दिल्ली में जान गंवाने वाले छात्र के दादा से राहुल गांधी ने की मुलाकात: पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और कांग्रेस नेता मनोज राजानी की पहल से परिवार तक पहुंची संवेदना
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हॉस्टल हादसे में जान गंवाने वाले देवास के छात्र अर्पित जाज के परिवार के दु:ख में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए। राहुल गांधी ने इंदौर में हुए कार्यक्रम में अर्पित के परिजन से मुलाकात कर सांत्वना दी व दु:ख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
अर्पित जाज दिल्ली विवि के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज का छात्र था और पढ़ाई के लिए दिल्ली में रह रहा था। 6 सितंबर को सत्य निकेतन स्थित पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने की घटना में अर्पित समेत सात की मौत हुई थी।
हादसे ने देशभर में छात्र आवासों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए। देवास के अर्पित जाज की असमय मौत के बाद परिवार के साथ खड़े होने वालों में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मनोज राजानी भी प्रमुख रूप से शामिल रहे। वर्मा ने अर्पित के परिवार की पीड़ा को सामने लाने और इस दुखद घटना को गंभीरता से उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सज्जन सिंह वर्मा की पहल के बाद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक परिवार की स्थिति और पीड़ा पहुंची। इसी क्रम में राहुल गांधी ने अर्पित के परिजन से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने अर्पित के दादा से बातचीत की और उनके कंधे पर हाथ रखकर उन्हें ढांढस बंधाया।
यह मुलाकात परिवार के लिए इसलिए भी भावुक क्षण रही, क्योंकि कुछ ही दिनों पहले तक अर्पित अपने परिजन के साथ था और पढ़ाई के लिए दिल्ली लौटने के बाद अचानक हुए हादसे का शिकार हो गया।
रक्षाबंधन के बाद दिल्ली लौटा था अर्पित... अर्पित जाज त्योहार मनाने के लिए देवास आया था। परिवार के साथ समय बिताने के बाद वह दिल्ली लौटा था। अगले ही दिन सत्य निकेतन में जिस पीजी भवन में वह रह रहा था, वह ढह गया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजन ने अर्पित से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। इसके बाद परिवार दिल्ली पहुंचा और काफी इंतजार के बाद अर्पित की मौत की खबर सामने आई।
अर्पित के पिता भूपेंद्र जाज ने बेटे को अंतिम विदाई देते समय अन्य माता-पिता से भावुक अपील भी की थी। बेटे को खोने का दर्द उनके शब्दों में साफ दिखाई दे रहा था। परिवार का कहना था कि अर्पित बेहतर भविष्य के लिए दिल्ली गया था, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार के सपनों को ही तोड़ दिया।
परिवार ने किया नेत्रदान... अर्पित के परिवार ने इस असहनीय दु:ख के बीच मानवीय संवेदना की मिसाल भी पेश की। परिवार ने अर्पित की आंखों का दान करने का फैसला किया। परिवार के इस निर्णय से अर्पित की याद को एक नई रोशनी मिली। एक तरफ परिवार ने अपना जवान बेटा खो दिया, वहीं दूसरी तरफ उसके अंगदान के फैसले से किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद बनी।
छात्र सुरक्षा पर गंभीर सवाल... सत्य निकेतन की घटना ने दिल्ली में पढ़ाई के लिए आने वाले हजारों छात्रों के आवास और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पांच मंजिला पीजी भवन के गिरने से सात लोगों की मौत हुई। मृतकों में कई युवा छात्र थे, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से बेहतर शिक्षा और भविष्य के सपने लेकर दिल्ली आए थे।
अर्पित की मौत ने देवास सहित उन तमाम परिवारों को झकझोर दिया है, जो अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों में भेजते हैं। हादसे के बाद पीजी और छात्र आवासों की सुरक्षा, भवनों की स्थिति तथा नियमों के पालन को लेकर चर्चा तेज हुई है।
राहुल गांधी से मुलाकात में परिवार ने रखी अपनी पीड़ा... राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान अर्पित के परिवार ने हादसे से जुड़ी अपनी पीड़ा और सवाल उनके सामने रखे। परिवार का दर्द इस बात से जुड़ा है कि उनका बेटा पढ़ाई और भविष्य बनाने के लिए दिल्ली गया था, लेकिन जिस जगह उसे सुरक्षित रहना था, वही जगह उसकी मौत का कारण बन गई।
सज्जन सिंह वर्मा की पहल से राहुल गांधी का परिवार तक पहुंचना और उनके बीच संवेदना व्यक्त करना इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण पहलू बन गया है। अर्पित की मौत अब केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि बड़े शहरों में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को भी सामने ला रही हैl
इकलौते बेटे को खोने का दर्द
अर्पित की मौत परिवार के लिए इसलिए भी गहरा आघात थी, क्योंकि वह माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार ने जिस बेटे को उच्च शिक्षा दिलाने और जीवन में आगे बढ़ाने के सपने देखे थे, वह अचानक उनसे हमेशा के लिए दूर हो गया।
अंतिम संस्कार के दौरान परिवार का माहौल बेहद गमगीन रहा। बहन अपने भाई के शव को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ी। माता-पिता के लिए भी बेटे की अंतिम विदाई का यह क्षण बेहद पीड़ादायक रहा।
संबंधित समाचार

