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डॉक्टर बोले- ठीक हो जाएगी, अगले दिन चली गई जान: इतने दिन बाद कब्र से क्यों निकाला बच्ची का शव; परिजनों ने क्या आरोप लगाए

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जून 2026, 11:02 am
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डॉक्टर बोले- ठीक हो जाएगी, अगले दिन चली गई जान

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में दो साल की मासूम काशवी की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि निजी क्लिनिक में हुए कथित गलत इलाज के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए मौत के चार दिन बाद प्रशासन की अनुमति से बच्ची का शव कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया है। अब परिवार को रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

मामूली उल्टी-दस्त की शिकायत
बालदा कॉलोनी निवासी नितिन यादव की दो वर्षीय बेटी काशवी को 27 मई को मामूली उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। परिजन उसे भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित एक निजी क्लिनिक लेकर पहुंचे। वहां उसका उपचार किया गया, लेकिन अगले ही दिन 28 मई को उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार सदमे में है और इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहा है।

5वीं ड्रिप के बाद बिगड़ने लगी तबीयत
परिजनों के अनुसार क्लिनिक में डॉ. अनिल घई ने बच्ची का परीक्षण किया और उसे ड्रिप चढ़ाने की सलाह दी। परिवार का आरोप है कि पहले चार बोतल ड्रिप लगाई गईं। इसके बाद बच्ची को उल्टी हुई। जब परिजनों ने चिंता जताई तो उन्हें बताया गया कि एक डोज और देना बाकी है। इसके बाद पांचवीं ड्रिप लगाई गई।

कुछ ही देर बाद हालत बिगड़ने लगी
परिवार का कहना है कि कुछ ही देर बाद काशवी की हालत बिगड़ने लगी और उसकी हार्ट बीट तेज हो गई। जब उन्होंने डॉक्टर से इस बारे में पूछा तो उन्हें भरोसा दिलाया गया कि बच्ची जल्द ठीक हो जाएगी। बाद में डॉक्टर ने यह कहकर घर भेज दिया कि ड्रिप पूरी हो चुकी है और अब चिंता की कोई बात नहीं है।

रातभर बिगड़ती रही हालत
परिजनों के मुताबिक घर पहुंचने के बाद बच्ची के हाथ-पैर और होंठ नीले पड़ने लगे। उसकी हालत लगातार खराब होती गई। अगले दिन सुबह उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए तुरंत चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय रेफर कर दिया।

वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा
अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मासूम की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां निशा यादव की हालत अब भी बेहद खराब बताई जा रही है।

शक गहराया तो कब्र से निकलवाया शव
परिजनों को शुरू से ही इलाज की प्रक्रिया पर संदेह था। उन्होंने भंवरकुआं थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि बिना पोस्टमॉर्टम के मौत के कारणों की पुष्टि करना मुश्किल होगा। इसके बाद परिवार ने एसडीएम से शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति मांगी।

बच्ची का शव कब्र से निकाला
मंगलवार को प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद पुलिस की मौजूदगी में पचकुइया श्मशान घाट से बच्ची का शव कब्र से निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम को दोबारा अंतिम संस्कार किया गया।

बेटी को खोने का दर्द नहीं भूल पा रहा परिवार
काशवी की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों के मुताबिक एक माह पहले ही उसका जन्मदिन बड़े उत्साह से मनाया गया था। घर में हर तरफ उसकी यादें बिखरी हैं। खिलौने, तस्वीरें और उसकी छोटी-छोटी चीजें परिवार की आंखें नम कर देती हैं।

भावुक हो गए पिता
अंतिम संस्कार के दौरान पिता नितिन यादव भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अब वापस नहीं आ सकती, लेकिन यदि किसी की लापरवाही से उसकी जान गई है तो सच सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े, इसके लिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।

5 डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमॉर्टम
भंवरकुआं पुलिस के अनुसार एसडीएम की अनुमति के बाद पांच डॉक्टरों की विशेष टीम ने पोस्टमॉर्टम किया है। जांच अधिकारी दिवेश कलेश ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

जरूरी जानकारी भी जुटाना शुरू
पुलिस ने इलाज से जुड़े दस्तावेज, अस्पताल रिकॉर्ड और अन्य जरूरी जानकारी भी जुटाना शुरू कर दिया है। वहीं, जिन डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगे हैं, उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।


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