खबर
Top News

जेन-जी के भरोसेमंद लीडर राहुल गांधी: ‘छात्रों की गूंज’ में प्रदेशभर से पहुंचे विद्यार्थी

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 सितंबर 2026, 2:57 pm
शेयर करें:
जेन-जी के भरोसेमंद लीडर राहुल गांधी

एमपीपीएससी व्यापमं, भर्ती में देरी, 13% होल्ड, हॉस्टल और विश्वविद्यालयों की बदहाली पर उठे सवाल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देश के सबसे स्वच्छ शहर की फिजाओं में कल युवा सवालों की गूंज सुनाई दी। मंच था आईडीए ग्राउंड पर आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का और सामने थे मध्य प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे छात्र-छात्राएं।

शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रिया, हॉस्टल, विश्वविद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों ने कार्यक्रम को राजनीतिक संवाद के साथ-साथ छात्र समस्याओं के बड़े मंच में बदल दिया।

छात्रों ने कहा हजारों पद खाली होने के बाद भी सरकार नियमित भर्ती नहीं कर रही है। छात्रों ने कहा मध्य प्रदेश में चारों तरफ फर्जीवाड़ा है। अनेकों बार धरना प्रदर्शन करने के बाद भी सिस्टम में बदलाव नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा देश में 1 लाख सरकारी स्कूल बंद हुए हैं, जिनमें से 55% स्कूल मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि 100 में से मात्र 14 बच्चों को ही हॉस्टल मिल सकता है।

सालों इंतजार करते हैं, फिर भी परिणाम का भरोसा नहीं... कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में देरी और परीक्षा परिणामों को लेकर अपनी चिंता जताई।

उनका कहना था कि सरकारी नौकरियों की तैयारी में युवा अपनी जिंदगी के कई वर्ष लगा देते हैं, लेकिन परीक्षा,परिणाम और नियुक्ति की प्रक्रिया लंबी होने से उनकी उम्र और अवसर दोनों प्रभावित होते हैं।

एमपीपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों ने पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया की मांग रखी। उन्होंने कहा कि रिक्त पद होने के बावजूद नियमित भर्ती और परीक्षा परिणामों में देरी युवाओं के भविष्य को अनिश्चितता की ओर धकेलती है।

एक सवाल ने शिक्षा के अधिकार को सीधे आर्थिक न्याय से जोड़ दिया... एक छात्र ने सवाल किया कि जब सरकार एक रुपए में हजारों बीघा जमीन खरीद सकती है, तो एक रुपये में छात्रों को शिक्षा क्यों नहीं दे सकती?

यह सवाल कार्यक्रम में मौजूद छात्र समुदाय की उस बेचैनी का प्रतीक बनकर उभरा, जिसमें शिक्षा को केवल सुविधा नहीं, बल्कि भविष्य की बुनियादी आवश्यकता माना गया।

गरीब छात्र शहरों तक पहुंचते हैं, लेकिन खर्च रास्ता रोक देता है... सतना के विंध्य क्षेत्र से आए एक छात्र ने क्षेत्र में शिक्षा के स्तर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं।

उन्होंने बताया कि बेहतर तैयारी के लिए अनेक विद्यार्थी भोपाल और इंदौर जैसे शहरों का रुख करते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र इन शहरों में जाकर महंगी कोचिंग, किराया और अन्य खर्च वहन नहीं कर पाते।

छात्रों की मांग थी कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हों।

आदिवासी छात्राओं ने उठाया हॉस्टल और महंगाई का मुद्दा... कार्यक्रम में आदिवासी छात्राओं की समस्याएं भी सामने आईं। एक छात्रा ने बढ़ती महंगाई का उल्लेख करते हुए कहा कि रसोई गैस और बस पास जैसी आवश्यक चीजों की बढ़ती लागत के बीच गरीब और आदिवासी परिवारों की छात्राओं के लिए पढ़ाई जारी रखना चुनौती बनता जा रहा है।

छात्रा ने सरकार से आदिवासी विद्यार्थियों के लिए सरकारी छात्रावासों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उनका कहना था कि यदि सुरक्षित और सुलभ हॉस्टल उपलब्ध हों तो दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राएं अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रख सकती हैं और अपने भविष्य को बेहतर बना सकती हैं।

तीन साल पढ़ाई, फिर भी बुनियादी सुविधाएं अधूरी... निमाड़ क्षेत्र के खरगोन से आए कृषि छात्र रजत गंगारेकर ने विश्वविद्यालय की बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी परेशानी साझा की।

उनके अनुसार वे तीन वर्षों से कृषि शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन संस्थान में स्थायी फैकल्टी, पर्याप्त कक्षाओं और छात्राओं के लिए स्वच्छ शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।

उन्होंने विश्वविद्यालय के बजट और उसके उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि विद्यार्थियों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि शिक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किस प्रकार किया जा रहा है।

