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तीन मंजिला मकान ढहा: मां-बेटे की दर्दनाक मौत; मृतक तीन साल से लगा रहा था नगर परिषद के चक्कर

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 जून 2026, 5:52 pm
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तीन मंजिला मकान ढहा

खुलासा फर्स्ट, सिंगोली।
नगर के वार्ड क्रमांक-13 में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक हादसे में मां-बेटे की जान चली गई। तीन मंजिला जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मलबे में दबकर 62 वर्षीय सौसर बाई धानोंतिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल उनके बेटे निलेश धानोंतिया ने कोटा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

रात सवा 12 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार निलेश धानोंतिया, उनकी मां सौसर बाई और बड़ा भाई रवि एक ही मकान में सो रहे थे। रात करीब 12:15 बजे अचानक मकान की तीनों छतें एक साथ ढह गईं। मलबे में दबने से सौसर बाई की मौके पर मौत हो गई, जबकि निलेश गंभीर रूप से घायल हो गया। दूसरे कमरे में सो रहा बड़ा भाई रवि बाल-बाल बच गया।

काफी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला
सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा काफी मशक्कत के बाद मां-बेटे को मलबे से बाहर निकाला। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सौसर बाई को मृत घोषित कर दिया। निलेश को गंभीर हालत में कोटा रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

एम्बुलेंस नहीं मिली, निजी वाहन से भेजना पड़ा
हादसे के दौरान नगर परिषद की एम्बुलेंस बंद होने का मामला भी सामने आया। बताया जा रहा है कि नगर परिषद की एम्बुलेंस लंबे समय से मेंटेनेंस के अभाव में खराब पड़ी है। वहीं स्वास्थ्य केंद्र की एम्बुलेंस किसी अन्य मरीज को छोड़ने गई हुई थी। ऐसे में घायल निलेश को निजी वाहन से रेफर करना पड़ा।

अखबार बांटकर चलाता था घर
निलेश धानोंतिया सुबह अखबार वितरण और दिन में मेडिकल स्टोर पर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। बड़ा भाई रवि होटल में सफाई का काम करता है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है।

तीन साल से लगा रहा था गुहार
स्थानीय लोगों के अनुसार निलेश पिछले करीब तीन वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान मरम्मत और आवास सहायता के लिए नगर परिषद के चक्कर काट रहा था। उसने कई बार आवेदन और निवेदन किए, लेकिन उसे कोई सहायता नहीं मिल सकी।

अधिकारियों पर उठे सवाल
हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि समय पर आवास योजना का लाभ मिल जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल, प्रभारी सीएमओ कपिल सिंह राजावत, राजस्व निरीक्षक प्रकाश शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

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