भीषण सड़क हादसा:मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने मारी टक्कर; बच्ची सहित 2 की मौत

विवाद के बाद पूर्व सीएम ने किससे की फोन पर बात:यहां समर्थकों की भीड़ ने रोका कारकेड; पुलिस ने संभाली स्थिति

झूठ नहीं, सच की है यह गूंज:राजनीति का नहीं देश के भविष्य का है सवाल

अब कचरा बनेगा कमाई का जरिया:पन्नी-रेपर से तैयार होगी प्लास्टिक सीट; GPS से ट्रैक होंगे वाहन

युवाओं में साफ नजर आई राहुल की दीवानगी:‘छात्रों की गूंज' में बुलंद हुई ‘जेन-जी' की आवाज

प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप:तीन लोगों पर केस दर्ज; प्रचार सामग्री जब्त

किसने कहा:सिर्फ शराबबंदी से नहीं सुलझेगी जहरीली शराब की समस्या

दिनदहाड़े युवक की हत्या:चलती बाइक पर दोस्त ने सिर में मारी गोली; 15 दिन पुरानी रंजिश का लिया बदला

पिता से 5 लाख ऐंठने का प्लान:खुद के अपहरण की कहानी रची; वीडियो कॉल और सीसीटीवी से हुआ खुलासा

युवाओं के लिए खुशखबरी:MP में 85 हजार सरकारी पदों पर भर्ती की तैयारी; ये पद भी होंगे शामिल

पीसीसी चीफ बोले:मुख्यमंत्री के पास अब 800 दिन का समय बचा; हर जिले में छात्रों और अभिभावकों के साथ होगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम

छात्रों की गूंज कार्यक्रम में स्टूडेंट्स के प्रोफेसर बने राहुल:1 घंटे की क्लास में बताई सिस्टम की सच्चाई

मोटर चालू करने के दौरान हादसा:किसान को लगा करंट; स्टार्टर का स्विच दबाते ही गिर पड़े, हुई मौत

दिनदहाड़े दो फ्लैट्स के ताले टूटे:सोने-चांदी के जेवर और 35 हजार रुपए ले गए बदमाश; सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध हिरासत में

रेडक्रॉस ब्लड कॉल:तीन लाख से ज्यादा लोगों को मिला जीवन; रक्तदाता के लिए गाड़ी की सुविधा भी मुफ्त

10 खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापे, आठ से लिए सैंपल, गंदगी पर नोटिस:पंडित जी ढाबा, बीकानेर वाला और बर्गर फार्म्स समेत कई दुकानों की जांच, रैकून-पेस्ट कंट्रोल की खामियों का खुलासा

लापरवाही पर दो कर्मचारियों की सेवा समाप्त:निगम कमिश्नर ने लिया शाखाओं का जायजा; आवेदकों से बातचीत कर जानी समस्याएं

देखिए वीडियो:‘छात्रों की गूंज’ पर कैलाश विजयवर्गीय का पलटवार; बोले- ‘यह झूठ की गूंज है’

क्या विजयवर्गीय को अब खटक रहा गौरव रणदिवे का बढ़ता कद:इंदौर की राजनीति में नए समीकरण; पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री की तारीफ से वरिष्ठ नेताओं की उड़ी नींद

राहुल के सामने मंच पर युवक बोला:या तो हम ठिकाने लग जाएं, या आप अगले प्रधानमंत्री बन जाएं
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!