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वाट्सएप कॉल से शुरू हुआ जाल: बुजुर्ग से इतने लाख की ठगी; निवेश का झांसा देकर युवती ने कई खातों में डलवाए रुपए

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जून 2026, 11:22 am
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वाट्सएप कॉल से शुरू हुआ जाल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने इंदौर के 85 वर्षीय बुजुर्ग को 51 लाख 80 हजार रुपए की चपत लगा दी। एक युवती ने खुद को प्रतिष्ठित निवेश कंपनी की मैनेजर बताकर बुजुर्ग को अपने जाल में फंसाया और धीरे-धीरे लाखों रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब बुजुर्ग ने निवेश की गई रकम निकालने की कोशिश की, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। मामले की शिकायत साइबर हेल्पलाइन और पुलिस को दी गई है।

मोबाइल पर आया कॉल
एमआईजी थाना क्षेत्र के अनुराग नगर निवासी 85 वर्षीय मनोहरलाल नागोरी ने पुलिस को बताया कि वह घर पर ही रहते हैं। 18 अप्रैल को उनके मोबाइल पर वाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाली युवती ने अपना नाम शिवानी बताया और खुद को एक नामी निवेश कंपनी से जुड़ा हुआ बताया।

खुद को निवेश कंपनी की मैनेजर बताया
युवती ने बुजुर्ग को भरोसा दिलाया कि वह निवेश और शेयर बाजार से जुड़ी सलाह देने का काम करती है। उसने बताया कि कंपनी के माध्यम से निवेशकों को शेयर बाजार, आईपीओ और अन्य वित्तीय अवसरों की जानकारी दी जाती है। विश्वास जीतने के लिए उसने कंपनी का मुंबई स्थित कार्यालय बताकर लोकेशन भी भेजी।

ऑनलाइन निवेश ग्रुप से जोड़ दिया
बातचीत के दौरान युवती ने मनोहरलाल को एक ऑनलाइन निवेश ग्रुप से जोड़ दिया। वहां शेयर बाजार से जुड़े संदेश, मुनाफे के दावे और निवेश संबंधी जानकारियां लगातार साझा की जाती थीं। इससे बुजुर्ग को लगा कि वह किसी वास्तविक और भरोसेमंद निवेश प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं।

पहले छोटी रकम जमा करवाई, फिर बढ़ता गया निवेश
ग्रुप में जोड़ने के बाद बुजुर्ग को एक लिंक भेजी गई, जिसके जरिए उनका ऑनलाइन अकाउंट खोला गया। शुरुआत में उन्होंने 1 लाख 10 हजार रुपए जमा किए। कुछ समय बाद उन्हें बताया गया कि निवेश पर अच्छा लाभ मिल रहा है।

अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा करवाने को कहा
इसके बाद लगातार मुनाफे का लालच दिया गया और अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा करवाने के लिए कहा गया। पुलिस के अनुसार बुजुर्ग ने एक दर्जन से अधिक खातों में कुल 51 लाख 80 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। ठग उन्हें रोजाना शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव और कथित लाभ की जानकारी देते रहे, जिससे उनका भरोसा और बढ़ता गया।

पैसे निकालने पहुंचे तो खुली ठगी की पोल
मामले का खुलासा तब हुआ जब 26 मई को मनोहरलाल ने अपने निवेश खाते से 14 लाख रुपए निकालने का प्रयास किया। उन्हें बताया गया कि उनके अकाउंट का क्रेडिट स्कोर पर्याप्त नहीं है, इसलिए राशि नहीं निकाली जा सकती।

नहीं मिला जवाब
जब उन्होंने संबंधित नंबरों पर संपर्क कर जानकारी लेनी चाही तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। जांच-पड़ताल करने पर पूरा मामला साइबर ठगी का निकला।

साइबर सेल और पुलिस ने शुरू की जांच
ठगी का एहसास होने के बाद मनोहरलाल नागोरी ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद एमआईजी पुलिस और साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई थी।

मुनाफे के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे
अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अब निवेश, ट्रेडिंग और शेयर बाजार में मुनाफे के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को इस तरह के गिरोह आसानी से अपने झांसे में ले लेते हैं।

पुलिस की सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिलने वाले निवेश प्रस्तावों की पहले पूरी जांच करें। किसी भी कंपनी की वैधता की पुष्टि किए बिना बैंक खातों में पैसा जमा न करें।

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