यह सवाल केवल एक विश्वविद्यालय का नहीं, बल्कि देशभर में उच्च शिक्षा के संस्थानों में इंफ्रास्ट्रक्चर और जवाबदेही को लेकर जारी बहस की ओर भी संकेत करता है।

अपने बच्चे को विदेश में पढ़ने भेजते हैं... उन्होंने कहा सिस्टम में बैठे लोग अंधभक्त तो चाहते हैं, लेकिन अपने बच्चों को अंधभक्त नहीं बनाना है, वे लोग अपने बच्चे को विदेश मे पढ़ने भेजते हैं और फिर सारे बिजनेस के ऊपर बैठा देते हैं।

विद्यार्थियों की भागीदारी बिना देश की प्रगति अधूरी... उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक सोच पर बात करते हुए कहा कि देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो सवाल पूछ सकें, तर्क कर सकें और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकें।

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को मजबूत बनाने में युवाओं की भूमिका केंद्रीय है और विद्यार्थियों की भागीदारी बिना देश की प्रगति अधूरी रहेगी।

‘हम न डरेंगे, न दबेंगे’- छात्रों का संदेश... कार्यक्रम में मौजूद छात्रों के बीच भी राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर मुखरता दिखाई दी। छात्रों ने कहा कि वे शिक्षा, रोजगार और भर्ती व्यवस्था से जुड़े सवालों पर आवाज उठाते रहेंगे।

कई छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रिया में तेजी, शिक्षा संस्थानों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और गरीब विद्यार्थियों के लिए अधिक सुविधाओं की मांग की। उनका कहना था कि शिक्षा किसी वर्ग विशेष की संपत्ति नहीं, बल्कि हर बच्चे का अधिकार है।

एमपीपीएससी-व्यापमं पर छात्रों की हुंकार... छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया लंबी होने से हजारों युवा वर्षों तक परिणाम और नियुक्ति का इंतजार करते हैं। एमपीपीएससी से जुड़े विद्यार्थियों ने 13 प्रतिशत पदों के होल्ड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी परिणाम और चयन को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।

राहुल गांधी बोले- स्टूडेंट सवाल पूछता है, इसलिए सिस्टम उससे खतरा महसूस करता है...
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए शिक्षा और लोकतांत्रिक संवाद के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्र इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे सवाल पूछते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था सवाल पूछने वाले विद्यार्थियों को पसंद नहीं करती। उन्होंने अपने संबोधन में कई राजनीतिक और संस्थागत सवाल उठाए तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उद्योगपतियों गौतम अडानी तथा मुकेश अंबानी का उल्लेख करते हुए देश की व्यवस्था पर अपना राजनीतिक दृष्टिकोण रखा।

इन दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा ऐसा तब होता है जब सरकार एजुकेशन में कम पैसा डालती है। छात्रों ने कहा जब तक राहुल गांधी हमारे साथ हैं हम न डरेंगे, न दबेंगे और नया सरकार की बर्बरता और तानशाही के सामने झुकेंगे ।

‘स्टूडेंट और अंधभक्त में अंतर’ पर राजनीतिक हमला
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने छात्रों और अपने शब्दों में ‘अंधभक्त’ के बीच तुलना करते हुए भाजपा और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर निशाना साधा। उन्होंने कहा स्टूडेंट सभी से प्यार करते है, अंधभक्त नफरती होता है।

स्टूडेंट हंबल होते हैं और अंधभक्त नफरती होता है। स्टूडेंट निडर होता है और अंधभक्त डरपोक होता है। स्टूडेंट महिलाओं की इज्जत करते हैं और वहीं अंधभक्त अपमान करता है। स्टूडेंट ईमानदार होते हैं, अंधभक्त बेईमान और झूठा होता है, इसलिए सिस्टम देश में अंधभक्त तैयार करता है और उन्हें प्रमोट करता है।

इंदौर बना छात्र सवालों का मंच
‘छात्रों की गूंज’ का इंदौर संस्करण कांग्रेस द्वारा आयोजित इस श्रृंखला का पांचवां कार्यक्रम था। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।

कार्यक्रम का घोषित फोकस शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े सवालों पर संवाद था। किसी के हाथ में एमपीपीएससी की चिंता थी, किसी को नौकरी का इंतजार। किसी छात्र के सामने हॉस्टल का संकट था, तो किसी के सामने विश्वविद्यालय की टूटी व्यवस्था। किसी की चिंता फीस थी, तो किसी की चिंता परीक्षा परिणाम।

‘शिक्षा में अमीर-गरीब में अंतर क्यों?’
कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा की बढ़ती लागत और आर्थिक असमानता पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि गरीब परिवारों से आने वाले युवा महंगे शहरों में कोचिंग और हॉस्टल का खर्च नहीं उठा पाते। छात्रों ने मांग की कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की सुविधाएं छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाई जाएं।

