शिविर में बच्चों को दिए संस्कार और सिखाए सुरक्षा के गुर: पुलिस कमिश्नरेट का नवाचार; सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत संचालित संजीवनी बाल मित्र केंद्र ने किया आयोजन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सामुदायिक पुलिसिंग के तहत इंदौर पुलिस द्वारा संचालित संजीवनी बाल मित्र केंद्र में आयोजित सात दिवसीय समर कैंप का उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। कैंप के दौरान बच्चों को योग, व्यक्तित्व विकास, साइबर सुरक्षा, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर बच्चों को प्रमाण-पत्र, मिठाइयां और उपयोगी उपहार देकर सम्मानित किया गया। यह समर कैंप थाना छत्रीपुरा स्थित संजीवनी बाल मित्र केंद्र में आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद और सामाजिक रूप से वंचित बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ना था।
पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कैंप का संचालन अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह, पुलिस उपायुक्त सुनील मेहता, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दिशेष अग्रवाल, सामुदायिक पुलिसिंग की नोडल अधिकारी सीमा अलावा तथा एसीपी विजय तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया। थाना प्रभारी संजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित शिविर का संचालन प्रधान आरक्षक संजय राठौर ने किया।
बच्चों को दिए गए जीवनोपयोगी प्रशिक्षण
सात दिन तक चले इस शिविर में बच्चों को कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। इनमें योग एवं ध्यान, कला एवं शिल्प, चित्रकला प्रतियोगिता, महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा, साइबर अपराधों से बचाव, नशे के दुष्परिणाम, गुड टच-बैड टच, पॉक्सो अधिनियम, बाल अधिकार और संरक्षण जैसे विषय प्रमुख रहे। विशेषज्ञों ने बच्चों को न केवल इन विषयों की जानकारी दी, बल्कि व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्हें जागरूक भी किया।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कैंप में पुलिस अधिकारियों के अलावा कानूनी, सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। जिला अभियोजन अधिकारी अभिजीत सिंह राठौड़, योगाचार्य श्रवण कुमार शर्मा, डॉ. रूपाली राठौर, हाईकोर्ट अधिवक्ता कृष्ण कुमार कुन्हारे, एडीपीओ सुशीला राठौर, बाल कल्याण समिति की सदस्य ललिता राठौर, ऊर्जा एनजीओ की नेहा शर्मा सहित कई विशेषज्ञों ने बच्चों को मार्गदर्शन दिया।
प्रमाण-पत्र और उपहार देकर किया सम्मानित
समापन समारोह में बच्चों को भागीदारी प्रमाण-पत्र, मिठाइयां और विभिन्न उपयोगी उपहार वितरित किए गए। बच्चों ने भी कैंप के दौरान सीखी गई गतिविधियों और अपने अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
21 वर्षों से बच्चों को दे रहा नई दिशा
उल्लेखनीय है कि थाना छत्रीपुरा स्थित संजीवनी बाल मित्र केंद्र वर्ष 2005 से लगातार संचालित किया जा रहा है। इस केंद्र का उद्देश्य अपराध प्रभावित, आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से वंचित बच्चों को शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है। इंदौर पुलिस के अनुसार अब तक इस केंद्र के माध्यम से 7,000 से अधिक बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा चुका है।
सामुदायिक पुलिसिंग का सफल मॉडल
इंदौर पुलिस की यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग का एक सफल और प्रेरणादायी उदाहरण मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को सही मार्गदर्शन, शिक्षा और नैतिक मूल्य प्रदान कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना ही इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य है। यह प्रयास न केवल बच्चों का भविष्य संवार रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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