मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक सोच की प्रेरक मिसाल: बहू को बेटी बनाकर घर से किया विदा; पिता ने निभाई ससुर की जिम्मेदारी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले से मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक सोच की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। यहां एक परिवार ने अपने बेटे की कैंसर से मौत के बाद विधवा बहू को बेटी का दर्जा देते हुए उसका पुनर्विवाह कराया। ससुर ने पिता की भूमिका निभाते हुए कन्यादान किया और विवाह का पूरा खर्च भी स्वयं उठाया। विदाई के दौरान परिवार और रिश्तेदारों की आंखें नम हो गईं।
2018 में हुई थी कपिल और प्रियंका की शादी
उज्जैन जिले के जेथल निवासी दिनेश बैरागी के छोटे बेटे कपिल बैरागी का विवाह वर्ष 2018 में विदिशा निवासी प्रियंका से हुआ था। शादी के बाद दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन करीब तीन साल बाद वर्ष 2021 में कपिल के पैर में कैंसर का पता चला। परिवार ने इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए। करीब दो वर्षों तक विभिन्न अस्पतालों में इलाज चलता रहा, लेकिन बीमारी से जंग हारने के बाद 6 जून 2023 को कपिल का निधन हो गया।
बेटे की मौत के बाद बहू को नहीं छोड़ा अकेला
पति की मृत्यु के बाद प्रियंका अपने ससुराल में ही रहने लगी। इस दौरान ससुर दिनेश बैरागी और सास कैलाश बाई ने बहू को बेटी की तरह संभाला। समय बीतने के साथ परिवार ने महसूस किया कि प्रियंका का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए और उसका जीवन दोबारा बसना चाहिए। इसके बाद परिवार ने आपसी सहमति और प्रियंका की इच्छा से उसके पुनर्विवाह का निर्णय लिया।
विदिशा के गोविंद से तय हुआ रिश्ता
परिवार ने प्रियंका के लिए विदिशा निवासी गोविंद का रिश्ता तय किया। दोनों परिवारों की सहमति के बाद भोपाल के एक रिसॉर्ट में पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपराओं के अनुसार विवाह समारोह आयोजित किया गया। विवाह में दोनों परिवारों के रिश्तेदार, समाजजन और परिचित बड़ी संख्या में शामिल हुए।
ससुर ने निभाई पिता की जिम्मेदारी
विवाह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब दिनेश बैरागी ने अपनी बहू का नहीं, बल्कि बेटी का कन्यादान किया। उन्होंने पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ विवाह की सभी रस्में निभाईं। विवाह समारोह में मौजूद लोगों ने इस दृश्य को भावुक कर देने वाला बताया। कई लोगों ने इसे समाज के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश बताया।
विवाह पर करीब 7 लाख रुपए किए खर्च
प्रियंका के देवर दीपक बैरागी ने बताया कि परिवार ने पहले ही तय कर लिया था कि छोटे भाई की मृत्यु के बाद भाभी का जीवन दोबारा बसाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विवाह समारोह पर करीब 7 लाख रुपए खर्च किए गए। लगभग 400 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई और नवदंपती को गृहस्थी शुरू करने के लिए आवश्यक घरेलू सामान भी दिया गया। परिवार के सभी सदस्य भोपाल पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ विवाह समारोह में शामिल हुए।
"बहू बनाकर लाया था, बेटी बनाकर विदा करूंगा"
ससुर दिनेश बैरागी ने कहा कि बेटे की मृत्यु के बाद उन्होंने यह संकल्प लिया था कि बहू का भविष्य अंधकारमय नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, "बहू बनाकर लाया था, बेटी बनाकर विदा करूंगा।" उन्होंने अपने इस संकल्प को पूरा करते हुए बहू का पुनर्विवाह कराया और पिता की तरह कन्यादान किया।
बेटी को मिला सम्मान, भावुक हुए पिता
प्रियंका के पिता रामबाबू ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उनकी बेटी को ससुराल में इतना सम्मान और अपनापन मिलेगा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि समधी ने जिस तरह बेटी का कन्यादान कर पिता का फर्ज निभाया, वह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
समाज को दिया सकारात्मक संदेश
ऐसे समय में जब विधवा पुनर्विवाह को लेकर समाज के कई हिस्सों में आज भी संकोच और सामाजिक दबाव देखने को मिलता है, उज्जैन के बैरागी परिवार ने अपनी बहू को बेटी का सम्मान देकर और उसका पुनर्विवाह कराकर एक सकारात्मक संदेश दिया है। परिवार की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसे मानवता, समानता और सामाजिक जागरूकता की मिसाल बताया है।
संबंधित समाचार

