बढ़ता आतंक: चार महीने में इतने लाख लोगों को काटा; यह शहर सबसे ज्यादा प्रभावित
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश में आवारा कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच राज्य में करीब 3 लाख लोग डॉग बाइट का शिकार हुए हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति इंदौर की है, जहां चार महीनों में 68 हजार से अधिक लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा। प्रभावितों में सबसे बड़ी संख्या बच्चों और बुजुर्गों की है।
इंदौर सबसे ज्यादा प्रभावित
देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर होती जा रही है। करीब 37.68 लाख आबादी वाले शहर में केवल चार महीनों में 68,200 से अधिक डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए।
स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरे शहर में आवारा कुत्तों के लिए केवल एक आश्रय केंद्र है, जिसकी क्षमता मात्र 300 कुत्तों की है।
जनवरी से अप्रैल के बीच शहर में सिर्फ 7,500 कुत्तों का टीकाकरण और 6,600 कुत्तों की नसबंदी की जा सकी, जबकि आवारा कुत्तों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक बताई जा रही है।
भोपाल और चंबल संभाग में भी हालात चिंताजनक
राजधानी भोपाल सहित पूरे भोपाल संभाग में भी डॉग बाइट के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा को मिलाकर बड़ी संख्या में लोग कुत्तों के हमलों का शिकार हुए हैं।
वहीं, चंबल संभाग में लगभग 50 लाख की आबादी में 56 हजार लोग डॉग बाइट का शिकार हुए, जो आबादी के अनुपात में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। इंदौर के अलावा दतिया, मुरैना और नर्मदापुरम जिले भी सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा निशाने पर
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, डॉग बाइट के मामलों में सबसे अधिक प्रभावित बच्चे और बुजुर्ग हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ग के लोगों में गंभीर संक्रमण और रेबीज का खतरा अधिक रहता है।
हालांकि सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन कई स्थानों पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद हालात नहीं सुधरे
आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट समय-समय पर राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। इसके बावजूद नसबंदी, टीकाकरण और आश्रय केंद्रों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो सकी है।
जांच के घेरे में व्यवस्था
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते नसबंदी अभियान, टीकाकरण और डॉग शेल्टर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई तो आने वाले महीनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब हर महीने हजारों लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं, तो स्थानीय निकायों की तैयारियां अब तक पर्याप्त क्यों नहीं हैं और जवाबदेही किसकी तय होगी?
संबंधित समाचार

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त:सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा; अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, कलेक्टर के निर्देश की अनदेखी पर कटेगा वेतन

जर्जर छात्रावासों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों स्टूडेंट्स; बोले- छत का प्लास्टर गिरने से डर का माहौल

गर्ल्स डिग्री कॉलेज में जमकर हंगामा:बीए के रिजल्ट पर मचा बवाल; 1316 छात्राओं में इतनों को दी सप्लीमेंट्री

मोमोज को लेकर विवाद:ठेले वाले ने छात्र पर फेंका खौलता तेल; चेहरा-कान झुलसे

जमीन मुक्त नहीं हुई तो उग्र आंदोलन तय:5.84 करोड़ जमा, फिर भी टालमटोल; 7 को ज्ञापन, 13 से आरपार का ऐलान

600 पन्नों की रिपोर्ट से तय होगी जवाबदेही:जहरीले जलकांड पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई

दूषित जल कांड मामला:अब इस तारीख को होगी अगली सुनवाई; याचिकाकर्ताओं ने कहा- रिपोर्ट का अध्ययन कर बहस के लिए समय जरूरी

350 करोड़ का प्रोजेक्ट:सवा किमी में 15 पिलर की खुदाई पूरी; 2028 तक निर्माण का लक्ष्य

स्कीम नं. 114 पार्ट-1 में शासकीय भूमि पर कब्जा:कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता को भगा रहे अधिकारी

निगम की अनदेखी से मुसीबत बना खुला नाला:हादसों का जिम्मेदार कौन

शहर के नामी होटल पर नगर निगम की कार्रवाई:लाखों रुपए का लगाया स्पॉट फाइन; मिली ये खामियां

पटवारी अपने विवादित वीडियो पर स्पष्टीकरण दें:यादव समाज

तय समय के बाद तक हैमर्स में झलके जाम तो थिरके लोग:देर रात कासा-कासा की धूम; सिस्टम खामोश

बंटी नागर की मौत के पीछे करोड़ों का जाल:खुलासा फर्स्ट ने जिन नामों का किया था खुलासा; पुलिस की जांच में वही नाम

सोयाबीन के भाव को लेकर किसानाें चक्काजाम:कहा- मंडी में 4400; बाहर 5200 से 5600 रुपए तक बिक रहा, विधायक ने लगाए साठगांठ के आरोप

पुलिस चौकी के पास कारों पर पथराव:बदमाशों ने मचाया का आतंक; शाम तक पुलिस रही बेखबर

पत्नी ने की पति की बेरहमी से हत्या:सोते समय सिर पर हथौड़ा मारा; फिर गला दबाया, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम

भाजपा में जंग से भोपाल तक गरमाई सियासत:उमंग सिंघार का ट्वीट- जब मुख्यमंत्री न किसी की सुनते हैं, न चलने देते हैं, तो अधिकारी क्यों सुनेंगे

नए जिलों का तेजी से विकास ही प्राथमिकता:सीएम डॉ. मोहन यादव

गर्लफ्रेंड का नेकलेस टूटने पर बौखलाया बॉयफ्रेंड:जला दी दूसरी युवती की एक्टिवा; नाबालिग सहित चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज है कई मामले
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!