सरकारी जमीन की अब होगी नपती: एडीएम ने लिया संज्ञान; तहसीलदार और पटवारी को जांच के आदेश जारी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खसरा नंबर 78/2 के साथ आबादी घोषित जमीन भी जांच के दायरे में
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सरकारी जमीन पर कथित कब्जे कर छोटे-छोटे भूखंड बनाकर नोटरी के जरिए बेचने का खुलासा फर्स्ट द्वारा खबर प्रकाशित कर खुलासा करने के बाद आखिरकार जिला प्रशासन हरकत में आया है।
मामला सांवेर विधानसभा के हातोद तहसील क्षेत्र के ग्राम अलवासा का है। शिकायतकर्ता अंकित धुलधोये ने आरोप लगाया था कि खसरा नंबर 78/2 की शासकीय भूमि पर मलखान सिंह पिता सौदान सिंह और ग्राम सरपंच की कथित मिलीभगत से छोटे-छोटे भूखंड तैयार कर लोगों को लाखों रुपए में बेचे जा रहे हैं।
खुलासा फर्स्ट में खबर प्रकाशित होने के बाद मामले को एडीएम ने गंभीरता से लिया है। एसडीएम राजेश कुमार सिंह ने तहसीलदार और पटवारी को जांच के आदेश दिए हैं। जांच में सिर्फ खसरा नंबर 78/2 ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी आबादी घोषित भूमि की भी नपती कराई जाएगी।
मौके पर जमीन की वास्तविक स्थिति, कब्जे, प्लॉट के स्वरूप और कथित खरीदी-बिक्री से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।
अब प्रशासन की नजर में ये बिंदु अहम
खसरा नंबर 78/2 की मौके पर नपती।
आबादी घोषित जमीन की वास्तविक स्थिति।
सरकारी जमीन पर कब्जे और प्लॉटिंग की स्थिति।
नोटरी के जरिए कथित खरीदी-बिक्री की जानकारी।
कथित प्लॉट खरीदने वाले लोगों के बयान।
शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने के आरोपों की जांच।
राजस्व अमले की भूमिका और लापरवाही की जांच।
अवैध कॉलोनी के मामले में संलिप्तता मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई।
फिलहाल प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अब नपती और जांच रिपोर्ट यह तय करेगी कि अलवासा में सरकारी जमीन पर वास्तव में कितना कब्जा और कथित प्लॉटिंग का खेल हुआ है।
साथ ही शिकायतकर्ता पर दबाव के आरोपों की जांच यह तय करेगी कि शिकायत दबाने की कोशिश हुई थी या नहीं। शिकायत में निष्पक्षता के लिए कथित तहसीलदार की जगह अन्य अधिकारी से जांच करनी चाहिए।
अब होगा खुलासा... कितना किया खेल
प्रशासनिक जांच में मौके की नपती के साथ यह भी देखा जाएगा कि संबंधित भूमि का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है, मौके पर किसका कब्जा है और क्या सरकारी जमीन को छोटे-छोटे भूखंडों में बांटकर बेचने की गतिविधि की गई है।
यदि जांच में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और प्लॉटिंग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जमीन सरकारी थी तो वहां प्लॉट तैयार होने और कथित रूप से नोटरी पर सौदे होने तक राजस्व अमला कहां था?
आखिर सरकारी जमीन पर भूखंड तैयार कर लोगों से लाखों रुपए वसूलने का खेल प्रशासन की नजर से कैसे बचा रहा?
शिकायत के बजाय शिकायतकर्ता पर दबाव का आरोप!
मामले का सबसे गंभीर पहलू सिर्फ कथित अवैध प्लॉटिंग नहीं, बल्कि शिकायत के बाद सामने आया दबाव का आरोप है। शिकायतकर्ता अंकित धुलधोये का आरोप है कि जब उसने सरकारी जमीन पर कथित अवैध प्लॉटिंग की शिकायत की तो संबंधित तहसीलदार द्वारा उस पर शिकायत वापस लेने का अनैतिक दबाव बनाया गया।
यदि यह आरोप सही साबित होता है तो मामला और गंभीर हो जाएगा, क्योंकि शिकायतकर्ता का काम कार्रवाई रोकना नहीं, बल्कि सरकारी जमीन को बचाने के मामले पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था। ऐसे में शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डालने के आरोपों की भी वरिष्ठ अधिकारियों से स्वतंत्र जांच जरूरी है।
दोहरी जांच की चुनौती
अब प्रशासन के सामने दोहरी जांच की चुनौती है। पहली जांच खसरा 78/2 और आबादी भूमि पर कथित अवैध कब्जे एवं प्लॉटिंग की होना चाहिए और दूसरी शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए तहसीलदार पर दबाव बनाने के आरोपों की।
यदि किसी राजस्व अधिकारी की भूमिका अवैध कॉलोनाइजरों को संरक्षण देने, शिकायत दबाने या वरिष्ठ अधिकारियों को गलत जानकारी देने में सामने आती है तो केवल जमीन पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। ऐसे अधिकारी के विरुद्ध भी कलेक्टर के निर्देशानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जरूरत होगी।
कलेक्टर के आदेश बनाम अलवासा की हकीकत: कलेक्टर शिवम वर्मा पहले ही सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों के मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए।
उन्होंने साफ कहा है कि जहां भी अतिक्रमण दिखाई दे वहां बिना विलंब कार्रवाई हो और अधिकारी की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे में अलवासा का मामला प्रशासन के लिए भी अग्निपरीक्षा बन गया है।
सौदागरों पर कब गिरेगी गाज?: अगर जांच में जमीन को टुकड़ों में बांटकर बेचने के आरोप सही हैं तो यह सवाल भी उठेगा कि इतने समय तक अवैध गतिविधि चलती रही तो राजस्व अमला क्या कर रहा था?
लोगों को कम कीमत में प्लॉट का सपना दिखाकर यदि सरकारी जमीन के सौदे किए गए हैं तो कार्रवाई सिर्फ कथित जमीन बेचने वालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पूरे नेटवर्क, कथित संरक्षण और शिकायत दबाने के प्रयास की भी जांच जरूरी है।
संबंधित समाचार

