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बर्फबारी के आसार: बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में; केदारनाथ में अगले 7 दिन चुनौतीपूर्ण रहेगा मौसम

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 जून 2026, 7:53 pm
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बर्फबारी के आसार

खुलासा फर्स्ट, रुद्रप्रयाग।
केदारनाथ धाम में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। चारधाम यात्रा के बीच मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है।

मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम में इन दिनों सुबह और शाम के समय ठंड का असर बना हुआ है। बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण तापमान में और गिरावट दर्ज की जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

पिछले कुछ दिनों से केदारनाथ और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बारिश के बाद आसपास की ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक जाती हैं, जिससे तापमान में अचानक गिरावट महसूस की जाती है।

यही कारण है कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को गर्म कपड़ों और वर्षा से बचाव के पर्याप्त इंतजाम के साथ यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन के साथ वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा 4,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण ठंड का असर और बढ़ सकता है। 6 जून से 9 जून तक भी जिले के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।

हालांकि इस अवधि में व्यापक बर्फबारी की संभावना कम बताई जा रही है, लेकिन मौसम में तेजी से बदलाव होने की आशंका बनी रहेगी।चारधाम यात्रा को देखते हुए प्रशासन लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है।

यात्रा मार्गों, पड़ावों और केदारनाथ धाम क्षेत्र में तैनात अधिकारियों को मौसम संबंधी अपडेट नियमित रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खराब मौसम की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि केदारनाथ क्षेत्र का मौसम पल-पल बदलता है। सुबह धूप रहने के बावजूद दोपहर या शाम तक बारिश और घने बादल छा सकते हैं। ऐसे में यात्रियों को मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे रेनकोट, गर्म कपड़े, वाटरप्रूफ जूते और आवश्यक दवाइयां साथ रखें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम अचानक खराब होने की स्थिति में सावधानी और सतर्कता ही सुरक्षित यात्रा का सबसे बड़ा आधार मानी जा रही है।

रिकॉर्ड भीड़ के बाद सरकार अलर्ट: चारधाम यात्रा के लिए बनेगी नई SOP, यात्रियों के लिए सख्त नियम लागू
चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ में उमड़ी रिकॉर्ड भीड़ और अव्यवस्था की शिकायतों के बाद उत्तराखंड सरकार ने यात्रा प्रबंधन को और सख्त बनाने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को चारधाम यात्रा के लिए नई और विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

नई व्यवस्था के तहत धामों की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर केदारनाथ में लंबी कतारों, भीड़भाड़ और यात्रियों की परेशानियों से जुड़े कई वीडियो सामने आए थे।

इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सुरक्षा व भीड़ नियंत्रण को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए।

धाम में VIP दर्शन के नए नियम लागू: अब प्रति श्रद्धालु देना होगा 1100 रुपए शुल्क
चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में उमड़ रही भारी भीड़ के बीच बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने VIP और प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य आम श्रद्धालुओं के दर्शन को प्रभावित किए बिना VIP दर्शन को अधिक व्यवस्थित और नियंत्रित बनाना है। चारधाम यात्रा के इस सीजन में दोनों धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है।

कई यात्रियों को घंटों तक लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए मंदिर समिति ने दर्शन व्यवस्था में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई SOP के अनुसार अब केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में VIP अथवा प्रोटोकॉल दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं से प्रति व्यक्ति 1100 रुपए शुल्क लिया जाएगा।

शुल्क जमा करने के बाद मंदिर समिति की ओर से आधिकारिक रसीद जारी की जाएगी।

मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि VIP दर्शन की सुविधा केवल निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही उपलब्ध होगी। जिला प्रशासन अथवा बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को राज्य सरकार से प्राप्त प्रोटोकॉल सूचना के आधार पर दर्शन पर्ची जारी की जाएगी। इसी पर्ची के आधार पर श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के साथ दर्शन की अनुमति मिलेगी।

नई व्यवस्था के तहत प्रोटोकॉल श्रेणी के श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में सिंहद्वार के दाहिनी ओर स्थित सीढ़ियों से प्रवेश कराया जाएगा। इससे सामान्य श्रद्धालुओं की कतारों पर अतिरिक्त दबाव कम करने का प्रयास किया जाएगा।

मंदिर समिति ने बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था निर्धारित की है। SOP के अनुसार गेट नंबर-2 से केवल 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग श्रद्धालु और समिति द्वारा अनुमोदित विशेष श्रेणी के लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा।

समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर इस सुविधा का अनुचित लाभ लेने का प्रयास करता है या कोई कर्मचारी अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश देता पाया जाता है, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंदिर समिति का कहना है कि चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारु बनाना आवश्यक हो गया था। नई SOP इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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