निर्मल होगी यह नदी: नहीं गिरेगा नालों का पानी; अतिक्रमण और प्लास्टिक पर भी सख्ती,16 जिलों में चलेगा अभियान
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल/इंदौर।
मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त और अविरल बनाए रखने के लिए ‘नर्मदा नमन मिशन’ शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
नमामि गंगे की तर्ज पर तैयार इस मिशन के तहत नर्मदा में मिलने वाले गंदे नालों और सीवेज के पानी को रोकने, नदी के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने और घाटों की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस किया जाएगा।
नर्मदा लंबे समय से प्रदूषण, सीवेज, प्लास्टिक कचरे और अतिक्रमण जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। कई शहरों और कस्बों में नालों का पानी सीधे नदी में मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
घाटों और धार्मिक स्थलों के आसपास प्लास्टिक व अन्य कचरा भी नदी की सेहत के लिए बड़ी चुनौती है। मिशन के तहत इन समस्याओं का स्थायी समाधान करने की योजना तैयार की गई है।
‘नर्मदा नमन मिशन’ का क्या है उद्देश्य?
नर्मदा नमन मिशन का पूरा नाम ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ है। इसका मुख्य उद्देश्य नर्मदा को प्रदूषण से मुक्त करना और नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना है।
सरकार की योजना में नदी में गिरने वाले नालों को रोकना, सीवेज का उपचार करना, कैचमेंट एरिया को अतिक्रमण से मुक्त कराना, घाटों की सफाई और नदी की जल गुणवत्ता की लगातार निगरानी शामिल है।
अमरकंटक से आलीराजपुर तक 16 जिलों में काम
नर्मदा मध्य प्रदेश के 16 जिलों से होकर गुजरती है और राज्य में इसकी लंबाई करीब 1,077 किलोमीटर है। ‘नर्मदा नमन मिशन’ नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक से लेकर आलीराजपुर तक पूरे क्षेत्र को कवर करेगा।
मिशन के दायरे में अनूपपुर, डिंडोरी, सिवनी, मंडला, नरसिंहपुर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, खरगोन, धार, बड़वानी और आलीराजपुर जिले शामिल हैं।
हर जिले की भौगोलिक परिस्थितियां और नदी से जुड़ी समस्याएं अलग हैं। इसलिए स्थानीय जरूरतों के अनुसार अलग-अलग कार्ययोजनाएं तैयार कर काम किया जाएगा।
प्रमुख घाटों और पर्यटन स्थलों की बदलेगी तस्वीर
मिशन के तहत नर्मदा के प्रमुख घाटों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां सीवेज ट्रीटमेंट, ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
इससे अमरकंटक, जबलपुर का भेड़ाघाट, नर्मदापुरम का सेठानी घाट, ओंकारेश्वर और महेश्वर जैसे प्रमुख नर्मदा तटों पर स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
छह विभाग मिलकर संभालेंगे जिम्मेदारी
मिशन को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए छह सरकारी विभाग मिलकर काम करेंगे। इसके लिए अंतर-विभागीय समन्वय समिति बनाई गई है। इसका उद्देश्य अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारना है।
सरकार का फोकस इस बार केवल अलग-अलग स्थानों पर सफाई अभियान चलाने के बजाय नर्मदा से जुड़ी समस्याओं के स्थायी और समन्वित समाधान पर है।
बजट में कई योजनाओं और CSR की हिस्सेदारी
मिशन के लिए राज्य के बजट के साथ स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना और CSR फंड का भी उपयोग किया जाएगा।
इसी फंड से घाटों को पर्यावरण के अनुकूल विकसित करने और सीवेज व कचरा प्रबंधन की व्यवस्थाएं मजबूत करने की योजना है।
नदी के पानी की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए रियल-टाइम वाटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा। इससे पानी की गुणवत्ता में होने वाले बदलावों की लगातार निगरानी की जा सकेगी।
500 मीटर के दायरे में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक
नदी और घाटों को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने के लिए नर्मदा के तट से 500 मीटर के दायरे में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की योजना है। घाटों के आसपास दुकान संचालकों और श्रद्धालुओं को भी इस व्यवस्था का पालन करना होगा।
‘नर्मदा मित्र’ करेंगे सहयोग
मिशन में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘नर्मदा मित्र’ बनाए जाएंगे। ये स्थानीय स्तर पर लोगों को नदी स्वच्छ रखने, प्लास्टिक का उपयोग रोकने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे।
सरकार का मानना है नर्मदा जैसी विशाल नदी को केवल सरकारी प्रयासों से स्वच्छ रखना संभव नहीं है। इसलिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ जनभागीदारी और सामाजिक चेतना को भी मिशन का अहम हिस्सा बनाया है।
सिर्फ सफाई नहीं, नदी के पूरे इकोसिस्टम पर फोकस
‘नर्मदा नमन मिशन’ की खासियत यह है कि इसमें केवल नदी के पानी की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि सीवेज, नालों, अतिक्रमण, प्लास्टिक, घाटों की व्यवस्था और जल गुणवत्ता जैसे सभी पहलुओं को एक साथ लेकर काम करने की योजना है।
यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो अमरकंटक से अलीराजपुर तक नर्मदा के संरक्षण की दिशा में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है।
संबंधित समाचार

