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48.32 लाख निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए कई निर्णय

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जून 2026, 5:25 pm
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48.32 लाख निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जनकल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े कई निर्णय लिए गए। बैठक में प्रदेश के विकास और योजनाओं के लिए करीब 21 हजार 485 करोड़ की मंजूरी दी गई।

सबसे बड़ा फैसला स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की लाखों संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री का रहा। कैबिनेट ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 को मंजूरी देते हुए तय किया कि जिन लोगों को स्वामित्व अधिकार अभिलेख मिल चुके हैं, उनकी संपत्तियों की रजिस्ट्री भी सरकार कराएगी।

इससे ग्रामीण परिवारों को संपत्ति का कानूनी दस्तावेज मिलेगा और वे जरूरत पड़ने पर बैंक से ऋण लेकर आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

प्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं, जिनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं। इन संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए लाभार्थियों से किसी प्रकार का स्टांप शुल्क या पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इस पूरी प्रक्रिया पर आने वाला लगभग 3800 करोड़ रुपए का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। मध्य प्रदेश इस तरह की व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 17 हजार 59 करोड़
कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए 17 हजार 59 करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी। मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों के संचालन के लिए वर्ष 2031 तक 14,363 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

इसका उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर और नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों के विस्तार हेतु 657 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।

वहीं उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुधनी में नए मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 1200 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए भी 838 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।

विद्यार्थियों को मिलेगी रेडीमेड यूनिफॉर्म
कैबिनेट ने शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को अब रेडीमेड यूनिफॉर्म देने का फैसला किया है। नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी।

विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने से पहले दो जोड़ी यूनिफॉर्म दी जाएगी। इसके लिए मप्र पाठ्यपुस्तक निगम को निविदा की जिम्मेदारी दी गई है।

अनुच्छेद 213 के खंड (1) के अधीन अध्यादेश को स्वीकृति कैबिनेट ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधि. 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की।

स्वीकृति अनुसार राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड (1) के अधीन अध्यादेश प्रख्यापित किया जाएगा। दूसरी ओर कैबिनेट ने मप्र उपकर अधिनियम, 1981 की धारा 9(1) में संशोधन के लिए मध्य प्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया है।

अध्यादेश को भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड (1) अंतर्गत प्रख्यापन कराए जाने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है।

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