बंटी नागर की मौत से प्रॉपर्टी कारोबार में भूचाल: बिल्डरों, कॉलोनाइजरों, खरीदारों और निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें
KHULASA FIRST
संवाददाता

ज्यादातर प्रोजेक्ट में डायरियों पर बेचे प्लॉट, जिनकी पक्की लिखा-पढ़ी नहीं होती
आत्महत्या के कारणों को जानने जमीनों की खरीद-फरोख्त से लेकर पार्टनर-निवेशकों तक की कुंडली खंगालेगी पुलिस
दस्तावेजों के साथ परिजन आज दर्ज करायेंगे बयान
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
रियल एस्टेट कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर की आत्महत्या ने प्रॉपर्टी कारोबार में भूचाल ला दिया है। प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े बिल्डरों, कॉलोनाइजरों, खरीदारों और निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। पुलिस की जांच अब सिर्फ मौत से पहले की गतिविधियों तक सीमित नहीं रही है।
पलासिया पुलिस ने बंटी के कारोबारी नेटवर्क, प्रोजेक्ट्स, पार्टनरशिप और आर्थिक लेनदेन की परतें खंगालना शुरू कर दी हैं। इसी जांच में संस्कृति डेवलपर्स से जुड़े दो दर्जन से ज्यादा प्रोजेक्ट और इंदौर-उज्जैन रोड के पांच बड़े रनिंग प्रोजेक्ट चर्चा के केंद्र में हैं।
इन प्रोजेक्ट्स में करीब 300 करोड़ रुपए से ज्यादा के डायरी सौदों का दावा किया जा रहा है। यानी पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी डायरियों के सौदों से बंटी नागर की मौत की परतें खुलेंगी।
जांच में पुलिस जमीनों की खरीद-फरोख्त से लेकर पार्टनर-निवेशकों तक की कुंडली खंगालने की तैयारी में हैं। वहीं, बंटी नागर के परिजन आज दस्तावेजों के साथ थाने जाकर अपने बयान दर्ज कराएंगे। इसके बाद पुलिस को जांच की नई दिशा मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि गत रविवार शहर के बड़े रियल एस्टेट कारोबारी बंटी नागर ने अपने ऑफिस में फांसी लगाकर जान दे दी थी। प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बंटी नागर के करोड़ों के प्रोजेक्ट चल रहे थे, जिनमें बिल्डरों, कॉलोनाइजरों, दलालों और निवेशकों के साथ सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपए लगे हुए थे।
ज्यादातर सौदे डायरी पर हुए हैं, इसलिए सभी के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। सबसे ज्यादा चिंता में उसे ब्याज पर रुपए देने वाले और खरीदार हैं। वहीं, दूसरी ओर पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
सूत्रों के अनुसार परिवार और करीबियों की ओर से कुछ कारोबारियों को लेकर संदेह जताए जाने की चर्चा है। इनमें माणिकबाग, राऊ और स्कीम-103 क्षेत्र के कुछ रियल एस्टेट कारोबारी बताए जा रहे हैं।
हालांकि फिलहाल पुलिस के पास किसी व्यक्ति के खिलाफ लिखित आरोप सामने नहीं आया है। फिलहाल पुलिस प्रोजेक्ट्स के बिल्डर, पार्टनर, प्लॉटधारक और निवेशकों की सूची तैयार कर रही है, ताकि बंटी के वास्तविक कारोबारी संबंधों की तस्वीर साफ हो सके।
वहीं, पुलिस की जांच का फोकस बंटी की मौत से पहले की आखिरी बातचीत पर है। पार्टनर, एजेंट और कारोबारियों समेत जिन लोगों से अंतिम दिनों में संपर्क हुआ उन्हें बयान के लिए बुलाया जा सकता है।
बंटी के पास तीन मोबाइल थे, लेकिन पुलिस के हाथ एक ही लगा है, जिसका भी पैटर्न लॉक नहीं खुलने के चलते बहुत सारी चीजें स्पष्ट नहीं हो सकी हैं। लॉक खुलते ही वाट्सएप कॉल और डिजिटल कम्युनिकेशन की भी जांच की जाएगी।
