आखिर कौन ‘मिस्टर इंडिया’ कर रहा ये नियुक्तियांं
KHULASA FIRST
संवाददाता

महेश दीक्षित 98935-66422, खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश में निगम, मंडल, प्राधिकरण, आयोग और अकादमियों में हो रही नियुक्तियों ने इन दिनों भाजपा के देवतुल्य कार्यकर्ताओं की बेचैनी बढ़ा रखी है। सवाल यह नहीं कि नियुक्तियां हो रही हैं, सवाल यह है कि ये नियुक्तियां कौन कर रहा है और किसके इशारे पर हो रही हैं?
कार्यकर्ताओं की पीड़ा यह है कि वे 25-30 साल से पार्टी की सेवा में जुटे हैं। उम्मीद थी कि कभी तो निष्ठा और मेहनत का फल मिलेगा, लेकिन जब कुर्सियां बंटने की बारी आई तो सत्तासुख की मलाई ‘अनजान चेहरे’ ले उड़े।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक जैसी महत्वपूर्ण कुर्सियों पर ऐसे ‘भाईसाबों’ को विराजित कर दिया गया, जिन्हें न पार्टी में कोई जानता है और न जनता पहचानती है।
अब देवतुल्य कार्यकर्ता पूछ रहे हैं कि आखिर सत्ता और संगठन में वह कौन ‘मिस्टर इंडिया’ है, जो निष्ठावान कार्यकर्ताओं को किनारे कर सत्तासुख की रेवड़ियां अनजान ‘भाईसाबों’ में बांट रहा है?
मोहन कैबिनेट से छह मंत्रियों की छुट्टी तय!
प्रदेश के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लगातार दिल्ली दौरों के बीच मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।
चर्चा है कि सितंबर के आखिरी सप्ताह में कैबिनेट विस्तार हो सकता है। इसके साथ ही छह मंत्रियों की छुट्टी और नए, खासकर युवा चेहरों को मौका दिए जाने की चर्चा है।
सरकार और संगठन ने मंत्रियों के कामकाज का फीडबैक तैयार किया है। इसमें करीब छह मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठे हैं। इन मंत्रियों की शिकायतें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक भी पहुंची हैं। बताते हैं मुख्यमंत्री ने संभावित फेरबदल की सूची तैयार कर ली है और अब केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी का इंतजार है।
नारदजी कहते हैं कि मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं ने सरकार के कई माननीयों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली दरबार से किसकी कुर्सी बचती है और किसकी जाती है!
कृष्णा को मिली सीएम बनने की शुभकामनाएं!
यह सुनकर किसी को भी आश्चर्य हो सकता है, क्योंकि फिलहाल तो मध्य प्रदेश की कमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों में है। उन्हें हटाए जाने या उनके स्थान पर किसी और को बैठाए जाने के दूर-दूर तक कोई राजनीतिक संकेत नजर नहीं आ रहे, लेकिन राजनीति में कब क्या हो जाए, कौन जाने!
मामला कुछ यूं है कि प्रदेश सरकार में मंत्री कृष्णा गौर जब ओरछा में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने पहुंचीं, तो भाजपा की एक वरिष्ठ नेत्री और पूर्व मंत्री ने उनकी आत्मीय अगवानी की।
स्वागत-सत्कार के साथ ही उन्होंने कृष्णा गौर को एडवांस में प्रदेश की भावी मुख्यमंत्री बनने की शुभकामनाएं भी दे डालीं। अचानक मिली इस ‘वीआईपी शुभकामना’ से कृष्णा भी तनिक सकुचा गईं।
नारदजी कहते हैं कि राजनीति में शुभकामनाएं कभी बेवजह नहीं होतीं, लेकिन हर शुभकामना का मतलब भी तुरंत निकाल लेना ठीक नहीं। सो कृष्णा गौर को मिली यह ‘एडवांस बधाई’ भले ही अभी चर्चा और मुस्कुराहट का विषय हो, लेकिन राजनीति के गलियारों में इसे लेकर कान जरूर खड़े हो गए हैं। यह भाजपा है भैया... यहां कुछ भी हो सकता है!
चार ‘भाईसाबों’ की दायित्व मुक्ति चर्चा में
भाजपा मुख्यालय में इन दिनों चार ‘भाईसाबों’ की दायित्व मुक्ति चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्षों से किसी न किसी जिम्मेदारी के बहाने मुख्यालय में अंगद की तरह पांव जमाए बैठे इन भाईसाबों से कुछ अहम काम वापस ले लिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि इनमें से दो भाईसाब फिलहाल प्रदेश संगठन में किसी पद पर नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद भाजपा मुख्यालय में चेंबरों पर कब्जा जमाए बैठे थे। यह बताने के लिए मानों संगठन में उनके बिना पत्ता भी नहीं खड़कता है।
इसी तरह एक प्रमुख पदाधिकारी से कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी वापस ली गई हैं। पार्टी के भीतर उनकी कार्यशैली और ईमानदारी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पार्टी नेतृत्व ने यह कदम उठाया है। अब नारदजी तो प्रदेश नेतृत्व से यही कहेंगे- देर आयद, दुरुस्त आयद! संगठन में जिम्मेदारी वही, जो भरोसे के साथ निभे और पार्टी के हित में काम आए।
कप्तान साब की मजबूरी या आरोपी से जुगलबंदी!
बालाघाट के बहुचर्चित 1100 करोड़ रुपए के चावल घोटाले की चर्चा इन दिनों भोपाल से लेकर दिल्ली तक है। घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस कई आरोपियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है, लेकिन चर्चा उस आरोपी की ज्यादा है, जिस पर पुलिस का शिकंजा अब तक नहीं कस सका। मामला यहीं से रोचक हो जाता है।
आरोप है कि घोटाले से जुड़ा यह प्रमुख आरोपी रसूखदार है तथा पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा जिला अध्यक्ष का ज्येष्ठ भ्राता है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कप्तान साब के हाथ इस रसूखदार आरोपी के गिरेबां तक पहुंचने में इतनी हिचक क्यों दिखा रहे हैं? क्या उन्हें किसी अदृश्य दबाव ने रोक रखा है? या फिर पर्दे के पीछे कोई जुगलबंदी हो चुकी है?
नारदजी कहते हैं कि कानून की नजर में रसूख नहीं, सबूत मायने रखते हैं। यदि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों? और यदि साक्ष्य नहीं हैं, तो जांच की स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही? अर्थात कप्तान साब की चुप्पी जितनी लंबी होगी, सवाल उतने ही गहरे होते जाएंगे।
संबंधित समाचार

