देखिए वीडियो: हर आरोप पर सिर्फ जांच; फिर एसआई पर क्यों नहीं आती आंच?, पुराने सुसाइड केस के बाद ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग में नया विवाद, वायरल वीडियो ने फिर उठाए सवाल
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पुलिस कार्रवाई को लेकर विवादों में रहे सब इंस्पेक्टर महेश चौहान एक बार फिर चर्चा में हैं। लसूड़िया थाना क्षेत्र में ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग के दौरान एक महिला और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद में एसआई चौहान का नाम सामने आया है।
महिला ने पुलिसकर्मियों पर रुपये मांगने और पैसे लेने के बावजूद कार्रवाई की रसीद नहीं देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने आरोपों को निराधार बताते हुए मामले की जांच की बात कही है।
खास बात यह है कि एसआई चौहान का नाम इससे पहले 2023 के भंवरकुआं क्षेत्र के मोबाइल व्यापारी आत्महत्या मामले में भी सामने आया था।
उस मामले में मृतक के पास से पांच पन्नों का कथित सुसाइड नोट मिला था, जिसमें तत्कालीन एसआई महेश चौहान और आरक्षक प्रशांत सिंह परिहार पर प्रताड़ना, रुपए मांगने और झूठे मामले में फंसाने जैसे आरोप लगाए गए थे।
हालांकि, सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप अपने आप में आरोप हैं, उनकी पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही मानी जा सकती है।
लसूड़िया में ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग के दौरान विवाद
दो दिन पहले देर रात लसूड़िया क्षेत्र में पुलिस की ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने विजय सोनाने को रोका।
पुलिस के अनुसार, वह कथित रूप से नशे की हालत में था और जांच मशीन में फूंक मारने के बाद वहां से जाने की कोशिश कर रहा था।
वहीं विजय के साथ मौजूद महिला ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान उससे रुपये मांगे गए।
महिला का दावा है कि विजय एटीएम से 10 हजार रुपए निकालकर लाए और पुलिसकर्मियों को दिए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें चालानी कार्रवाई की रसीद नहीं दी गई।
इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। विजय ने मौके पर घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में महिला पुलिसकर्मियों से कार्रवाई को लेकर सवाल करती दिखाई दे रही है।
पुलिस: वीडियो और पूरे घटनाक्रम की होगी जांच
मामले में एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
वहीं एसआई महेश चौहान से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने प्रतिक्रिया नहीं दी। बाद में उनके पक्ष से आरोपों को निराधार बताया गया।
एसआई का पक्ष: महिला बेवजह कर रही थी विवाद
एसआई चौहान की ओर से सामने आए पक्ष के अनुसार, महिला बेवजह विवाद कर रही थी और खुद को पत्रकार बता रही थी। पुलिस का कहना है कि टीम ने उसके साथ मौजूद व्यक्ति को ड्रिंक एंड ड्राइव जांच के लिए रोका था।
एसआई के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने किसी से कोई पैसा नहीं लिया और रिश्वत मांगने के आरोप गलत हैं।
अब वायरल वीडियो, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
2023 में व्यापारी की आत्महत्या के बाद भी सामने आया था नाम
वर्ष 2023 में भंवरकुआ क्षेत्र स्थित द ग्रैंड होटल के एक कमरे में मोबाइल व्यापारी राजीव शर्मा ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को मौके से पांच पन्नों का कथित सुसाइड नोट मिला था।
इसमें तत्कालीन एसआई महेश चौहान और आरक्षक प्रशांत सिंह परिहार पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। मृतक ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर प्रताड़ित करने, रुपए मांगने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए थे।
सुसाइड नोट में मृतक ने दावा किया था कि उसके खिलाफ दर्ज मामले को खत्म करने के लिए कथित तौर पर 25 लाख रुपये की मांग की गई।
उसने यह भी आरोप लगाया था कि रुपये नहीं देने पर उसे और उसकी पत्नी को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई।
मृतक ने जब्त सामान को लेकर भी सवाल उठाए थे। उसके अनुसार गिरफ्तारी के दौरान लैपटॉप, सोने के आभूषण, मोबाइल, चांदी की वस्तुएं और अन्य सामान जब्त किया गया था, लेकिन उसका पूरा रिकॉर्ड अदालत में पेश नहीं किया गया।
आरक्षक पर भी लगाए थे आर्थिक लेन-देन के आरोप
सुसाइड नोट में आरक्षक प्रशांत सिंह परिहार के साथ कथित आर्थिक लेन-देन का भी जिक्र था। मृतक ने दावा किया था कि उसने प्रशांत और उसके परिवार से रुपए लिए थे, जिन्हें बाद में चुका दिया गया। इसके बावजूद उससे लगातार रुपये मांगे जाने और दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया था।
पुराने मामले में हुई थी कार्रवाई
मोबाइल व्यापारी आत्महत्या मामले में आरक्षक प्रशांत सिंह परिहार के खिलाफ कार्रवाई हुई थी और उसे जेल भी जाना पड़ा था। बाद में उसे जमानत मिल गई।
वहीं एसआई महेश चौहान को लेकर भी विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की बात सामने आई थी। उन पर कार्रवाई के बाद बाद में वे फिर सेवा में लौट आए।
सवाल वही... जांच के बाद जिम्मेदारी किसकी?
लसूड़िया के ताजा विवाद ने 2023 के पुराने मामले की याद फिर ताजा कर दी है। दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं और पुराने मामले के आरोपों तथा वर्तमान विवाद को एक-दूसरे से जोड़कर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
लेकिन सवाल पुलिस व्यवस्था पर जरूर उठता है। गंभीर आरोप लगने के बाद जांच तो हर बार शुरू होती है, लेकिन जांच का निष्कर्ष क्या निकलता है और जवाबदेही किस स्तर पर तय होती है?
वर्तमान मामले में भी वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस जांच की रिपोर्ट का इंतजार है।
संबंधित समाचार