भाजपा पार्षद के घर पुलिस की दबिश:बाथरूम से मिली बड़ी मात्रा में अवैध शराब; देवर और साथी गिरफ्तार, पति फरार

फिर लड़कों से आगे बेटियां:महिला स्पर्धाओं में 10 गोल्ड; पुरुषों में 8, हॉकी ने दिलाया ओलिंपिक टिकट

चकमा देकर हथकड़ी समेत भागने के चक्कर में आरोपी के हाथ और पैर टूटे:पुलिसकर्मियों पर स्कॉर्पियो चढ़ाने वाले की करतूत

अनजान लिंक पर क्लिक करना पड़ा भारी:लगा लाखों रुपए का चूना; मोबाइल पर गेम खेल रहे थे बच्चे

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा- 2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त करेंगे:नक्सली खत्म, अब बारी है नशे की: अमित शाह

16 हजार का लोन:बदनामी से डरकर गंवाए 3.07 लाख

टीईटी के विरोध में जुटे शिक्षक:बोले-किसी भी हाल में परीक्षा नहीं देंगे; ‘सांसद-विधायक पेंशन ले रहे तो हम क्यों नहीं?’

MP में सार्वजनिक परिवहन का होगा बड़ा विस्तार:2031 तक इतनी बसों का लक्ष्य; मुख्यमंत्री का बड़ा अपडेट

जीतू पटवारी कांग्रेस के मेल राखी सावंत:भाजपा नगर अध्यक्ष ने पीसीसी चीफ पर साधा निशाना

अपोलो टावर में 500 किलो का अवैध जंगला बना खतरे की घंटी:निगम अफसरों की साठगांठ से हो रहा अवैध निर्माण, शिकायतों के बाद भी मूकदर्शक

आईडीए की दोहरी नीति पर उठे सवाल:छात्रों की गूंज के लिए 14 लाख वसूले पटाखा कारोबारियों पर करीब 60 लाख बकाया फिर भी जमीन देने की तैयारी

सड़क पर कब्जा व्यवस्था धराशायी:भंवरकुआं पर रेंगती जिंदगियां, जिम्मेदार बेखबर

इस पार्टी ने राज्यसभा के लिए इतने उम्मीदवार किए घोषित:इनके नाम किए घोषित

दिग्गज फिल्ममेकर का निधन:95 साल की उम्र में ली अंतिम सांस;कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि

हथकड़ी में नवीन ओझा की निकली सारी हेकड़ी:रिमांड अवधि में आरोपी को उसके घर लेकर पहुंची पुलिस

बहादुर कैप्टन ने इस देश के पीएम को सुनाई खौफनाक आपबीती:को-पायलट के खतरनाक इरादे बताए

MP में आयुष्मान मरीजों के इलाज पर संकट:इस दिन से प्रदेश में बंद होगा उपचार; 1000 एंबुलेंस से दिल्ली कूच की तैयारी

उठाए सवाल इस एप और नेट की डिजिटल प्रविष्टियां उपलब्ध नहीं:लाखों मतदाताओं के नाम हटाने पर आरटीआई में चुनाव कार्यालयों ने कहा

ACP पर महिला पत्रकार से छेड़छाड़ का आरोप:CJP ने थाने के बाहर जताया विरोध; पुलिस को दिया अल्टीमेटम

दूसरे पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाने वाली रूपाली जैन अब जाएगी सलाखों के पीछे:आ गया खुद का नंबर
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!