डॉक्टर हैं या हैवान: सात माह बच्चे के इलाज में जानलेवा लापरवाही; दो अस्पतालों के बीच चक्कर कटवाया
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नंदा नगर स्थित बीमा अस्पताल को जितने दावों और वादों के साथ शुरू किया गया था, वो उन पर खरा नहीं उतर रहा है, बल्कि जानलेवा लापरवाही कर रहा है। डॉक्टर अनिल मालवीय ने एक सात माह के बच्चे को जबरन अरबिंदो से यहां बुलवा लिया, जबकि वो वहां वेंटिलेटर पर था। उसके बीमा से इलाज का अप्रूवल देने से इनकार कर दिया। बाद में बच्चे को वापस अरबिंदो पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
मां की हार्ट अटैक से हो चुकी है मौत
दुख की बात ये है कि 3 मई को बच्चे को जन्म देने के बाद 8 जुलाई को मां रेशमा की अरबिंदो अस्पताल में बच्चे के साथ भर्ती रहने के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। दुखों का पहाड़ उठाए नगर निगम में ड्राइवर की नौकरी करने वाले पिता मो. शादाब निवासी खजराना बच्चे की जान बचाने के लिए डॉक्टर की जानलेवा लापरवाही के चलते अपने चौथे सात माह के बच्चे को अरबिंदो अस्पताल से नंदा नगर बीमा अस्पताल लेकर घूमते रहे।
उन्होंने बताया कि पत्नी रेशमा को अरबिंदो अस्पताल में सतमासे बच्चे का जन्म हुआ था। जन्म के बाद से ही उसे फेफड़ों में समस्या थीं। डॉक्टरों ने उसका इलाज किया लेकिन बाद में जब स्थिति थोड़ी नाजुक हो गई तो कुछ दिन बाद बाद ही वेंटिलेटर पर रख दिया गया। वो बच्चे का इलाज आयुष्मान कार्ड से करवा रहे थे, लेकिन जब उसकी लिमिट खत्म हो गई तो जेब से पैसा लगने लगा। इसके बाद मैं नगर निगम पहुंचा और बच्चे को ईएसआई में शामिल करवाया।
फिर नंदानगर बीमा अस्पताल पहुंचा, जहां ये काम देखने वाले डॉ. अनिल मालवीय से मिला और आग्रह किया कि वो बच्चे का अप्रूवल दे दें, ताकि उसका इलाज बीमे से हो सके, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि अरबिंदो अस्पताल की ओर से सूचना आएगी, तब अप्रूवल भेज देंगे। बाद में जब अरबिंदो ने मेल भेजा तो उन्होंने तीन दिनों तक कोई जवाब नहीं दिया जबकि वादा किया था कि 24 घंटे में अप्रूवल भेज दिया जाएगा। चौथे दिन जो जवाब बीमा अस्पताल की ओर से डॉ. मालवीय ने भेजा, उसमें कहा कि बीमा का अप्रूवल तभी दिया जा सकता है, जबकि बच्चे को इलाज के लिए बीमा अस्पताल लेकर आया जाए।
आंखों में आंसू भरे पिता शादाब ने बताया कि वे बच्चे को वेंटिलेटर से हटवाकर बीमा अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने ये कहकर इनकार कर दिया कि बच्चे की हालत बहुत खराब है जिसका इलाज नहीं हो सकता। इसे वापस अरबिंदो लेकर जाओ। फिर बच्चे को लेकर वापस अरबिंदो लेकर आया और यहां उसका एनआईसीयू में उसका इलाज चल रहा है।
पहले अप्रूवल भेज देते तो बच्चे की हालत ज्यादा नहीं बिगड़ती
पिता मो. शादाब का कहना है कि नंदा नगर बीमा अस्पताल के डॉ. अनिल मालवीय यदि पहले ही बीमा अप्रूवल अरबिंदो अस्पताल भेज देते तो बच्चे को इस अस्पताल से उस अस्पताल तक भटकना नहीं पड़ता और उसकी तबीयत और ज्यादा खराब नहीं होती।
साथ ही, उनकी जेब से करीब 7 लाख रुपए भी नहीं लगते। वो बच्चे के इलाज में अपने जीवनभर की कमाई लुटा बैठे हैं, जिसके जिम्मेदार डॉ. मालवीय हैं।
निगमकर्मियों ने की मदद... शादाब ने बताया कि वे नगर निगम में ड्राइवर की पद पर कार्यरत हैं। मस्टर कर्मचारी यूनियन के राम सिसौदिया, तेजू सोलंकी, मनोज केवट आदि ने उनकी मदद की।
वे उन्हें लेकर बीमा अस्पताल भी गए और डॉक्टर से बात की। जोन क्र. 17 के जोनल अधिकारी नरेंद्र कुरील ने भी बहुत मदद की। अस्पताल का पैसा कम करवाने से लेकर आर्थिक मदद भी की।
संबंधित समाचार