शादी का झांसा देकर युवती से लाखों की ठगी:मेट्रोमोनियल साइट पर युवक से हुई थी पहचान

समूह लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी:महिलाओं से ऐंठे रुपए; को-ऑपरेटिव बैंक कर्मचारी पर केस दर्ज

पेट्रोल पंप के अंडरग्राउंड टैंक में अचानक भड़की आग:सफाई कर रहा कर्मचारी 90 फीसदी झुलसा; टला बड़ा हादसा

100 साल पुरानी शाही मस्जिद पर संकट:हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाएं की खारिज; आदेश आना बाकी

महिला सैन्यकर्मी और बेटी पर कुल्हाड़ी से हमला:महिला संगठनों ने ASP को सौंपा ज्ञापन; इस बात को लेकर हुआ था विवाद

देखिये वीडियो, रात में सुनसान जगह खड़ी मिली SDM की कार:पूछताछ करने पर मौके से गाड़ी लेकर भागा चालक; युवती भी थी साथ

सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और अवैध बेसमेंट उपयोग पर 6 परिसर हुए सील:शहरभर में जांच जारी; पार्किंग की जगह चल रहे थे लाइब्रेरी, स्नूकर क्लब और मेस

हॉस्पिटल परिसर में डॉक्टर से मारपीट:बेदखल करने को लेकर पार्टनर से चल रहा विवाद

जिला प्रशासन को 1500 करोड़ का बड़ा झटका:हाईकोर्ट ने खारिज किया सीलिंग आदेश

50 से ज्यादा मौत का दावा, आंकड़े छिपाने का आरोप:जहरीली शराबकांड; मौत का सिलसिला थम नहीं रहा

अवैध शराब के अड्डों पर ताबड़तोड़ छापेमारी:15.20 टन महुआ लहान किया नष्ट; 100 से ज्यादा जवान कार्रवाई में जुटे, 23 प्रकरण दर्ज

देखिये वीडियो, फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर बड़ा एक्शन:अपोलो टावर किया सील

मूंग उपार्जन में लाखों के फर्जीवाड़े का खुलासा:3 हजार में खरीदी मूंग समर्थन मूल्य पर बेची; EOW ने दर्ज की FIR

सागर में मौत की बोतल किसने खोली

‘छात्रों की गूंज’ के लिए 1 लाख रजिस्ट्रेशन:कांग्रेसियों ने आतिशबाजी कर मनाया जश्न; 19 सितंबर को आएंगे राहुल गांधी

लापरवाही पर दो स्वच्छता निरीक्षकों और दो दरोगाओं का कटा दिया वेतन:निगम आयुक्त ने किया मास्टर प्लान की आरई-2 सड़क का निरीक्षण

धारा 16 में स्वीकृत कॉलोनी पर प्रशासन उलझा:TCP के पत्र से कॉलोनाइजर को मिली राहत

कान्ह नदी किनारे बरसों पुराना अवैध निर्माण ध्वस्त:34 मकान और कारखाने जमींदोज

स्क्रीन पर दिखाया जाता था लाखों का मुनाफा और जेब कर देते थे खाली:दो मास्टरमाइंड समेत पूरा नेटवर्क गिरफ्त में; 31 मोबाइल, 7 आईफोन, 18 कंप्यूटर सहित भारी मात्रा में उपकरण जब्त

कारोबारी के ठिकानों पर ED का छापा:घर से लेकर फैक्ट्री तक पहुंची टीमें; करोड़ों के लोन मामले में दी दबिश
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!