इतनी रफ्तार से चली हवा: कई इलाके अंधेरे में डूबे; जानिये अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जून के पहले ही दिन इंदौर में प्री-मानसून गतिविधियों ने जोरदार दस्तक दी। सोमवार शाम शहर में 93 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज आंधी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। धूलभरी हवाओं और हल्की बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
करीब 4 डिग्री की गिरावट
रात का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से सीधे 22.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, यानी करीब 4 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
दिन में बढ़ा तापमान, शाम को बदला मौसम
सोमवार को दिन में अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में करीब 2 डिग्री अधिक था। हालांकि शाम होते-होते तेज आंधी और बूंदाबांदी ने गर्मी का असर कम कर दिया। तेज हवाओं के कारण शहर में धूल का गुबार छा गया और कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन मौसम ठंडा होने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत भी मिली।
आंधी से बिजली व्यवस्था प्रभावित
तेज आंधी का असर बिजली आपूर्ति पर भी देखने को मिला। सुरक्षा की दृष्टि से बिजली कंपनी ने 450 फीडर वाली 132 केवी लाइन अस्थायी रूप से बंद कर दी थी। आंधी के दौरान कई स्थानों पर पेड़ और बड़ी टहनियां गिरने से बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए।
इसके चलते शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली कंपनी और नगर निगम की टीमें देर रात तक मरम्मत कार्य में जुटी रहीं, जिसके बाद अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल की जा सकी।
मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्य प्रदेश में इस बार मानसून के आगमन में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। फिलहाल प्रदेश में टर्फ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके कारण कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी है।
शुरुआत दक्षिणी हिस्सों से
सामान्य तौर पर मानसून 15 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है और इसकी शुरुआत दक्षिणी हिस्सों से होती है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था। हालांकि इस बार केरल में मानसून की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी बताई जा रही है, जिसका असर मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री पर भी पड़ सकता है।
जून में कम होती है गर्मी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून महीने में इंदौर में तापमान सामान्यतः नीचे आने लगता है। पिछले सात वर्षों के दौरान जून में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में जून का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं मानसून पूर्व गतिविधियों के चलते इस महीने औसत वर्षा का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा दर्ज हो जाता है।
बारिश के पुराने रिकॉर्ड
इंदौर में जून महीने के दौरान कई उल्लेखनीय मौसम रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। वर्ष 1980 में जून माह में 17 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग 5 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का प्रमुख रिकॉर्ड है। 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
अगले चार दिन राहत के संकेत
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में अगले चार दिनों तक बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है तथा लोगों को नौतपा और गर्मी के असर से राहत मिलती रहेगी। शहर में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से अब लोगों की निगाहें मानसून की औपचारिक दस्तक पर टिकी हैं, जो अगले कुछ सप्ताह में प्रदेश में पहुंच सकती है।
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