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हेमकुंड यात्रा मार्ग पर महिला श्रद्धालु अस्वस्थ: पुलिस एसडीआरएफ जवानों ने सुरक्षित गोविंदधाम पहुंचाया

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 जून 2026, 6:50 pm
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हेमकुंड यात्रा मार्ग पर महिला श्रद्धालु अस्वस्थ

खुलासा फर्स्ट, रुद्रप्रयाग।
चमोली जिले में श्री हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर एक महिला श्रद्धालु को पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित गोविंदधाम पहुंचाया। चंडीगढ़ निवासी 65 वर्षीय बलवीर कौर अटलाकोटी क्षेत्र के पास अत्यधिक थकान और अस्वस्थता के कारण यात्रा जारी रखने में असमर्थ हो गई थीं।

पहाड़ी रास्ते पर उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई थी। सूचना मिलने पर चौकी घांघरिया पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जवानों ने महिला श्रद्धालु की स्थिति का आकलन किया। उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, जवानों ने ‘टू-हैंड लिफ्टिंग’ तकनीक का उपयोग कर बलवीर कौर को कठिन मार्ग से सुरक्षित गोविंदधाम पहुंचाया। सुरक्षित गोविंदधाम पहुंचने के बाद बलवीर कौर और उनके परिवार ने पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ के जवानों का आभार व्यक्त किया। परिजनों ने जवानों के मानवीय व्यवहार और संवेदनशीलता की सराहना की। श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता में जुटी हुई हैं। वे जरूरतमंद यात्रियों को हर संभव मदद उपलब्ध करा रही हैं।

चारधाम यात्रा में डोली वाहक बलबीर सिंह का निधन:यमुनोत्री मार्ग पर हृदयगति रुकने से हुई मौत...यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर मां भद्रकाली की उत्सव डोली के साथ चारधाम यात्रा पर निकले ग्राम मोल्डा निवासी बलबीर सिंह (47 वर्ष) का हृदयगति रुकने से निधन हो गया। इस घटना से यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, बलबीर सिंह पुत्र जयपाल सिंह, माँ भद्रकाली की उत्सव डोली के पलगेर (डोली वाहक) के रूप में यात्रा में शामिल थे। यमुनोत्री धाम की ओर जाते समय राम मंदिर से आगे नौ कैंची के समीप उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़े।

डोली के साथ चल रहे श्रद्धालुओं और एसडीआरएफ कर्मियों ने तत्काल उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद बलबीर सिंह को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी मृत्यु का कारण हृदयगति रुकना (हार्ट अटैक) बताया गया है। बलबीर सिंह लंबे समय से धार्मिक आयोजनों और देव परंपराओं से जुड़े हुए थे। वे मां भद्रकाली की डोली के प्रमुख वाहकों में से एक थे। उनके निधन की खबर से मोल्डा गांव सहित पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल है। पुलिस ने घटना के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

अमरनाथ यात्रा में लगातार दूसरे साल हेलीकॉप्टर सेवा बंद
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए तैयारियां कर रहे श्रद्धालुओं को इस वर्ष भी हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ नहीं मिल सकेगा। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने लगातार दूसरे साल अमरनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर संचालन की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से जहां सुरक्षा एजेंसियों को राहत मिली है, वहीं बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार श्रद्धालुओं को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, अमरनाथ यात्रा मार्ग के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को स्थगित रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यात्रा अवधि के दौरान हवाई निगरानी, सुरक्षाबलों की तैनाती और आपातकालीन अभियानों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

पश्चिमी सीमा और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। यही वजह है कि इस बार भी श्रद्धालुओं के लिए नियमित हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी।

पैदल, घोड़े और पालकी से करनी होगी यात्रा...हेलीकॉप्टर सेवा बंद होने के बाद श्रद्धालुओं को पहलगाम और बालटाल मार्ग से पारंपरिक तरीके से यात्रा करनी होगी। यात्री पैदल, घोड़े, खच्चर या पालकी के माध्यम से पवित्र गुफा तक पहुंच सकेंगे।

विशेष रूप से बुजुर्ग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे श्रद्धालुओं के लिए यह फैसला चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें कठिन पहाड़ी रास्तों का सामना करना पड़ेगा।

ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी...प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे यात्रा मार्ग और बेस कैंपों की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। साथ ही चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन सेवाओं और बचाव दलों को भी पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है।

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