ई-अटेंडेंस विवाद के बीच राहत: चाइल्ड केयर लीव को माना जाएगा उपस्थिति
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
स्वैच्छिक तबादलों के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को लेकर प्रदेशभर में चल रहे शिक्षकों के विरोध के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने महिला शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। विभाग ने निर्णय लिया है कि स्वीकृत संतान पालन अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) की अवधि को ई-अटेंडेंस में उपस्थिति के रूप में मान्यता दी जाएगी।
लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) द्वारा इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, शिक्षक संवर्ग में कार्यरत जिन महिला शिक्षकों का चाइल्ड केयर लीव सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत है, उनकी अवकाश अवधि को शैक्षणिक सत्र के कार्य दिवसों में ई-अटेंडेंस के लिए उपस्थित माना जाएगा।
राज्य स्तरीय समिति करेगी मामलों का निराकरण
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पात्र महिला शिक्षक अपने प्रकरण से संबंधित अभ्यावेदन राज्य स्तरीय अभ्यावेदन निराकरण समिति को भेज सकेंगी। इसके लिए विभाग ने एक विशेष ई-मेल आईडी भी जारी की है।
समिति प्राप्त आवेदनों और दस्तावेजों की जांच के बाद निर्णय लेगी। पात्र पाए जाने पर संबंधित अवकाश अवधि को ई-अटेंडेंस रिकॉर्ड में उपस्थिति के रूप में दर्ज किया जाएगा।
डीईओ को दिए गए विशेष निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे मामलों की जानकारी संकलित कर उन्हें शीघ्र राज्य स्तरीय समिति तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। आदेश की प्रति विभागीय अधिकारियों, कलेक्टरों, संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को भी भेजी गई है।
तबादला प्रक्रिया में बना था विवाद
गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वैच्छिक तबादलों के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की शर्त निर्धारित की है। इस शर्त के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक तबादले के लिए आवेदन करने से वंचित हो रहे थे, जिसके चलते प्रदेशभर में विरोध की स्थिति बन गई थी।
ऐसे में महिला शिक्षकों के लिए चाइल्ड केयर लीव की अवधि को उपस्थिति मानने का निर्णय राहत भरा कदम माना जा रहा है। इससे उन शिक्षिकाओं को लाभ मिलेगा जो वैध रूप से स्वीकृत संतान पालन अवकाश पर थीं और ई-अटेंडेंस की शर्त पूरी नहीं कर पा रही थीं।
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