3 साल में 45 बसों में आग: 64 की मौत; असंवैधानिक स्लीपर कोच बसों में यात्री कर रहे मौत के साथ सफर!
KHULASA FIRST
संवाददाता

अंकित शाह 99264-99912 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्लीपर कोच बसों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार रात ग्वालियर से इंदौर आ रही एक स्लीपर कोच बस आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर पनिहार रेलवे स्टेशन के पास अचानक आग की चपेट में आ गई। बस में करीब 45 यात्री सवार थे।
आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को जान बचाने के लिए खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर कूदना पड़ा। हालांकि सभी यात्री सुरक्षित बच गए, लेकिन इस घटना ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर कब तक लोग स्लीपर बसों में इसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करते रहेंगे।
जानकारी के अनुसार बस (एमपी 09 एफए 9349) रविवार रात करीब 10 बजे ग्वालियर से इंदौर के लिए रवाना हुई थी। करीब 11 बजे पनिहार रेलवे स्टेशन के पास बस के इंजन और पिछले हिस्से से धुआं निकलना शुरू हुआ और कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
बस में धुआं भरते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। चालक ने तत्काल बस रोकी और क्लीनर की मदद से यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण कई लोगों को खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलना पड़ा।
यदि कुछ मिनट और देरी होती तो बड़ी जनहानि हो जाती। मोटरयान अधिनियम और मध्य प्रदेश मोटरयान नियमों में बसों के लिए मुख्य रूप से साधारण और डीलक्स श्रेणियों का उल्लेख मिलता है। आलोचकों का दावा है कि स्लीपर कोच बस की अलग श्रेणी का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर इनका संचालन हो रहा है।
2009 में संकल्प निरस्त
बताया जाता है वर्ष 2001 में एक विभागीय संकल्प के माध्यम से डीलक्स बसों में बर्थ लगाने का रास्ता खोला गया था। बाद में वर्ष 2009 में उस संकल्प को निरस्त कर दिया गया, लेकिन स्लीपर बसों का संचालन नहीं रुका। यही वजह है कि आज भी परिवहन विभाग, बस संचालकों और नियमों की व्याख्या को लेकर विवाद बना हुआ है।
उठ रहे सवाल
आरोप है कि ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर खुलेआम स्लीपर बसों के टिकट बिक रहे हैं, लेकिन परिवहन विभाग और आरटीओ स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई देती। सवाल यह भी है कि यदि सुरक्षा मानकों को लेकर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं तो फिटनेस जांच और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
कब तक चलेगा प्रयोग?
ग्वालियर-इंदौर बस हादसा भले ही बिना जनहानि वाला रहा हो, लेकिन यह घटना फिर एक चेतावनी है। जब लगातार आग की घटनाएं सामने आ रही हैं और कानूनी स्थिति को लेकर भी विवाद बना हुआ है, तब यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कठोर और पारदर्शी निर्णय लेने की आवश्यकता है। वरना हर बार हादसे के बाद यही कहा जाता रहेगा कि बड़ा हादसा टल गया। सवाल यह है कि यदि अगली बार ऐसा हादसा हुआ तो क्या सभी यात्री इतने भाग्यशाली होंगे?
3 साल के आंकड़े
2023 में 11 बसों में आग, 1 मौत
2024 में 20 घटनाएं, 31 मौतें
2025 में 14 घटनाएं, 32 मौतें
145 लोग घायल नया कानून कब आएगा?
केंद्रीय स्तर पर स्लीपर कोच बसों के लिए नए सुरक्षा मानकों की बात तो की गई है, लेकिन आज भी इन बुनियादी सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाए-
स्लीपर कोच बसों की वैधानिक श्रेणी क्या है?
इनके निर्माण और पंजीयन का कानूनी आधार क्या है?
मोटरयान अधिनियम में संबंधित संशोधन कब हुआ?
उसका गजट नोटिफिकेशन कहां है?
सुरक्षा मानकों का पालन कौन सुनिश्चित कर रहा है?
खुलासा फर्स्ट ने पहले ही उठाए थे वैधता पर सवाल
स्लीपर कोच बसों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी कानूनी स्थिति भी सवालों के घेरे में है। देशभर में हजारों स्लीपर बसें ऐसे नियमों के आधार पर चल रही हैं, जिनकी वैधता स्पष्ट नहीं है। खुलासा फर्स्ट ने इसकी वैधता पर सवाल उठाए थे।
संबंधित समाचार

