युवाओं में साफ नजर आई राहुल की दीवानगी: ‘छात्रों की गूंज' में बुलंद हुई ‘जेन-जी' की आवाज
KHULASA FIRST
संवाददाता

कार्यक्रम में उमड़ा छात्रों का सैलाब
‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स' की बहस में गूंजे पेपर लीक, अटकी भर्तियां और बेरोजगारी के मुद्दे
राहुल के लिए उमड़ी स्वतःस्फूर्त भीड़, प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
प्रदेश अध्यक्ष के गृह नगर में राहुल के लिए उम्मीद से बढ़कर उमड़ी भीड़ से कांग्रेस गद्गद्
मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से लेकर कैलाश विजयवर्गीय तक हुए राहुल गांधी पर हमलावर
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया के जिक्र से मचा हल्ला गुस्से में भगवा ब्रिगेड
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033, खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भाजपा के कर्णधारों को देर सवेर यह स्वीकार करना ही होगा कि फिलहाल तो यूथ ब्रिगेड में राहुल बाबा का अच्छा खासा क्रेज है। कमलदल की तरफ से राहुल गांधी को ‘आला दर्जे का पप्पू' साबित करने की पुरजोर कोशिशों के बाद भी शनिवार को राहुल के प्रति दीवानगी साफ नजर आई।
खासकर स्टूडेंट्स के बीच उनके उठाए गए मुद्दे मार कर रहे हैं। राहुल के सवाल मारक हो भी क्यों नहीं? भारत की राजनीति व सत्ता प्रतिष्ठान में छात्र थे ही कहां? स्टूडेंट्स व उनसे जुड़े रोजमर्रा के मसले तो देश की राजनीति से सिरे से ही नदारद थे।
अब ‘जंतर-मंतर' के बाद सब तरफ ‘छात्रों की गूंज' ही सुनाई दे रही है। कल अहिल्या नगरी इंदौर ने भी ये गूंज सुनी। हां, यह बात अलग है कि हर बार की तरह राहुल गांधी एक मिमिक्री व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का जिक्र कर विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं। लेकिन ये विरोध ज्यादा देर नहीं चलना है। याद है न मनुस्मृति? अब कहां है मनुस्मृति?
मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के आईडीए ग्राउंड पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बहुप्रतीक्षित छात्र संवाद कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज' भारी भीड़ और सियासी गहमागहमी के बीच संपन्न हो गया।
देशभर में इस अभियान के पांचवें संस्करण के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में इंदौर और आसपास के जिलों से हजारों युवाओं का सैलाब उमड़ा। मैदान खचाखच भरा हुआ था और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद युवाओं का उत्साह चरम पर नजर आया।
करीब 60 मिनट तक चले इस सीधे संवाद में राहुल गांधी ने सीधे तौर पर छात्रों से जुड़ी जमीनी समस्याओं पर बात की और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स' था। मंच से बोलते हुए राहुल गांधी ने तीखा तंज कसा और कहा कि मौजूदा व्यवस्था नहीं चाहती कि युवा उनसे सवाल पूछें, उन्होंने कहा,"एक सच्चा छात्र वह होता है, जो जिज्ञासु हो, जो व्यवस्था की कमियों पर सवाल उठाए।
लेकिन आज का सिस्टम छात्रों की आवाज को दबाकर केवल ‘अंधभक्तों' को बढ़ावा दे रहा है, जो बिना सोचे-समझे हर बात स्वीकार कर लें। इस बातचीत के दौरान जब राहुल ने भीड़ से पूछा कि क्या उनका व्यवस्था पर भरोसा बचा है, तो गैलरी से भावुक होकर एक छात्र ने चिल्लाकर कहा "सर, हम सिस्टम से हार चुके हैं।’ इस एक वाक्य ने वहां मौजूद हजारों प्रतियोगी छात्रों के दर्द को बयां कर दिया।
तमाम विवादों, अनुमति की शर्तों और राजनीतिक रस्साकशी के बावजूद इंदौर का यह कार्यक्रम युवाओं की भारी भीड़ के कारण सफल साबित हुआ। यह आयोजन यह साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में देश और राज्य की राजनीति में शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी ही सबसे बड़े चुनावी मुद्दे बनने जा रहे हैं, जिस पर विपक्ष ने अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है।
मंच पर गूंजी छात्रों की आपबीती
संबोधन से अलग, यह कार्यक्रम एकतरफा भाषण के बजाय सीधे सवाल-जवाब का माध्यम बना। मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों ने मंच पर आकर अपनी आपबीती साझा की।
एक नर्सिंग छात्रा ने बताया कि साल 2020 में शुरू हुआ उसका 4 साल का कोर्स 2026 तक भी पूरा नहीं हो पाया है, जिसके कारण वह आज कॉल सेंटर में काम करने को मजबूर है। राजगढ़ की एक छात्रा ने शिक्षक भर्ती और एमपीपीएससी परीक्षाओं में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के कानूनी दांव-पेंच के कारण रुकी हुई नियुक्तियों का मुद्दा उठाया, जिस पर राहुल ने प्रदर्शनकारी छात्रों का साथ देने का भरोसा दिया।
राहुल गांधी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि यूपीए सरकार के समय शिक्षा पर होने वाला खर्च जो कि 4.6 प्रतिशत था, अब घटकर 2.6 फ़ीसदी रह गया है, जिससे हॉस्टल और छात्रवृत्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं में भारी कटौती हुई है।
2029 के ‘वोट बैंक' पर निशाना
इस कार्यक्रम के गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, देश में 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के करीब 37 करोड़ युवा हैं, जो कुल आबादी का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा हैं।
2024 के लोकसभा चुनावों में भी जेन-जी वोटर्स की हिस्सेदारी लगभग 23 फीसदी थी। 2029 के अगले आम चुनावों को देखते हुए कांग्रेस का यह ‘युवा आउटरिच' कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राहुल गांधी सीधे तौर पर उस युवा वर्ग से जुड़ रहे हैं, जो पेपर लीक, व्यापमं जैसी अनियमितताओं और बेरोजगारी से सीधे तौर पर प्रभावित है।
‘झूठ की गूंज' के पोस्टर और मुख्यमंत्री का पलटवार
इस आयोजन को लेकर इंदौर में राजनीतिक पारा पहले से ही गर्म था। कार्यक्रम से ठीक पहले शहर के विभिन्न चौराहों पर ‘झूठ की गूंज' के पोस्टर लगाए गए थे, जिसमें राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाए गए थे।
कांग्रेस ने इसे भाजपा की साजिश बताया, जबकि भाजपा का कहना था कि यह जनता और छात्रों का स्वतःस्फूर्त विरोध हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा के केंद्रीय नेताओं ने राहुल गांधी पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस युवाओं को गुमराह कर रही है और देश की बढ़ती आर्थिक प्रगति के बीच नकारात्मकता फैला रही है। इसके अलावा, मंच पर हुई एक मिमिक्री को लेकर भी भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई।
संबंधित समाचार

