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किस शंकराचार्य को गिरफ्तारी का डर: हाईकोर्ट में याचिका लगाई; किस पर साजिश रचने का लगाया आरोप

KHULASA FIRST

संवाददाता

24 फ़रवरी 2026, 3:26 pm
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किस शंकराचार्य को गिरफ्तारी का डर

खुलासा फर्स्ट, वाराणसी।
बच्चों के यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उनका कहना है कि प्रयागराज पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है।

21 फरवरी को FIR दर्ज होने के बाद प्रयागराज पुलिस ने जांच तेज कर दी थी। सोमवार को पुलिस की एक टीम वाराणसी पहुंची और स्थानीय पुलिस से शंकराचार्य और उनके करीबियों की जानकारी जुटाई। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस आज उनके आश्रम में पूछताछ कर सकती है।इस आशंका के मद्देनजर शंकराचार्य ने वकील के जरिए हाईकोर्ट का रुख किया है।

वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए आरोप
शंकराचार्य ने मंगलवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने मोबाइल पर अजय पाल शर्मा और आरोप लगाने वाले आशुतोष महाराज की तस्वीर भी दिखाई।

शंकराचार्य का कहना है
“अजय पाल शर्मा के अधीन ही जांच चल रही है। एक हिस्ट्रीशीटर के साथ पुलिस का बड़ा अफसर बर्थडे सेलिब्रेशन कर रहा है। मेरे खिलाफ सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से किया गया। पूरे सिस्टम को मेरे खिलाफ लगाया गया है ताकि मैं गो-रक्षा अभियान से पीछे हट जाऊं, लेकिन यह संभव नहीं है।” तस्वीर में अजय पाल शर्मा केक काटते दिख रहे हैं और उनके बगल में भगवा कुर्ते में आशुतोष महाराज खड़े हैं।

मामला क्या है
18 जनवरी को प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ। 24 जनवरी को आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की, जिसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए गए। पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप के बाद 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में मामला दर्ज किया गया।

झूंसी थाने में FIR दर्ज
13 फरवरी को दो बच्चों को कोर्ट में पेश किया गया और 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। रविवार को पुलिस आशुतोष महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र का निरीक्षण करने गई, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था।

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