वन भूमि पर गांजे की खेती का खुलासा:इतने क्विंटल नशा किया जब्त; कपास और तुअर की फसल के बीच हो रही थी खेती

नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई:स्मैक के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार; कार सहित लाखों रुपए का मशरूका जब्त

खेती में स्थिरता ही सबसे बड़ा सुधार:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव का शुभारंभ

नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना के बदहाल मजदूरों की विधायक से मार्मिक अपील:पॉवर लिंकर नही दे रही खून-पसीने की कमाई

MP सरकार फिर लेगी इतने हजार करोड़ का कर्ज:4 से 22 साल में चुकाएंगे ऋण

मातृशक्तियों ने की मां की आराधना:गुजराती गीतों पर थिरके कदम

नाबालिग से अभद्रता के आरोप में घिरे भाजपा मंडल अध्यक्ष:संगठन भी मामले को लेकर सक्रिय; नगर अध्यक्ष ने मांगा जवाब

रिजॉर्ट में लगी भीषण आग:10 लोगों की मौत; इनमें एक ही परिवार के 6 सदस्य शामिल

संगठन, साहस और न्याय के पक्ष में निर्णायक संकल्प

MP में यहां महसूस किए गए भूकंप के झटके:लोगों में दहशत का माहौल; घरों से बाहर निकले

भक्तों ने उत्साह से ग्रहण की महाप्रसादी:नवरात्रि महापर्व के पावन अवसर पर 10 दिवसीय महोत्सव

यशवंत क्लब के मास्टर प्लान पर बढ़ रहा विवाद:प्रबंध समिति के सदस्यों ने उठाए सवाल

वीडियो देखिये, नाबालिग से मारपीट के मामले में एडिशनल डीसीपी ने क्या कहा:भाजपा मंडल अध्यक्ष पर गंभीर धाराओं में पुलिस ने की कार्रवाई; गरबा पंडाल में धक्का-मुक्की का वीडियो हुआ था वायरल

वीडियो देखिये, पुलिस थाने पर गहमागहमी का माहौल:भाजपा नेताओं ने पहले बनाया दबाव; ऐसे दर्ज किया पुलिस ने केस, विधायक ने भी कही ये बात

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक को जमानत:शांति भंग करने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी

खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई:'देसी मसाला' का पंजीयन निलंबित

40 प्रतिशत खेत खाली रहने का अनुमान लगाया:गेहूं का रकबा 52 हजार हेक्टेयर होगा कम

MBBS छात्रों को NMC ने दी बड़ी राहत:फर्स्ट ईयर परीक्षा के लिए अब मिलेंगे इतने मौके

आधी रात में घर में लगी भीषण आग:थाना प्रभारी की तत्परता से बचा परिवार

वीडियो देखिये, भाजपा नेता का नाबालिग से कथित दुर्व्यवहार का मामला नए मोड़ पर:अनेक धाराओं में केस दर्ज होने की सूचना; इस थाने पर भाजपा नेताओं का जमावड़ा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!