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नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने दी जान: इस वजह से उठाया खौफनाक कदम; सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जून 2026, 5:54 pm
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नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने दी जान

खुलासा फर्स्ट, मऊगंज।
जिले के मगनिया गांव की रहने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी का डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया। नागपुर में रहकर NEET 2026 की तैयारी कर रही आकांक्षा ने कथित तौर पर परीक्षा से जुड़े तनाव और पेपर लीक से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

परीक्षा के बाद थी खुश
परिजनों के मुताबिक आकांक्षा ने परीक्षा देने के बाद परिवार को फोन कर बताया था कि उसका पेपर बहुत अच्छा गया है और इस बार चयन होने की पूरी उम्मीद है। लेकिन पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया।

बदल गया व्यवहार
परिवार का कहना है कि वह तनाव में रहने लगी, लोगों से बातचीत कम कर दी और धीरे-धीरे खाना-पीना भी छोड़ दिया। मानसिक दबाव लगातार बढ़ता गया और 20 मई 2026 को उसने नागपुर स्थित अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

सुसाइड नोट में छलका दर्द
आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में आकांक्षा ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वह दोबारा परीक्षा देने का साहस नहीं जुटा पा रही है। नोट में उसने लिखा कि उसके माता-पिता को भरोसा था कि वह डॉक्टर बनेगी, लेकिन अब उसके अंदर फिर से परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है। उसने खुद को परिवार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाने के लिए जिम्मेदार बताया।

बेटी के सपने के लिए पिता ने लिया था कर्ज
आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चौबे किसान हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत नहीं थी। बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से करीब 3 लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसके अलावा रिश्तेदारों से भी उधार लिया गया।

परिजनों का कहना है कि बेटी की पढ़ाई और कोचिंग के लिए परिवार ने कई आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया। पिता स्वयं स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उन्होंने बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी।

राजनीतिक हलकों में भी गूंजा मामला
छात्रा की मौत के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। कांग्रेस और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि परिवार से मिलने पहुंचे। विपक्षी नेताओं ने इस घटना को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।

परिवार को आर्थिक सहायता का आश्वासन
घटना के बाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता दी गई है। जानकारी के अनुसार करीब 3.5 लाख रुपये की मदद उपलब्ध कराई गई है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के कर्ज को चुकाने में सहयोग का भी आश्वासन दिया गया है।

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