वहीं ऑफिस में लगे कैमरों के डीवीआर में हार्ड डिस्क नहीं मिली। पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि कैमरे लगने के समय से ही उसमें हार्ड डिस्क नहीं थी, इसलिए फुटेज रिकॉर्ड नहीं हुए।
300 करोड़ की जमीन का भी एंगल... बंटी नागर की मौत की जांच के बीच अब करीब 300 करोड़ रुपए की संस्कृति कॉरिडोर की जमीन को लेकर नया एंगल सामने आया है। छोटा बांगड़दा निवासी शहजाद खान ने पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
आरोप है कि खसरा नंबर 221/1, 220/5 और 221/2 की करीब 19 बीघा जमीन को फर्जी वसीयत के जरिये बेचा गया। शिकायत में आरिफ खान, हुसैना बाई, अतुल सुराणा और अरुण डागरिया पर सीलिंग भूमि की मद हटवाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और अधिकारियों से मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।
आरोप है कि इसी जमीन पर संस्कृति कॉरिडोर विकसित कर बाद में बंटी नागर को जमीन की सीलिंग और अदालत में चल रहे विवाद की जानकारी छिपाकर संपत्ति बेची गई।
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि आर्थिक नुकसान की जानकारी सामने आने के बाद बंटी पर दबाव बना हो सकता है और इसी कारण उनकी मौत हुई हो। मामले की एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
आज होंगे भाई, पत्नी और बेटे के विस्तृत बयान
गौरतलब है कि परसों पलासिया पुलिस ने बंटी नागर के भाई राजेश नागर, उनकी पत्नी अर्पणा और बेटे ऋषित को वर्तमान में चल रहे प्रोजेक्टों से संबंधित दस्तावेजों के साथ बयान देने के लिए थाने बुलवाया था।
वकील के साथ पहुंचे परिजन ने परिवार के शोकाकुल होने का कहते हुए कहा था कि अभी वे किसी भी तरह के दस्तावेज व बयान देने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने दो दिन का समय मांगा था।
बताते हैं आज दो दिन पूरे होने पर बंटी नागर के परिजन प्रोजेक्टों से संबंधित दस्तावेजों के साथ पुलिस के पास बयान देने पहुंचेंगे। पुलिस को उम्मीद है कि आज जब बंटी की पत्नी अर्पणा, बेटा ऋषित और भाई राजेश बंटी की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए किसी का नाम लेंगे तब कहीं जाकर जांच की स्पष्ट दिशा तय होगी।
सूत्रों का कहना है कि बंटी नागर ने अपने ज्यादातर प्रोजेक्टों का माल डायरियों पर बेचा है, जिनकी कोई पक्की लिखा-पढ़ी नहीं है। इन डायरियों के जरिए करोड़ों रुपए बाजार से उठाकर नए-नए प्राजेक्टों में लगाए गए हैं।
बंटी नागर की मौत के बाद कई प्रोजेक्टों में बेचे गए प्लॉटों की फर्जी डायरियां बाजार में आना तय माना जा रहा है। प्लॉट के सौदों के लिए कॉलोनाइजर डायरी का उपयोग करता है।
डायरियां वो होती हैं जिनमें बैंक से ली गई किसी भी अंक (10, 20, 50 या 100) के नोट की गड्डी के एक-एक नोट के सभी छह अंक और सीरिज डालकर प्लॉटों के सौदे ग्राहकों से किए जाते हैं।
बेटा ऋषित भी चार से पांच प्रोजेक्ट में है पार्टनर...
खुलासा फर्स्ट को जानकारी लगी है कि बंटी नागर की फर्म के शहर के आसपास कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें संस्कृति शुभ आंगन, संस्कृति एन्क्लेव, संस्कृति रॉयल पॉम, संस्कृति एन्क्लेव एक्सटेंशन, संस्कृति रॉयल सिटी, संस्कृति रॉयल सिटी फेज-2 और संस्कृति रॉयल सिटी फेज-ए प्रमुख हैं।
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