डिजिटल क्रांति ‘कैश’ का ब्रेक: यूपीआई लेनदेन कम हुआ; रोज 4 करोड़ के ट्रांजेक्शन कम
KHULASA FIRST
संवाददाता

प्रमुख बाजारों में हुआ नकद में कारोबार, ऑनलाइन पेमेंट पर टैक्स का जबरदस्त विरोध
मर्चेंट शुल्क के खिलाफ मध्य प्रदेश के बाजारों में ‘नो यूपीआई-डे’ की गूंज, देशभर में आंदोलन की सुगबुगाहट
इंदौर-भोपाल समेत कई शहरों में व्यापारियों ने किया प्रदर्शन, क्यूआर कोड पर डाला काला कपड़ा
2 हजार रुपए से ऊपर के ट्रांजेक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर के खिलाफ व्यापारियों का देशव्यापी मोर्चा तैयार
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
डिजिटल इंडिया के सबसे बड़े गढ़ मध्य प्रदेश में कल एक अभूतपूर्व आर्थिक विद्रोह देखने को मिला। आगामी 15 अक्टूबर से 2 हजार रुपए से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजेक्शंस पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट शुल्क एमडीआर के विरोध में सूबे के व्यापारियों ने ऐतिहासिक ‘नो यूपीआई-डे’ मनाया।
इंदौर के राजवाड़ा, सराफा और भोपाल के न्यू मार्केट सहित प्रदेशभर के 125 से अधिक व्यापारिक संगठनों ने अपने डिजिटल स्कैनर और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढंककर ‘टोटल कैश’ पर कारोबार किया। व्यापारियों का साफ कहना है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन की लत लगाने के बाद यह शुल्क थोपना उनके मुनाफे पर डाका है, जिसका बोझ आखिर में आम जनता पर ही ट्रांसफर होगा।
इंदौर से भड़की यह चिंगारी अब दिल्ली, मुंबई और गुजरात के बाजारों तक पहुंच चुकी है, जहां राष्ट्रीय व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो 15 अक्टूबर के बाद पूरे देश का रिटेल और थोक बाजार डिजिटल भुगतान का पूर्ण बहिष्कार कर ‘टोटल कैश मोड’ पर चला जाएगा।
डिजिटल इंडिया के दौर में देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से शुरू हुआ व्यापारियों का आक्रोश अब एक बड़े राष्ट्रीय आंदोलन की शक्ल अख्तियार करता दिख रहा है। 23 सितंबर को मध्य प्रदेश के 125 से अधिक व्यापारिक संगठनों के आह्वान पर ऐतिहासिक ‘नो यूपीआई-डे’ मनाया गया।
सराफा, राजवाड़ा, सियागंज से लेकर पेट्रोल पंपों तक व्यापारियों ने अपनी दुकानों पर लगे डिजिटल क्यूआर कोड और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढंक दिया और दिनभर का पूरा कारोबार केवल नकद में किया।
व्यापारियों का यह तीखा विरोध आगामी 15 अक्टूबर से लागू होने वाले उस नए नियम के खिलाफ है, जिसके तहत 2 हजार रुपए से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट, यानी एमडीआर वसूलने का प्रस्ताव है।
अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल, रिटेल रेडीमेड बाजार से जुड़े सांठा बाजार के पीयूष जैन लालू के मुताबिक यह सिर्फ मध्य प्रदेश की नहीं, बल्कि देश के हर उस छोटे-बड़े व्यापारी की लड़ाई है, जो कम मार्जिन पर काम करता है। यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो 15 अक्टूबर के बाद यह आंदोलन पूरे देश के बाजारों को अपने दायरे में ले लेगा।
जनता की जेब पर पड़ेगा डाका, भड़के व्यापारी?... इंदौर के थोक व रिटेल बाजारों के आंदोलनरत व्यापारियों का कहना है कि 2016 में सरकार ने खुद देशहित और पारदर्शी अर्थव्यवस्था का हवाला देकर डिजिटल भुगतान को अपनाने की अपील की थी।
व्यापारियों ने इसे सहर्ष स्वीकार किया और आज 85 प्रतिशत से अधिक व्यापार डिजिटल हो चुका है, लेकिन अब जब बाजार पूरी तरह यूपीआई पर निर्भर हो चुका है, तब मर्चेंट फीस थोपी जा रही है। थोक किराना और तेल व्यापारियों का कहना है कि उनके यहां 90 प्रतिशत से ज्यादा लेनदेन 2 हजार रुपए से ऊपर के होते हैं।
इस मर्चेंट शुल्क के कारण उनके मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा बैंक खा जाएंगे। व्यापारियों ने दो-टूक कहा है कि वे इस अतिरिक्त बोझ को खुद नहीं उठाएंगे, बल्कि वस्तुओं के दाम बढ़ा देंगे, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा और महंगाई बढ़ेगी।
एमपी से उठी चिंगारीपूरे देश में थमेगा डिजिटल पेमेंट?
मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े केंद्रों में मिली भारी सफलता के बाद अब राष्ट्रीय स्तर के व्यापारिक महासंघ और अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल भी सक्रिय हो गए हैं। दिल्ली, मुंबई, गुजरात और राजस्थान के कई व्यापारी संगठनों ने मप्र के इस ‘नो यूपीआई-डे’ मॉडल का समर्थन किया है।
व्यापारिक नेताओं का कहना है कि यदि केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर से पहले इस अधिसूचना को वापस नहीं लिया, तो देश के सभी राज्यों में चरणबद्ध तरीके से ‘टोटल कैश ट्रांजेक्शन वीक’ चलाया जाएगा। दूसरी तरफ नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और सरकार का तर्क है कि यह शुल्क आम उपभोक्ताओं पर नहीं, बल्कि केवल मर्चेंट पर लागू होगा और छोटे दुकानदारों को इससे बाहर रखा गया है। बहरहाल, व्यापारियों के इस ‘ब्लैक आउट’ प्रदर्शन ने डिजिटल इकोनॉमी की रफ्तार पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
संबंधित समाचार