संबंधित समाचार

छात्रों की गूंज के बाद पूर्व मुख्यमंत्री की व्यंग्यात्मक पोस्ट
Top News

छात्रों की गूंज के बाद पूर्व मुख्यमंत्री की व्यंग्यात्मक पोस्ट:प्रशासन से लेकर भाजपा नेताओं पर साधा निशाना

27 minutes ago
‘छात्रों की गूंज’ की सफलता के साथ संगठन  के ‘सन्नाटे’ की पड़ताल भी जरूरी
Top News

‘छात्रों की गूंज’ की सफलता के साथ संगठन के ‘सन्नाटे’ की पड़ताल भी जरूरी

28 minutes ago
देखिए वीडियो
Top News

देखिए वीडियो:पीसीसी चीफ का तंज;‘2028 में सरकार बनेगी, अभी मिठाई खा लीजिए’

33 minutes ago
गणपति पंडाल के पास करंट का कहर
Top News

गणपति पंडाल के पास करंट का कहर:बच्ची समेत इतने की मौत; इतने घायल

about 1 hour ago
नशे ने कर दिया बर्बाद इंफ्लुएंसर का कॅरियर
Top News

नशे ने कर दिया बर्बाद इंफ्लुएंसर का कॅरियर:ब्रेन हेमरेज ने ली जान; अर्श से फर्श तक की दुखद कहानी

about 1 hour ago
‘छात्रों की गूंज’ को बीजेपी, नगर निगम और पुलिस-प्रशासन ने बनाया महाआयोजन
Top News

‘छात्रों की गूंज’ को बीजेपी, नगर निगम और पुलिस-प्रशासन ने बनाया महाआयोजन

about 1 hour ago
भीषण सड़क हादसा
Top News

भीषण सड़क हादसा:मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने मारी टक्कर; बच्ची सहित 2 की मौत

about 1 hour ago
विवाद के बाद पूर्व सीएम ने किससे की फोन पर बात
Top News

विवाद के बाद पूर्व सीएम ने किससे की फोन पर बात:यहां समर्थकों की भीड़ ने रोका कारकेड; पुलिस ने संभाली स्थिति

about 1 hour ago
झूठ नहीं, सच की है यह गूंज
Top News

झूठ नहीं, सच की है यह गूंज:राजनीति का नहीं देश के भविष्य का है सवाल

about 1 hour ago
दिल्ली में जान गंवाने वाले छात्र के दादा से राहुल गांधी ने की मुलाकात
Indore

दिल्ली में जान गंवाने वाले छात्र के दादा से राहुल गांधी ने की मुलाकात:पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और कांग्रेस नेता मनोज राजानी की पहल से परिवार तक पहुंची संवेदना

about 1 hour ago
अब कचरा बनेगा कमाई का जरिया
Top News

अब कचरा बनेगा कमाई का जरिया:पन्नी-रेपर से तैयार होगी प्लास्टिक सीट; GPS से ट्रैक होंगे वाहन

about 1 hour ago
युवाओं में साफ नजर आई राहुल की दीवानगी
Top News

युवाओं में साफ नजर आई राहुल की दीवानगी:‘छात्रों की गूंज' में बुलंद हुई ‘जेन-जी' की आवाज

about 2 hours ago
प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप
Top News

प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप:तीन लोगों पर केस दर्ज; प्रचार सामग्री जब्त

about 2 hours ago
किसने कहा
Top News

किसने कहा:सिर्फ शराबबंदी से नहीं सुलझेगी जहरीली शराब की समस्या

about 2 hours ago
दिनदहाड़े युवक की हत्या
Top News

दिनदहाड़े युवक की हत्या:चलती बाइक पर दोस्त ने सिर में मारी गोली; 15 दिन पुरानी रंजिश का लिया बदला

about 2 hours ago
पिता से 5 लाख ऐंठने का प्लान
Top News

पिता से 5 लाख ऐंठने का प्लान:खुद के अपहरण की कहानी रची; वीडियो कॉल और सीसीटीवी से हुआ खुलासा

about 2 hours ago
युवाओं के लिए खुशखबरी
Top News

युवाओं के लिए खुशखबरी:MP में 85 हजार सरकारी पदों पर भर्ती की तैयारी; ये पद भी होंगे शामिल

about 2 hours ago
पीसीसी चीफ बोले
Top News

पीसीसी चीफ बोले:मुख्यमंत्री के पास अब 800 दिन का समय बचा; हर जिले में छात्रों और अभिभावकों के साथ होगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम

about 3 hours ago
छात्रों की गूंज कार्यक्रम में स्टूडेंट्स के प्रोफेसर बने राहुल
Top News

छात्रों की गूंज कार्यक्रम में स्टूडेंट्स के प्रोफेसर बने राहुल:1 घंटे की क्लास में बताई सिस्टम की सच्चाई

about 3 hours ago
मोटर चालू करने के दौरान हादसा
Top News

मोटर चालू करने के दौरान हादसा:किसान को लगा करंट; स्टार्टर का स्विच दबाते ही गिर पड़े, हुई मौत

about 3 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!