देखिये वीडियो, अयोध्या में दीपोत्सव का नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी:56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाए जा रहे; राम की पैड़ी पर उमड़ा जनसैलाब

नई बुलेट लेकर लौट रहे युवक की मौत:निर्माणाधीन ब्रिज के पास ट्रक से टकराई बाइक; साला गंभीर घायल

गाय चोरी के शक में दो लोगों को बेरहमी से पीटा:ढाबे पर ले जाकर बंधक बनाया; एक की मौत, 3 आरोपी हिरासत में

नकली नोटों के नेटवर्क का खुलासा:लाखों की जाली करेंसी के साथ 5 गिरफ्तार; प्रिंटर और बाइक जब्त

मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान:दो साल में MP को दूध उत्पादन में नंबर-1 बनाने का लक्ष्य; खेती के साथ पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय

एमपी के इन शहरों की बदलेगी तस्वीर:63 हजार करोड़ से बनेंगे 5 नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर

घर के बाहर जलेगा यमराज के नाम चौमुखा दीप:अकाल मृत्यु से रक्षा और लंबी आयु की कामना का है विधान

नवदंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत:पति फंदे पर मिला; 6 माह की गर्भवती पत्नी बेड पर मृत मिली, 7 महीने पहले हुई थी दोनों की शादी

दीपावली पर फूड विभाग की जांच:600 किलो मिठाई और मावे को बेचने से रोका; बाजार में 10 मावा दुकानों की रैपिड टेस्टिंग

देखिये वीडियो, रामराजा के दरबार में पहुंचे मुख्यमंत्री:झांझर बजाई और जमीन पर बैठकर सुने भजन; पी कुल्हड़ वाली चाय

गोवर्धन पूजा की तैयारियों का जायजा लेने आशापुरा गोशाला पहुंचे कलेक्टर शिवम वर्मा:प्रदेशव्यापी आयोजन के तहत 9 नवंबर को मनेगा पर्व

नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई:गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार; लाखों का माल जब्त

डेली कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का हुआ अनावरण:संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक के समापन पर डॉ. मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले से की सौजन्य भेंट; अखंड भारत का छायाचित्र दिया

25 लाख के चेक बाउंस में राजपाल यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

अलवर का बॉक्सिंग कोच बना लॉरेंस गैंग का बड़ा चेहरा:अमेरिका में गिरफ्तार हुआ हैरी बॉक्सर पिछले साल गोलीबारी में बाल-बाल बचा था; भारत में कारोबारियों से करोड़ों की रंगदारी मांगने के आरोप

गोरा होने की चाहत पड़ सकती है भारी:पाकिस्तानी क्रीम से खराब हो रही किडनी; महाराष्ट्र में प्रतिबंधित, MP में धड़ल्ले से बिक रही

24 घंटे शराब ब्लैक का खेल:खाकी के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार; जेल से छूटते ही ब्लैकरों ने फिर संभाला धंधा

फर्जी एडवाइजरी कंपनी पर पुलिस का छापा:युवती सहित आठ पर केस दर्ज; एक महीने में विजय नगर पुलिस की दूसरी बड़ी कार्रवाई, जांच में कंपनी के नाम और दस्तावेजों में मिली गड़बड़ी

दीपावली से पहले ही हवा में घुल गया जहर:AQI 348 तक पहुंचा; शहर भी प्रदूषण की चपेट में, रीजनल पार्क में सबसे साफ हवा

अवैध पटाखा कारोबार पर पुलिस का महाप्रहार:पांच जगह छापे; 1.80 लाख के पटाखे जब्त, पांच आरोपी शिकंजे में
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!