सपना इंजीनियरिंग मेंं प्रवेश का: विद्यार्थियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही; जानिये क्या है इसकी वजह
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश का सपना संजोए हजारों विद्यार्थियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मूल्यांकन प्रक्रिया में अपेक्षा से कम अंक मिलने के कारण कई छात्रों के प्रतिशत पर असर पड़ा, वहीं अब मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) की कक्षा 12वीं सुधार परीक्षा के परिणाम में हो रही देरी उनके भविष्य के लिए नई चुनौती बनकर सामने आ रही है।
कक्षा 12वीं सुधार परीक्षा में हिस्सा लिया
दरअसल, ऐसे कई विद्यार्थी जिन्होंने जेईई मेन परीक्षा में सफलता हासिल की है और देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए जोसा (JoSAA) काउंसलिंग की तैयारी कर रहे हैं, उन्होंने अपने अंकों में सुधार के उद्देश्य से एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं सुधार परीक्षा में हिस्सा लिया था।
विद्यार्थियों को उम्मीद थी कि बेहतर अंक प्राप्त कर वे अपनी मेरिट में सुधार कर सकेंगे और बेहतर कॉलेज तथा पसंदीदा ब्रांच हासिल करने की संभावना बढ़ जाएगी। लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद भी परिणाम घोषित नहीं होने से वे असमंजस और तनाव की स्थिति में हैं।
7 मई से 26 मई तक हुई थी परीक्षा
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कक्षा 12वीं की सुधार परीक्षा 7 मई से 26 मई तक आयोजित की गई थी। परीक्षा में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी शामिल हुए थे, जो अपने बोर्ड परीक्षा के अंकों में सुधार कर उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर प्राप्त करना चाहते थे। परीक्षा समाप्त हुए कई दिन बीत जाने के बावजूद परिणाम जारी नहीं किया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों को यह चिंता सताने लगी है कि कहीं परिणाम में देरी उनके कॉलेज एडमिशन की राह में बाधा न बन जाए।
जोसा काउंसलिंग की समय-सीमा नजदीक
इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया के लिए जोसा काउंसलिंग देशभर में शुरू हो चुकी है और विभिन्न चरणों की समय-सीमाएं लगातार नजदीक आ रही हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि सुधार परीक्षा का परिणाम समय पर घोषित नहीं हुआ तो उन्हें अपने पुराने बोर्ड अंकों के आधार पर ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी।
कई छात्रों का मानना है कि सुधार परीक्षा के जरिए उनके अंक बढ़ने की पूरी संभावना है, जिससे उन्हें बेहतर रैंकिंग के साथ अच्छे संस्थान और मनचाही शाखा मिल सकती है। लेकिन परिणाम में देरी के कारण वे अपने संशोधित अंक प्रवेश प्रक्रिया में शामिल नहीं कर पा रहे हैं।
दो बोर्डों की प्रक्रिया का खामियाजा भुगत रहे छात्र
अभिभावकों का कहना है कि विद्यार्थियों को पहले ही सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली के कारण अपेक्षित अंक नहीं मिले, जिससे उनके उच्च शिक्षा संबंधी लक्ष्य प्रभावित हुए। ऐसे में उन्होंने सुधार परीक्षा के माध्यम से अपनी स्थिति बेहतर करने का प्रयास किया, लेकिन अब एमपी बोर्ड की ओर से परिणाम जारी करने में हो रही देरी नई समस्या बन गई है।
अभिभावकों का आरोप है कि दो अलग-अलग शिक्षा बोर्डों की प्रक्रियात्मक कमियों और प्रशासनिक देरी का सीधा नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। इसका असर न केवल उनकी मानसिक स्थिति पर पड़ रहा है, बल्कि उनके करियर और भविष्य की संभावनाओं पर भी पड़ सकता है।
मानसिक दबाव में छात्र
परिणाम का इंतजार कर रहे कई छात्र इन दिनों मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। एक ओर उन्हें काउंसलिंग प्रक्रिया की तैयारी करनी है, वहीं दूसरी ओर यह अनिश्चितता बनी हुई है कि सुधार परीक्षा के अंक समय पर मिल पाएंगे या नहीं।
विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने बेहतर भविष्य की उम्मीद में अतिरिक्त तैयारी कर सुधार परीक्षा दी थी। यदि परिणाम समय पर जारी नहीं होता तो उनकी मेहनत और प्रयासों का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।
परिणाम जल्द जारी करने की मांग
विद्यार्थियों और अभिभावकों ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से मांग की है कि सुधार परीक्षा के परिणाम को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द घोषित किया जाए। उनका कहना है कि यह केवल परीक्षा परिणाम का मामला नहीं है, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के करियर और उच्च शिक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
उन्होंने बोर्ड प्रशासन से अपील की है कि जोसा काउंसलिंग और अन्य प्रवेश प्रक्रियाओं की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए तत्काल परिणाम जारी किया जाए, ताकि किसी भी छात्र को प्रशासनिक देरी के कारण अपने सपनों के संस्थान और बेहतर शिक्षा अवसरों से वंचित न होना पड़े।
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