भारत-वेस्टइंडीज T20 महामुकाबला:होलकर स्टेडियम में क्रिकेट का जुनून; तिरंगे के रंग में रंगे फैंस, वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी

देखिये वीडियो, इंडिगो की फ्लाइट में अचानक लगी आग:करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग; यात्रियों में मचा हड़कंप

जल संकट से निपटने की तैयारी:6 हजार सरकारी बोरिंग की होगी जांच; 500 से ज्यादा पर कब्जे की आशंका

रिहाई के बाद फिर आंदोलन की तैयारी:अभिजीत दीपके बोले- पाबंदियां हमें विरोध करने से नहीं रोक पाएंगी

आदिवासी परिवारों पर कार्रवाई का आरोप:फसलें नष्ट करने और मकान तोड़ने से बढ़ी चिंता; केंद्रीय मंत्री के निर्देशों की अनदेखी का दावा

मिलावटखोरों पर शिकंजा:मावा और घी की सघन जांच हुई शुरू

मां शैलपुत्री का संदेश:शारदीय नवरात्रि प्रथम दिवस भीड़ के पीछे नहीं; अपने लक्ष्य की ओर चलो

थाने में मारपीट के आरोपों के बीच भाजपा कार्यकर्ता की तबीयत बिगड़ी:सीने में दर्द के बाद ICU में किए गए भर्ती; हार्ट अटैक की आशंका

मजदूर का शव कमरे में पंखे से लटका मिला:10 महीने पहले बना था पिता; पड़ोसी ने खिड़की से देखा तो पता चला

राजधानी जा रहे युवा कांग्रेस नेताओं को रेलवे स्टेशन पर पकड़ा:थाने ले गई पुलिस; लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप

25 लाख लेने के बाद भी बुजुर्ग से 10 हजार वसूले:पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का करीबी बताकर रौब झाड़ने वाला फरार

भारत-वेस्टइंडीज टी-20 महामुकाबला:क्रिकेट प्रेमियों में भारी उत्साह; 1500 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा, एंट्री गेट पर लगी लंबी लाइन

बदमाशों को नहीं कानून का खौफ!:सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो; कार्रवाई नहीं होने पर उठ रहे सवाल

मैच से पहले नगर निगम को मिले 15 लाख रुपए:टिकट बिक्री के हिसाब से बाद में जमा होगी बाकी राशि

इस जिले को मेट्रोपॉलिटन एरिया से जोड़ने की तैयारी:540 करोड़ से सड़क का होगा उन्नयन; सीएम ने बच्चों को गिफ्ट किया सांदीपनि स्कूल

यातायात व्यवस्था होगी बेहतर:इस पुल का चौड़ीकरण 4-5 दिन में होगा शुरू; इतने करोड़ होंगे खर्च

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में आया 3,729 करोड़ का निवेश:सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में टूरिज्म इको सिस्टम को मिलेगा बूस्ट

देखिए वीडियो, ‘अब असली लड़ाई शुरू होगी’:सीजेपी का मोदी-शाह पर तीखा हमला; ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन तेज करने का ऐलान

जमीन बेची महिला ने रकम पर हिस्ट्रीशीटर पिता-पुत्र का कब्जा:सालभर से भटक रही पीड़िता ने की डीआईजी को शिकायत; एसडीओपी और टीआई को जांच के दिए निर्देश

जानलेवा हमले के आरोपी गिरफ्तार:भागते समय बाइक से गिरे, तीनों के पैर टूटे
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!