संकट में फंसे सीजेपी फाउंडर!: राष्ट्रीय प्रतीक के इस्तेमाल को लेकर उठे सवाल; FIR दर्ज करने और कार्रवाई की मांग तेज
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, बालाघाट।
आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर बालाघाट पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके अब अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में घिर गए हैं।
प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान दिपके को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और स्थानीय लोगों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। इसके एक दिन बाद उन्होंने खुद को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए ‘इस्तीफा’ का एक व्यंग्यात्मक पत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। विवाद की मुख्य वजह पोस्ट में सरकारी पद और राष्ट्रीय प्रतीक से जुड़े लेटरहेड का इस्तेमाल बताया जा रहा है। हालांकि, बालाघाट की इस पोस्ट को लेकर अब तक FIR दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बालाघाट में तीखे सवालों से घिरे थे दिपके
दिपके शनिवार को बालाघाट के आदिवासी इलाकों में उन परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जिन्होंने हाल में अपने बच्चों को खोया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
इसी दौरान कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने उन्हें घेरकर सवाल किए। उनसे पूछा गया कि बच्चों की मौत के इतने समय बाद वे अब प्रभावित इलाकों में क्यों पहुंचे हैं और क्या इस मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
वायरल वीडियो में दिपके से देर से आने को लेकर भी सवाल किए गए। उन्होंने इसके जवाब में पहले नहीं आ पाने के लिए माफी मांगी और बाद में वहां से निकल गए। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
इसके बाद पोस्ट किया ‘मैं CM पद से इस्तीफा देता हूं’
बालाघाट दौरे के अगले दिन दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पत्र पोस्ट किया। इसमें उन्होंने खुद को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए राज्यपाल को संबोधित किया और तत्काल प्रभाव से पद से इस्तीफा देने की बात कही। पत्र में उन्होंने बालाघाट में बच्चों की मौत, स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति, पेयजल और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए सरकार की कथित विफलताओं पर भी सवाल उठाए। कई मीडिया रिपोर्टों ने इसे व्यंग्यात्मक इस्तीफा बताया है, न कि वास्तविक मुख्यमंत्री पद का इस्तीफा।
राष्ट्रीय प्रतीक के इस्तेमाल पर उठे सवाल
विवाद अब पत्र में इस्तेमाल किए गए राष्ट्रीय प्रतीक तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर सवाल उठाया जा रहा है कि किसी निजी व्यक्ति की ओर से मुख्यमंत्री के आधिकारिक पद का स्वरूप बनाकर राष्ट्रीय प्रतीक का इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं।
इसी आधार पर कुछ यूजर्स ने दिपके के खिलाफ FIR और गिरफ्तारी की मांग की है। हालांकि, केवल सोशल मीडिया पर उठ रही मांग को कार्रवाई या अपराध सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक FIR या कार्रवाई की पुष्टि सामने नहीं आई है।
राष्ट्रीय प्रतीक से जुड़े कानून पर क्या है प्रावधान?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act, 2005 राष्ट्रीय प्रतीक के अनुचित उपयोग को नियंत्रित करता है।
किसी मामले में इस कानून की धाराएं लागू होती हैं या नहीं, यह पोस्ट की वास्तविक सामग्री, उपयोग के तरीके और संबंधित परिस्थितियों की कानूनी जांच के बाद ही तय किया जा सकता है।
इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि दिपके की पोस्ट निश्चित रूप से कानून का उल्लंघन करती है। यही वजह है कि खबर में इसे ‘राष्ट्रीय प्रतीक के कथित दुरुपयोग’ और उस पर उठे सवालों के रूप में देखना अधिक उचित होगा।
30 से ज्यादा बच्चों की मौत का मामला
दिपके का दौरा ऐसे समय हुआ है जब बालाघाट के आदिवासी इलाकों में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत का मामला चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, मौतों को संक्रामक बीमारियों से जोड़ा गया है और इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार से जवाब मांगा है। दिपके ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए थे।
अब FIR होगी या नहीं, पुलिस के रुख पर नजर
फिलहाल विवाद दो हिस्सों में बंट गया है। एक ओर बालाघाट में बच्चों की मौत और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग है, वहीं दूसरी ओर दिपके की ‘CM इस्तीफा’ पोस्ट और उसमें इस्तेमाल लेटरहेड/राष्ट्रीय प्रतीक को लेकर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
बालाघाट की इस पोस्ट को लेकर FIR दर्ज होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। अब निगाह पुलिस और प्रशासन के अगले कदम पर है कि शिकायत मिलने पर मामले की कानूनी जांच की जाती है या नहीं।
संबंधित समाचार

नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी स्ट्राइक:पहाड़-जंगल में छिपाकर उगा रहे थे गांजा; खेतों से इतने क्विंटल माल किया जब्त

नदी में बाप-बेटा डूबे:बाबू-महाराज के दर्शन से पहले नहाने उतरे थे; दोनों की मौत

स्पा सेंटर पर पुलिस की दबिश:आपत्तिजनक हालत में मिले युवक-युवतियां; 4 आरोपी गिरफ्तार

देखिये वीडियो, महिला ने सल्फास खाकर की आत्महत्या:पति ने लगाए मुस्लिम प्रेमी पर धमकी और प्रताड़ना के आरोप

देखिए वीडियो:खत्म हुआ करोड़ों बहनों का इंतजार; इस योजना की 40वीं किस्त जारी, खाते में पहुंचे इतने रुपए, मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से किए इतने करोड़ ट्रांसफर

जहरीली शराब कांड पर पूर्व सीएम का गंभीर आरोप:‘SP हर महीने शराब माफिया से लेते हैं 50-60 लाख’

MP के इतने छात्रों को मिलेगी स्कूटी:मुख्यमंत्री इस दिन करेंगे वितरण

करोड़ों की साइबर ठगी से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार:21 पासबुक, 8 ATM और 20 चेकबुक जब्त; इन्वेस्टमेंट और APK फ्रॉड के लेनदेन का खुलासा

सीएम के करीबी का मोबाइल लूटने वाला गिरफ्तार:पहले पीड़ित को कर दिया था रवाना; दबाव पड़ा तो केस दर्ज कर दौड़ी पुलिस

देखिये वीडियो, आईडीए मल्टी की जमीन धंसी:घर में सो रहा था परिवार; 11 साल पुरानी कॉलोनी पर मंडराया खतरा, रहवासियों में दहशत

सरप्राइज चेकिंग में 397 पर कार्रवाई:195 वारंट तामील; शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 101 पकड़ाए; तलवार के साथ बदमाश गिरफ्तार

जीतू यादव- कालरा विवाद फिर गरमाया

विधायक गौड़ के आश्वासन के बाद पार्षद कमलेश कालरा का धरना हुआ समाप्त

भाजपा में पावर गेम:8 महीने में ही खत्म हुआ 6 साल का वनवास; जीतू की एमआईसी में वापसी से ‘राजवाड़ा' पर उपजा नया सियासी बवंडर

CJP फाउंडर का तंज:‘एमपी के CM पद से इस्तीफा देता हूं’; बच्चों की मौत और बदहाल स्कूलों पर सरकार को घेरा

कच्ची शराब के ठिकानों पर पुलिस की दबिश:गंदे बाथरूम में चल रही थी भट्टी; 100 से ज्यादा डिब्बे किए नष्ट

सत्य सांई स्कूल पर 4.30 करोड़ का संपत्ति कर बकाया:जिला कोर्ट ने निगम के पक्ष में दिया फैसला

30 साल से सरकारी जमीन पर स्कूल:अब बेदखली का नोटिस; डॉ. रमेश बदलानी के नेशनल पब्लिक स्कूल पर प्रशासन की कार्रवाई

राहुल गांधी बोले:देश के करीब 80 फीसदी लोग खाते हैं नॉनवेज; भारतीय मांसाहारी खाना बेहद स्वादिष्ट

पत्रकार ने टीआई पर लगाया बदसलूकी का आरोप:मानव अधिकार आयोग और डीसीपी तक पहुंची शिकायत
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!