छात्रों के लिए खुशखबरी: अब इन स्टूडेंटों को भी मिलेगा सांदीपनि विद्यालय में एडमिशन; मेरिट और प्रवेश परीक्षा रहेंगे आधार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। अब निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पहले की तरह प्राथमिकता
विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए जारी नए दिशा-निर्देशों में इस व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। हालांकि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पहले की तरह प्राथमिकता मिलेगी। उनके समेकन (कंसोलिडेशन) के बाद यदि सीटें खाली बचती हैं, तभी निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।
अब तक बंद था रास्ता
अब तक सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश का लाभ मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों तक सीमित था। निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के लिए प्रवेश का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था। नए फैसले के बाद योग्य विद्यार्थियों को मेरिट और भविष्य में प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिले का अवसर मिलेगा।
दो चरणों में होगी प्रवेश प्रक्रिया
स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी।
पहला चरण
आसपास के शासकीय विद्यालयों का समेकन, पात्र सरकारी स्कूल विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश।
दूसरा चरण
रिक्त सीटों पर निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को मौका, मेरिट या प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन।
कक्षा अनुसार तय किए गए नियम
कक्षा 6वीं से 11वीं तक पिछली कक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलेगा। भविष्य में प्रवेश परीक्षा प्रणाली लागू की जाएगी।
कक्षा 1 से 5वीं तक
आरटीई नियमों के तहत मिलेगा प्रवेश।
आरटीई छात्रों को भी मिलेगा लाभ
नए नियमों के तहत निजी स्कूलों में आरटीई योजना के अंतर्गत पढ़ रहे और पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुके विद्यार्थी भी सांदीपनि विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश ले सकेंगे। हालांकि यह सुविधा केवल उन क्षेत्रों में लागू होगी जहां हाईस्कूल स्तर तक सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं और आगे की पढ़ाई के लिए कोई अन्य सरकारी स्कूल उपलब्ध नहीं है।
बढ़ती मांग को देखते हुए दो पालियों का विकल्प
स्कूल शिक्षा विभाग ने सांदीपनि विद्यालयों में बढ़ती मांग को देखते हुए दो पालियों में संचालन की व्यवस्था का भी रास्ता खोला है। जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम बेहतर है और जहां प्रवेश की मांग अधिक है, वहां दूसरी पाली शुरू करने का प्रस्ताव आयुक्त लोक शिक्षण को भेजा जा सकेगा। स्वीकृति मिलने पर अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।
जिला समितियों को मिले विशेष अधिकार
प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समितियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। ये समितियां प्रवेश प्रक्रिया की निगरानी करेंगी और आवश्यक निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
क्या हैं सांदीपनि विद्यालय?
सांदीपनि विद्यालय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित विशेष शैक्षणिक संस्थान हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इन्हें सरकारी शिक्षा व्यवस्था में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
शिक्षा विभाग के इस फैसले से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर वे छात्र जो बेहतर शैक्षणिक माहौल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की तलाश में हैं, अब सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश पाने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
संबंधित समाचार

वीडियो देखिये, पूर्व सांसद सज्जन सिंह वर्मा का आरोप:वोटर कार्ड महेश्वर में मिलने पर उठाए सवाल; बोले-इंदौर के मतदाता पहचान पत्र वहां कैसे पहुंचे?

मदरसे में बच्चों से मारपीट और उत्पीड़न के आरोप:26 बच्चों का रेस्क्यू; बच्चियों से घरेलू काम कराने और प्रताड़ित करने के आरोप, प्रशासन ने इमारत सील की

इंदौर से सांवलिया जी दर्शन को निकले छह युवक हादसे का शिकार, दो की मौत:धार में कार पेड़ से टकराकर खाई में पलटी, चार घायल; वाहन काटकर निकाले गए सवार

कोचिंग सेंटरों पर नए नियमों का मसौदा जारी:90 दिन में पंजीयन जरूरी; फीस से लेकर शिक्षकों की योग्यता तक की जानकारी वेबसाइट पर करनी होगी

घर-घर पहुंचकर लोगों से की पानी बचाने की अपील:संभावित जल संकट को लेकर भाजपा पार्षद की पहल

छात्राओं को बताया पानी बचाने का महत्व:जल संकट की आहट के बीच अभ्यास मंडल ने शुरू किया जागरूकता अभियान

लॉरेंस के गुर्गे ने इंस्टाग्राम पर दिखाई बहादुरी:उसी डिजिटल सुराग से इंदौर में पकड़ाया प्रांजल

किस लोकेशन से पुलिस कहां पहुंची:कमरे से किसे बरामद किया; पुलिस टीम के पहुंचने की भनक लगते ही क्या हुआ

भाजपा 30 को निकालेगी ‘लोकतंत्र बचाओ- अराजकता हटाओ’ पदयात्रा:महानगर की कामकाजी बैठक संपन्न

एक बेबस पिता, ढहती उम्मीदें और जिंदगी की जंग लड़ता हमारा साथी शेखर मालवीय

लवकुश डबल डेकर ब्रिज के उद्घाटन की तारीख बदली:पहले इस दिन होना था शुभारंभ; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की व्यस्तताओं के चलते बदलाव की चर्चा

ट्रैफिक जाम में रेंगता रहा शहर:कागजों पर दौड़ती रही यातायात पुलिस

वीडियो देखिये, शहर की सड़कों पर संघ का पथ संचलन:मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और बेटे आकाश ने भी मिलाए कदम; इस दिन होगा शताब्दी वर्ष का वृहत एकत्रीकरण

सूखते बोरिंग और तालाब टैंकर के लिए चुकाने पड़ रहे ₹2000 रु.:कहीं चार साल से जलसंकट; कहीं गलियों तक नहीं पहुंच रहे टैंकर, 35 लाख लीटर की टंकी से सप्लाई पर भी उठे सवाल

2400 करोड़ की नर्मदा-माही उद्वहन सिंचाई योजना लोकार्पित:सिंचित रकबा बढ़ाकर किया 40 लाख हेक्टेयर; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

चलो वो बोतल आपको पिला दूं:शराब से 13 मौत पर भड़के जीतू पटवारी

फिर कैसे मिल गया शराब का ठेका:मामला है पौने तीन करोड़ से अधिक की कथित फर्जी बैंक गारंटी का; बैंक ने किस बात से किया इनकार, किस हस्ती का पूर्व ओएसडी और ठेकेदार नामजद

मुख्य आरोपी शरद सातपुते और शशिकांत नन्नौरे को जमानत नही:जिला सत्र न्यायालय ने दूसरी बार आवेदन किया निरस्त

फोटोग्राफर के पास से बोरी में मिला 4 किलो गांजा गिरफ्तार:राजकुमार मिल के पास संदिग्ध हालत में बैठा था आरोपी; क्राइम ब्रांच ने घेराबंदी कर धर दबोचा

पिता खाना लेकर पहुंचे तो बेटे को इस हाल में देखा:पत्नी दो साल की बेटी के साथ गई थी मायके; अब पुलिस कर रही है इस बात की जांच
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!