पूर्व सीएम ने छोड़ा एक्स: निजी मोबाइल भी सचिव को सौंपा; अक्टूबर से करेंगे पदयात्रा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया से दूरी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने अपना आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट और निजी मोबाइल नंबर दोनों अपने कार्यालय के जिम्मे कर दिए हैं। साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि वे 20 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तक पदयात्रा शुरू करेंगे।
एक्स अकाउंट अब ऑफिस के नाम
दिग्विजय सिंह का आधिकारिक एक्स हैंडल, जो पहले @digvijaya_28 के नाम से संचालित होता था, अब "Office of DVS" के नाम से संचालित किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी उनके कार्यालय की टीम संभालेगी।
निजी मोबाइल नंबर भी सचिव को सौंपा
दिग्विजय सिंह ने अपना निजी मोबाइल नंबर भी अपने सचिव सचिन वत्स को सौंप दिया है। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट कर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि अब वे स्वयं इस नंबर का उपयोग नहीं करेंगे। इस नंबर पर आने वाले महत्वपूर्ण संदेशों और जानकारियों से उनके सचिव उन्हें समय-समय पर अवगत कराते रहेंगे।
20 अक्टूबर से शुरू होगी उज्जैन से अयोध्या पदयात्रा
पूर्व मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि उनकी पदयात्रा 20 अक्टूबर (विजयदशमी) से शुरू होगी। पहले यह यात्रा 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में कार्यक्रम में बदलाव करते हुए इसे दशहरे के दिन से शुरू करने का निर्णय लिया गया। यात्रा उज्जैन के महाकाल मंदिर से शुरू होकर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक जाएगी।
यात्रा के दौरान सोशल मीडिया और राजनीति से दूरी
दिग्विजय सिंह ने कहा कि पदयात्रा के दौरान वे सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेंगे और न ही किसी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं होगी।
उन्होंने कहा, ' मैं 80 वर्ष का हो चुका हूं। पार्टी ने मुझे पांच बार विधायक, दो बार लोकसभा सांसद और दो बार राज्यसभा सदस्य बनने का अवसर दिया। अब मैंने पार्टी से कहा है कि मेरी जगह नए लोगों को मौका दिया जाए। आगे मैं धर्म और समाज से जुड़े विषयों पर काम करूंगा।'
कारसेवक संतोष दुबे होंगे मुख्य अतिथि
दिग्विजय सिंह ने बताया कि इस यात्रा में किसी बड़े राजनीतिक नेता को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। इसके बजाय अयोध्या आंदोलन के दौरान गोली लगने वाले कारसेवक संतोष दुबे मुख्य अतिथि होंगे।
चढ़ावा और दान की पारदर्शिता को बताएंगे यात्रा का उद्देश्य
दिग्विजय सिंह का कहना है कि उन्होंने स्वयं राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपए का दान दिया था। उनका आरोप है कि राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए दान और मंदिरों में मिले चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता के सवाल उठे हैं।
उन्होंने कहा कि वे कानूनी सलाह लेकर अयोध्या की अदालत में याचिका दायर करेंगे और दान राशि के उपयोग का पूरा हिसाब मांगेंगे। उन्होंने उन श्रद्धालुओं से भी यात्रा में शामिल होने की अपील की है जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था और जिनके पास उसकी रसीद उपलब्ध है।
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