सिम एक्टिवेशन के नाम पर साइबर ठगी:आईटी कर्मचारी के खाते से लाखों उड़ाए

जहरीले पानी से मरने वालों के घर पहुंची कांग्रेस:मृतकों के परिजन ने कहा- हादसे के दोषियों को सजा मिलना चाहिए

देखिए वीडियो, राजघाट पहुंचा विपक्ष:इन नेताओं को अंदर जाने की अनुमति; बापू को दी श्रद्धांजलि, सीईसी के इस्तीफे पर तीसरे दिन भी प्रदर्शन

देखिए वीडियो, सर्वपितृ अमावस्या पर मुस्लिम महिला करेगी पितृ तर्पण:पूर्वजों के सम्मान का लिया संकल्प

फिटनेस व्यवस्था हुई ठप चालकों की ‘चेकिंग’ तेज:सरकारी वेबसाइट पर फिटनेस सुविधा महीनों से बाधित होने का दावा

एमटी क्लॉथ मार्केट में बंपर अमृत उपहार योजना का मुख्य ड्रॉ संपन्न:व्यापारियों को मिले 251 आकर्षक उपहार; दलालों के लिए रखे गए थे 31 विशेष पुरस्कार

मध्यप्रदेश में निवेश करेगा आरपीजी समूह:ट्रांसमिशन, टायर,आईटी सेक्टर पर सीएम डॉ. मोहन यादव से हर्ष गोयनका की चर्चा

चाचा 420 की साजिश का शिकार आरिफ अली:एक बार एनडीपीएस एक्ट के झूठे केस में फंसा चुका; फिर दे रहा धमकी

बैंक बिल्डिंग के जर्जर छज्जे हटाए:प्लास्टर गिरने के बाद निगम की कार्रवाई; समय-सीमा में नहीं हुआ काम

नकली तंबाकू का नेटवर्क खंगाल रही सराफा पुलिस:आरोपी ने लिया कृष्णा ट्रेडर्स का नाम; पैकिंग रोल और लेबल के स्रोत की भी होगी जांच

कार से टक्कर के बाद बाइक सवार नशेड़ी ने फोड़ा कांच:घटना के बाद दोनों पक्ष को थाने ले गई पुलिस; मारपीट का वीडियो वायरल

गैंगस्टर सतीश भाऊ और उसके गुर्गों के खिलाफ क्राइम ब्रांच में दर्ज हुई शिकायत:लाखों रुपए वसूलने के मामले में; प्रॉपर्टी सेटलमेंट के नाम पर लिए, अब धमका रहे हैं फरियादी को

टूरिज्म फीलिंग नहीं हीलिंग भी:सीएम डॉ. मोहन यादव

जय श्रीकृष्ण या 'जेएसके' या जय श्रीकृष्णा

दोस्तों के साथ ओडिशा गया गणेश लापता:जांच पर उठे सवाल

ड्रग्स तस्करी की 48.50 लाख की कमाई पर सफेमा का शिकंजा:पहले से 13 केस दर्ज; जिनमें से तीन एनडीपीएस एक्ट के

पेट्रोल पंप से की रेकी और रास्ते में लूट लिया:काका तमने जो नोट दिया वी नकली है कहकर रोका था किसान को

बंटी नागर खुदकुशी कांड में बॉबी छाबड़ा की हुई एंट्री:मामला छोटा बांगड़दा हाईराइज बिल्डिंग के 35 करोड़ के लेनदेन का

चंदर की मौत का गुस्सा:कोर्ट में बदमाश सूरज जाट पर बरसीं चप्पलें

तस्कर रेहान गिरफ्तार पुलिस ने आखिरकार दबोचा:नाना के ड्रग्स नेटवर्क की अहम कड़ी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!