हथकड़ी में नवीन ओझा की निकली सारी हेकड़ी: रिमांड अवधि में आरोपी को उसके घर लेकर पहुंची पुलिस
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
करोड़ों के लोन का जाल बिछाकर लोगों से मोटी रकम ऐंठने वाले नवीन ओझा की क्राइम ब्रांच ने आखिर हेकड़ी निकाल दी। रिमांड पर चल रहे नवीन को पुलिस हथकड़ी लगाकर उसके घर लेकर पहुंची और इसके बाद ऑफिस ले गई। टीम ने दोनों जगह तलाशी लेकर जालसाजी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। जिस आरोपी के इशारे पर करोड़ों के लोन का खेल चल रहा था, वही नवीन कल पुलिस की हथकड़ी में अपने घरवालों के सामने खड़ा था। उसे इस हालत में देखकर घर में रोना-धोना शुरू हो गया।
नवीन ओझा और उसके गिरोह का लोन का खेल छोटा-मोटा नहीं, बल्कि करीब 200 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। गिरोह ने महज एक बैंक चोलामंडलम से ही करीब 200 करोड़ रुपए के लोन करवाने की जानकारी सामने आई है। लोन कराने के नाम पर कमीशन, स्टाम्प ड्यूटी और प्रतिशत के हिसाब से लोन लेने वालों से करोड़ों रुपए वसूले गए। अब क्राइम ब्रांच की जांच आगे बढ़ने के साथ इस जाल में फंसे पीड़ित भी एक-एक कर सामने आने लगे हैं।
क्राइम ब्रांच ने हर्ष शर्मा की शिकायत पर नवीन ओझा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह पांच दिन के रिमांड पर है।खुलासा फर्स्ट में नवीन के कारनामों से जुड़े खुलासे सामने आने के बाद धामनोद निवासी लोकेंद्र पिता जनकीराम विश्वकर्मा, जितेंद्र पिता मथुरालाल जायसवाल, नागमणि टूर्स एंड ट्रेवल्स तथा चंदन कुमार पिता जगदीश विश्वकर्मा, शिवशक्ति मेडिकल एजेंसी के पीड़ित भी शिकायत लेकर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के पास पहुंचे। पुलिस ने कल दोपहर तीनों पीड़ितों के बयान लिए हैं और जल्द केस दर्ज करने की बात कही है। यानी नवीन की गिरफ्तारी के बाद मामला थमने के बजाय उसका लोन का जाल लगातार फैलता सामने आ रहा है।
घर से ऑफिस तक हथकड़ी में घुमाया, दस्तावेज खंगाले... रिमांड के दौरान कल क्राइम ब्रांच की टीम नवीन को हथकड़ी लगाकर उसके घर और फिर ऑफिस लेकर पहुंची। टीम ने दस्तावेज खंगाले और महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए। क्राइम ब्रांच अब लोन से जुड़े तमाम दस्तावेज जुटा रही है। बैंक को भी पत्र लिखकर दस्तावेज मांगे गए हैं। जांच में जिन बैंककर्मियों की भूमिका सामने आएगी उन्हें नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि करोड़ों रुपए के लोन किस प्रक्रिया से मंजूर हुए और लोन की रकम के बाद कमीशन व अन्य रकम आरोपियों तक कैसे पहुंची।
2 करोड़ का लोन, नवीन ने 30 लाख रुपए और गौरव ने 70 लाख से ज्यादा हड़पे
पीड़ित हर्ष शर्मा के मुताबिक नवीन ओझा ने उसकी लाखों रुपए कीमत की दो संपत्तियां गिरवी रखकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनका वेल्यूएशन बढ़ाया और उसके नाम पर 2 करोड़ रुपए का लोन करवाया। इसमें नवीन ने 30 लाख रुपए खुद लिए, जबकि उसके सहयोगी गौरव खंडेलवाल ने 70 लाख रुपए से ज्यादा रकम हड़प ली। क्राइम ब्रांच ने नवीन को नामजद आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन पीड़ित का कहना है कि गौरव खंडेलवाल के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
पूछताछ में आसानी से मुंह नहीं खोल रहा नवीन
नवीन ओझा से पुलिस पूछताछ कर रही है। वह आसानी से कुछ कबूल नहीं रहा है। क्राइम ब्रांच उसके दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और पीड़ितों के बयानों को जोड़कर कड़ियां तलाश रही है। नवीन की गिरफ्तारी के बाद उसका भाई विशाल ओझा भी सक्रिय है। वह क्राइम ब्रांच थाने के बाहर पुलिसकर्मियों के साथ खड़ा होकर चाय-नाश्ता करता नजर आता है। कभी नवीन से मिलने पहुंचता है तो खाना-पानी भी लेकर आता है। खास बात यह है कि क्राइम ब्रांच में विशाल के खिलाफ भी शिकायत पहुंच चुकी है। इसके बावजूद वह बेखौफ बीएमडब्ल्यू से रोजाना क्राइम ब्रांच पहुंच रहा है। विशाल की इस सक्रियता की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंच चुकी है। अब जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नवीन के पूरे लोन नेटवर्क में उसके भाई और अन्य सहयोगियों की क्या भूमिका रही है।
तीन पीड़ितों से 2.72 करोड़ से ज्यादा की रकम का हिसाब
धामनोद के लोकेंद्र विश्वकर्मा, जितेंद्र जायसवाल और चंदन विश्वकर्मा के अनुसार नवीन ओझा, उसके भाई विशाल ओझा और चोलामंडलम बैंक निपानिया ब्रांच के क्रेडिट मैनेजर केतन सांसिया तथा एरिया मैनेजर भूपेंद्र सिंह चौहान ने कॉलोनी में 1500-1500 वर्गफीट के प्लॉट देने के नाम पर लोन करवाए। लोकेंद्र ने करीब 2 करोड़ 21 लाख 64 हजार और जितेंद्र ने करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए का लोन लिया। लोन और अन्य रकम में से अलग-अलग तारीखों पर नवीन ओझा और उसके सहयोगियों के खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। पीड़ितों के अनुसार लोकेंद्र से करीब 1 करोड़ 74 लाख 88 हजार, जितेंद्र से करीब 55 लाख 49 हजार और चंदन से 19 लाख, 12 लाख 80 हजार तथा 10 लाख रुपए अलग-अलग समय में लिए गए। शिकायतों के मुताबिक तीनों से कुल 2 करोड़ 72 लाख रुपए से ज्यादा की रकम आरोपियों तक पहुंची।
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