भतीजा कोर्ट में गिड़गिड़ाया चार्ज से पहले मांगा आखिरी मौका: गुटखे से की काली कमाई
KHULASA FIRST
संवाददाता

अखबार से सफेदी?
अब कोर्ट में तय होंगे गुटखा माफिया किशोर वाधवानी पर आरोप
वाधवानी की काली करतूतों का हो खुलासा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गुटखा कारोबार, फर्जी अखबारी सर्कुलेशन और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले गुटखा माफिया/टैक्स चोर किशोर वाधवानी और उसके भतीजे आरोपी नितेश वाधवानी की काली करतूत अब अदालत में उस मोड़ पर पहुंच गई है, जहां आरोप तय होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इसके चलते किशोर वाधवानी के साथ उसका भतीजा नितेश वाधवानी अदालत में हाथ जोड़कर पहुंचा और चार्ज तय किए जाने से पहले बचाव पक्ष को अंतिम बहस का मौका देने की गुहार लगाता दिखाई दिया। गुटखे की आड़ में काली कमाई करने वाले आरोपी चाचा-भतीजे ने अदालत में आवेदन देकर कहा कि चार्ज तय करने से पहले उन्हें अपने बचाव में अंतिम दलीलें रखने का अवसर दिया जाए।
अदालत ने इस आवेदन पर सुनवाई करते हुए मामले की अगली तारीख 12 मार्च तय कर दी है। अब उस दिन किशोर वाधवानी और नितेश वाधवानी को अपने पक्ष में दलीलें रखने का मौका मिलेगा। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि उनके खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएं या नहीं।
ज्ञात हो कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में दिसंबर 2025 में स्पेशल कोर्ट में चालान पेश किया था। इस चालान में किशोर वाधवानी, उसकी पत्नी पूनम वाधवानी, दबंग दुनिया प्राइवेट लिमिटेड और कंपनी के सीईओ पंकज मजेपुरिया को आरोपी बनाया था।
हाई कोर्ट भी पहुंचा मामला
स्पेशल कोर्ट में चल रही सुनवाई के साथ ही आरोपी किशोर वाधवानी ने ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की है। हाई कोर्ट ने फिलहाल ईडी के किसी अंतिम निर्णय पर रोक लगाते हुए जांच प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी है। अब पूरे मामले में नजरें 12 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जब न्यायाधीश डॉ. शुभ्रा सिंह की अदालत आरोप तय करने को लेकर अगला फैसला ले सकती है।
अखबार के जरिये काले धन को सफेद करने का काम
जांच एजेंसियों के मुताबिक वाधवानी समूह ने अपने अखबार दबंग दुनिया को कथित तौर पर एक वित्तीय माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया। आरोप है कि अखबार की वास्तविक बिक्री बहुत कम थी, लेकिन कागजों में इसे कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया। जहां वास्तविक बिक्री 5 से 8 हजार प्रतियां प्रतिदिन बताई जाती है, वहीं दस्तावेजों में इसे 60 हजार से लेकर एक लाख प्रतियां प्रतिदिन तक दर्शाया गया।
एजेंसियों का दावा है कि इस फर्जी सर्कुलेशन के जरिए अन्य व्यवसायों से अर्जित काले धन को अखबार की बिक्री और विज्ञापन आय के रूप में वैध दिखाया गया। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि कई ऐसे विज्ञापन दर्शाए गए जो वास्तव में प्रकाशित ही नहीं हुए थे। विज्ञापनों के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर करोड़ों रुपए की आय दिखाई गई।
11.66 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का दावा
ईडी की जांच के अनुसार 2017-18 से 2019-20 के बीच दबंग दुनिया के माध्यम से करीब 11.66 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की गई। इस दौरान अखबार की करीब 2.80 करोड़ प्रतियां बिकने का दावा किया गया और प्रति कॉपी दो रुपए के हिसाब से 5.60 करोड़ की आय दिखाई गई।
2002 करोड़ की टैक्स डिमांड से खुला पूरा मामला
यह मामला तब सामने आया जब सेंट्रल जीएसटी और एक्साइज कमिश्नरेट ने किशोर वाधवानी और उसके परिजनों के खिलाफ करीब 2002 करोड़ रुपए की टैक्स डिमांड का नोटिस जारी किया। इसे प्रदेश की सबसे बड़ी टैक्स कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।
संबंधित समाचार

अवैध शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई:पिकअप से 263 पेटी बीयर जब्त; चालक फरार

युवक की बेरहमी से हत्या:चाकुओं से गोदकर उतारा मौत के घाट; शरीर पर मिले 100 से ज्यादा घाव

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान:9 से 29 अप्रैल तक मतदान; इस दिन आएंगे नतीजे

छात्रा से छेड़छाड़:रास्ते में रोका, हाथ पकड़कर दी धमकी; सगाई तुड़वाने की भी कोशिश
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!