मेरी मौत का कारण सिर्फ कर्ज: तीन पन्नों का नोट लिखा; हनुमान मंदिर के पीछे मिला शव
KHULASA FIRST
संवाददाता

करोड़ों के ऋण के बोझ तले टूटे प्रॉपर्टी कारोबारी, दोस्तों को आखिरी मैसेज भेजकर दी जान
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
करोड़ों रुपए के कर्ज का बढ़ता बोझ एक प्रॉपर्टी कारोबारी की जिंदगी पर इतना भारी पड़ा कि उसने मौत को गले लगा लिया लिया। घर से निकलने के कुछ घंटे बाद उसने दोस्तों को आखिरी संदेश भेजकर आर्थिक तंगी और कर्ज से टूटने की बात कही।
साथ ही तीन पन्नों का एक नोट भी छोड़ गया, जिसमें अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराने और परिवार को परेशान नहीं किए जाने की अपील की। शाम को उसका शव एक मंदिर के पीछे मिला। घटना ने परिवार को झकझोर कर रख दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुबह जल्दी घर से निकले
खुड़ैल पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 45 वर्षीय बहादुर सिंह परिहार, निवासी ग्राम शिवनी के रूप में हुई है। मंगलवार शाम उनका शव पिपलादा स्थित हनुमान मंदिर के पीछे कुएं के पास मिला। बहादुर सिंह इलाके के बड़े प्रॉपर्टी कारोबारी थे।
परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं, जबकि अन्य परिजन अलग रहते हैं। पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब पांच बजे बहादुर सिंह घर से निकले थे। सुबह करीब साढ़े 11 बजे उन्होंने अपने कुछ दोस्तों को संदेश भेजा।
संदेश में उन्होंने लिखा कि वह अब कर्ज का बोझ नहीं उठा पा रहे हैं और इसी वजह से जीवनलीला समाप्त करने जा रहे हैं। मैसेज मिलने के बाद दोस्तों ने उन्हें लगातार फोन किए और कई जगह तलाश की, लेकिन शाम उनका शव बरामद हुआ।
क्षेत्र में काफी जमीन और मकान- परिचितों के अनुसार बहादुर सिंह धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। वह सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले उन्होंने मंदिर में 11 लाख रुपये का दान भी दिया था। उनके पास खुड़ैल क्षेत्र में काफी जमीन और मकान थे, जबकि इंदौर में भी उनकी संपत्तियां थीं।
प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने की उम्मीद में कर्ज लेकर जमीन खरीदी
जानकारी के मुताबिक उन्होंने प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने की उम्मीद में कर्ज लेकर जमीन खरीदी थी, लेकिन बाजार में अपेक्षित तेजी नहीं आने से आर्थिक संकट लगातार गहराता चला गया।
घटनास्थल से मिले तीन पन्नों के नोट में उन्होंने लिखा है कि वह अपनी इच्छा से यह कदम उठा रहे हैं और उनकी मौत के लिए परिवार के किसी सदस्य को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए।
उन्होंने लिखा कि उनका परिवार खुशहाल है, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन गईं कि वह कर्ज के बोझ से बाहर नहीं निकल सके। नोट में उन्होंने अपने सभी लेन-देन और हिसाब-किताब का विवरण डायरी में होने का उल्लेख भी किया है, ताकि परिवार को आगे किसी प्रकार की परेशानी न हो। फिलहाल पुलिस ने नोट को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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