सीएम का दिखा मजाकिया अंदाज:कहा- मुख्यमंत्री बनते ही पता चला इतनी भारी मार पड़ती है; लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का राहुल गांधी पर निशाना:बोले- चुनाव हारने का रिकॉर्ड; जनता में भ्रम पैदा कर रही कांग्रेस

सरकारी लोन दिलाने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी:रिटायर्ड एसआई को ठगा; प्रोसेसिंग के नाम पर ऐंठे रुपए

पहली बार आधुनिक रोलर से तैयार होगी पिच:मैच से पहले रोलर स्टेडियम पहुंचे; जानिए क्या होगा बदलाव

तीन अलग-अलग घटनाओं में 3 लोगों की मौत:मेट्रो डिवाइडर से टकराकर व्यापारी की गई जान; प्रॉपर्टी ब्रोकर का शव रेलवे ट्रैक के पास मिला, अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर

भाजपा पार्षद के घर पुलिस की दबिश:बाथरूम से मिली बड़ी मात्रा में अवैध शराब; देवर और साथी गिरफ्तार, पति फरार

फिर लड़कों से आगे बेटियां:महिला स्पर्धाओं में 10 गोल्ड; पुरुषों में 8, हॉकी ने दिलाया ओलिंपिक टिकट

चकमा देकर हथकड़ी समेत भागने के चक्कर में आरोपी के हाथ और पैर टूटे:पुलिसकर्मियों पर स्कॉर्पियो चढ़ाने वाले की करतूत

अनजान लिंक पर क्लिक करना पड़ा भारी:लगा लाखों रुपए का चूना; मोबाइल पर गेम खेल रहे थे बच्चे

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा- 2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त करेंगे:नक्सली खत्म, अब बारी है नशे की: अमित शाह

16 हजार का लोन:बदनामी से डरकर गंवाए 3.07 लाख

टीईटी के विरोध में जुटे शिक्षक:बोले-किसी भी हाल में परीक्षा नहीं देंगे; ‘सांसद-विधायक पेंशन ले रहे तो हम क्यों नहीं?’

MP में सार्वजनिक परिवहन का होगा बड़ा विस्तार:2031 तक इतनी बसों का लक्ष्य; मुख्यमंत्री का बड़ा अपडेट

जीतू पटवारी कांग्रेस के मेल राखी सावंत:भाजपा नगर अध्यक्ष ने पीसीसी चीफ पर साधा निशाना

अपोलो टावर में 500 किलो का अवैध जंगला बना खतरे की घंटी:निगम अफसरों की साठगांठ से हो रहा अवैध निर्माण, शिकायतों के बाद भी मूकदर्शक

आईडीए की दोहरी नीति पर उठे सवाल:छात्रों की गूंज के लिए 14 लाख वसूले पटाखा कारोबारियों पर करीब 60 लाख बकाया फिर भी जमीन देने की तैयारी

सड़क पर कब्जा व्यवस्था धराशायी:भंवरकुआं पर रेंगती जिंदगियां, जिम्मेदार बेखबर

इस पार्टी ने राज्यसभा के लिए इतने उम्मीदवार किए घोषित:इनके नाम किए घोषित

दिग्गज फिल्ममेकर का निधन:95 साल की उम्र में ली अंतिम सांस;कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि

हथकड़ी में नवीन ओझा की निकली सारी हेकड़ी:रिमांड अवधि में आरोपी को उसके घर लेकर पहुंची पुलिस
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!