GYANII’ पर फोकस की बात भी सामने आई।
आर्थिक और औद्योगिक विकास के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने धार में पीएम मित्र पार्क और ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का जिक्र करते हुए औद्योगिक विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा में प्रदेश की प्रगति गिनाई।
कूटनीतिक स्तर पर जून 2026 में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों और अगस्त 2026 में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक की मेजबानी को उन्होंने प्रदेश को ‘विश्व मानचित्र पर नई चमक’ देने वाला बताया।
भाषण में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), वन, धर्म-संस्कृति और पुलिसबल में भर्ती-पदोन्नति जैसे विषय भी शामिल किए गए, जो सरकार के व्यापक शासन-एजेंडा को रेखांकित करते हैं।
तथ्यात्मक रूप से भाषण आत्मविश्वास और दीर्घकालिक योजनाएं मजबूत प्रतिज्ञा का संकेत हैं। माना जा रहा है कि यादव की स्थिति पार्टी हाईकमान या प्रतिद्वंद्वी भाजपा नेताओं के मुकाबले निर्णायक रूप से मजबूत हो चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में बारिश की गति बढ़ने पर प्रसन्नता जताई और कहा कि अच्छी बारिश से किसानों व आम नागरिकों को राहत मिली है।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जो संबोधन दिया, वह महज रस्मी उत्सव-भाषण न होकर आने वाले ढाई वर्षों का एक स्पष्ट रोडमैप जैसा नजर आया।
राजनीतिक विश्लेषण करने वाले जानकार कहते हैं ध्वजारोहण और परेड की सलामी के बाद अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास, निवेश, किसान और युवाओं से जुड़ी कई घोषणाएं और उपलब्धियां गिनाईं, जिनसे उनके आत्मविश्वास और आगे की राजनीतिक रणनीति दोनों की झलक मिलती है। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह भाषण में ठोस उपलब्धि से आगे दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है।
बड़ी घोषणाएं (2027 तक का रोडमैप):
2027 को मध्य प्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और निवेश पर आगामी ढाई साल में बड़े स्तर पर काम करने की बात कही गई, साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र में हर साल एक लाख से ज्यादा रोजगार का लक्ष्य रखा गया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। मिशन ‘GYANII’ पर फोकस की घोषणा (शासन-प्रशासन में तकनीक/नवाचार केंद्रित पहल के रूप में प्रचारित)। संदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), किसान, खेत, निवेश, शिक्षा, युवा, वन, धर्म-संस्कृति सहित हर क्षेत्र का जिक्र किया गया।
उपलब्धियां जो गिनाई गईं
धार में पीएम मित्र पार्क और ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में तेज प्रगति।
जून 2026 में ब्रिक्स कृषि मंत्रियों और अगस्त 2026 में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक की मेजबानी, जिसे मुख्यमंत्री ने ‘प्रदेश को दुनिया के मानचित्र पर नई चमक’ देने वाला बताया।
विगत ढाई वर्ष में पुलिस में बड़े पैमाने पर भर्ती और पदोन्नति का उल्लेख।
18 अगस्त 2026 से संत रविदास की 650वीं जयंती राज्यव्यापी उत्सव के रूप में मनाई जाएगी।
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