झूठ नहीं, सच की है यह गूंज:राजनीति का नहीं देश के भविष्य का है सवाल

दिल्ली में जान गंवाने वाले छात्र के दादा से राहुल गांधी ने की मुलाकात:पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और कांग्रेस नेता मनोज राजानी की पहल से परिवार तक पहुंची संवेदना

अब कचरा बनेगा कमाई का जरिया:पन्नी-रेपर से तैयार होगी प्लास्टिक सीट; GPS से ट्रैक होंगे वाहन

प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप:तीन लोगों पर केस दर्ज; प्रचार सामग्री जब्त

किसने कहा:सिर्फ शराबबंदी से नहीं सुलझेगी जहरीली शराब की समस्या

दिनदहाड़े युवक की हत्या:चलती बाइक पर दोस्त ने सिर में मारी गोली; 15 दिन पुरानी रंजिश का लिया बदला

पिता से 5 लाख ऐंठने का प्लान:खुद के अपहरण की कहानी रची; वीडियो कॉल और सीसीटीवी से हुआ खुलासा

युवाओं के लिए खुशखबरी:MP में 85 हजार सरकारी पदों पर भर्ती की तैयारी; ये पद भी होंगे शामिल

पीसीसी चीफ बोले:मुख्यमंत्री के पास अब 800 दिन का समय बचा; हर जिले में छात्रों और अभिभावकों के साथ होगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम

छात्रों की गूंज कार्यक्रम में स्टूडेंट्स के प्रोफेसर बने राहुल:1 घंटे की क्लास में बताई सिस्टम की सच्चाई

मोटर चालू करने के दौरान हादसा:किसान को लगा करंट; स्टार्टर का स्विच दबाते ही गिर पड़े, हुई मौत

दिनदहाड़े दो फ्लैट्स के ताले टूटे:सोने-चांदी के जेवर और 35 हजार रुपए ले गए बदमाश; सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध हिरासत में

रेडक्रॉस ब्लड कॉल:तीन लाख से ज्यादा लोगों को मिला जीवन; रक्तदाता के लिए गाड़ी की सुविधा भी मुफ्त

10 खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापे, आठ से लिए सैंपल, गंदगी पर नोटिस:पंडित जी ढाबा, बीकानेर वाला और बर्गर फार्म्स समेत कई दुकानों की जांच, रैकून-पेस्ट कंट्रोल की खामियों का खुलासा

लापरवाही पर दो कर्मचारियों की सेवा समाप्त:निगम कमिश्नर ने लिया शाखाओं का जायजा; आवेदकों से बातचीत कर जानी समस्याएं

देखिए वीडियो:‘छात्रों की गूंज’ पर कैलाश विजयवर्गीय का पलटवार; बोले- ‘यह झूठ की गूंज है’

क्या विजयवर्गीय को अब खटक रहा गौरव रणदिवे का बढ़ता कद:इंदौर की राजनीति में नए समीकरण; पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री की तारीफ से वरिष्ठ नेताओं की उड़ी नींद

राहुल के सामने मंच पर युवक बोला:या तो हम ठिकाने लग जाएं, या आप अगले प्रधानमंत्री बन जाएं

मां अहिल्या की नगरी में जमीन से आसमान तक छात्रों की गूंज:पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल के नेतृत्व में छात्रों से व्यापक जनसंपर्क

राहुल का तंज:सरकार कम पैसा डालती है, तो स्टूडेंट खतरे में होता है
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!