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई:अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

भोजशाला से एक किमी दूर नमाज के लिए जमीन लेने से मुस्लिम पक्ष ने किया इनकार

मादक पदार्थ तस्कर ने कार से परिवार को कुचला:पति-पत्नी की मौके पर मौत; 3 करोड़ के डोडा चूरा से भरा ट्रक पकड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार

इस अभिनेता को गैंग से मिली धमकी:तीसरी शादी को लेकर लेटर और ऑडियो वायरल; लव जिहाद के लगे आरोप

स्लीमनाबाद टनल पांच जिलों के लिए बनेगी अमृतधारा, सीएम डॉ. मोहन यादव:प्रदेश की महत्वपूर्ण परियोजना का किया अवलोकन

मासूम अनिका अब भी संकट में:इंजेक्शन की कीमत बढ़ी; सवा करोड़ रुपए और चाहिए

विश्व प्रसिद्ध मंदिर में दान की होगी हाईटेक जांच:अब 5 मिनट में पता चलेगी सोने-चांदी की शुद्धता

एमवाय अस्पताल में बीवीजी कंपनी अधिकारी की बदतमीजी से परेशान सिक्योरिटी गार्ड्स

मां बगलामुखी मंदिर दान संग्रह विवाद की जांच पूरी:अशासकीय समिति को आर्थिक गड़बड़ी से क्लीन चिट

वीडियो देखिये, पुलिस कमिश्नर की नागरिकों से नशामुक्त समाज बनाने की अपील:पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है नशे का असर; जागरूकता फैलाने में हर वर्ग दे योगदान

विवादित टिप्पणी को लेकर बोले तेजतर्रार मंत्री:'यूपी सरकार कार्रवाई कर रही है, सब जानते हैं वहां कानून कैसे काम करता है'

धार में खपाने जा रहा था 40 पेटी अंग्रेजी शराब:पुलिस ने घेराबंदी कर धरदबोचा

मौलाना के खिलाफ थाने में शिकायत की:भगवान श्रीकृष्ण पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध तेज

बेहतर परफॉर्मेंस कर थाना चंदन नगर ने फिर से बाजी मारी:पुलिस कमिश्नरेट के थानों के मूल्यांकन का माह जून का परिणाम किया जारी; थाना छोटी ग्वालटोली रहा सबसे अंतिम स्थान पर

ठग का एक चेहरा:शिकार हुए कई चेहरे

दया की हुंकार- नशे को कहो नो मतलब नो:गीत, फिल्म, साइक्लोथॉन; इंदौर पुलिस का ड्रग्स पर तिहरा प्रहार

वीडियो देखिये, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने दिया क्या संदेश:नाट्य रूपांतरण के जरिए कही ये बात; स्वस्थ, सुरक्षित एवं बेहतर जीवन के लिए प्रेरणा

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार का बड़ा कदम:प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन करेगी यह सेल

स्टेशन से उड़ाता था बाइक:सीसीटीवी कैमरों से धराया; महू जीआरपी ने पकड़ा शातिर चोर, चार वाहन बरामद

खून से सना मंजर:बचपन पर गहरा जख्म; मां की हत्या देखने वाले बच्चों पर जिंदगी भर का असर
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!