असंतोष नापने आए थे संतोष: ‘इंदौर-मालवा’ व ‘भोपाल’ के बीच बढ़ती दूरी से जुड़ा है क्या ‘बीएल’ का प्रवास
KHULASA FIRST
संवाददाता

संगठन के मुखिया का प्रदेश में आना, सीएम व प्रदेश अध्यक्ष का नजर न आना, हैरतअंगेज..!
भाजपा में ऐसा होता नहीं, संगठन के राष्ट्रीय मुखिया किसी प्रदेश के दौरे पर आएं और सरकार के मुखिया अगवानी न करें
‘एक पेड़ मां के नाम’ जलसे में शिरकत करने आए बीएल संतोष के ‘एकाकी दौरे’ से भाजपाई हलकों में चर्चा का बाजार गर्म
न मुख्यमंत्री, न प्रदेश अध्यक्ष, न प्रदेश संगठन महामंत्री की भूमिका निभा रहे जामवाल, न प्रदेश प्रभारी सिंह अगवानी के लिए इंदौर आए, न बाद में हुई मुलाकात
अकेले ही ‘असंतोष’ की थाह लेने के लिए क्या बीएल संतोष ने ही बड़े नेताओं की मौजूदगी से बनाई थी दूरी, या मामला गंभीर?
संगठन के सबसे बड़े मुखिया के आगमन पर भी इंदौर भाजपा के बड़े नेता व चुनिंदा विधायक गुटबाजी से बाज नहीं आए
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का दो दिवसीय इंदौर दौरा उनकी रवानगी के बाद खासा चर्चा में आ गया है। संगठन मुखिया का इंदौर आगमन पार्टी के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय से जुड़ा हुआ है। वे विजयवर्गीय के बुलावे पर ही इंदौर आए थे। निमित्त बना था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लाखों पौधों के रोपण का समारोह। इस अभियान का इंदौर में आगाज 2 बरस पहले विजयवर्गीय ने ही किया था।
तब गृहमंत्री अमित शाह इसके साक्षी बने थे। इस बार संगठन मुखिया की सदारत में विजयवर्गीय ने रेवती रेंज पर पौधारोपण समारोह की जाजम बिछाई थी। बीएल संतोष इस जाजम के मुख्य किरदार बनकर आए थे। एयरपोर्ट पर उनकी अगवानी से लेकर विदाई तक सिर्फ विजयवर्गीय ही उनके समक्ष मौजूद रहे।
प्रदेश भाजपा के शेष बड़े नेताओं की इस दौरान दूरी बनी रही। हालांकि अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बड़े नेताओं को न आने की ताकीद संगठन मुखिया की तरफ से मिली हुई थी या बात विजयवर्गीय के हाथों में कार्यक्रम की कमान से जुड़ी है?
प्रदेश में पार्टी के संगठन प्रमुख बीएल संतोष का आना हुआ और उनके लिए सीएम डॉ. मोहन यादव का न आना चर्चा का विषय बन गया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी नहीं आए और न प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह आए। प्रदेश में संगठन महामंत्री का पद फिलहाल रिक्त है, लेकिन बतौर प्रभारी अजय जामवाल इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।
क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के रूप में जामवाल का जब-तब प्रदेश में आना-जाना बना रहता है। वे बगल के छत्तीसगढ़ में ही आमतौर पर डेरा डाले रहते हैं। बावजूद इसके उनका न आना कई कयासों को जन्म दे गया।
सूत्र बताते हैं कि जामवाल दिल्ली में थे, लेकिन शेष सब नेता राजधानी भोपाल में ही मौजूद थे। सीएम आदिवासी दिवस व राष्ट्रीय तिरंगा अभियान में मसरूफ थे, लेकिन प्रदेश प्रभारी सिंह के पास ऐसा कोई बड़ा कार्यक्रम न था। न प्रदेश अध्यक्ष किसी प्रवास पर थे। अब चर्चा का विषय ही ये है कि संतोष की मौजूदगी के बावजूद एक साथ इतने नेता कैसे और क्यों गैरहाजिर?
मुखिया की मौजूदगी में भी बनी रही गुटबाजी... बीएल संतोष जैसे संगठन मुखिया की मौजूदगी भी इंदौर भाजपा नेताओं के बीच के वैमनस्य को दूर नहीं कर पाई। रेवती रेंज के मुख्य सार्वजनिक कार्यक्रम से उन सब नेताओं व विधायकों ने दूरी बनाए रखी, जिनका मिजाज विजयवर्गीय के अलावा प्रदेश के किसी अन्य नेता से जुड़ा हुआ है।
जिन नेताओं और विधायकों ने मुख्य कार्यक्रम से दूरी बनाई, वे रेसीडेंसी में जाकर अलग से बीएल संतोष से मिले। पार्टी कार्यालय पर जरूर पार्षदों से रूबरू कार्यक्रम में सब गुट के पार्षद पहुंचे। वे एमआईसी मेंबर भी शामिल हुए, जिनके लिए अपने विधायक के अलावा पार्टी, संगठन हमेशा ठेंगे पर रहता है।
ऐसे एमआईसी मेंबर भी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री की क्लास में मुस्तैद नजर आए। इस मौके पर संभागीय बैठक भी तुरत-फुरत आहूत कर ली गई थी। बीएल संतोष के इंदौर आगमन से लेकर विदाई तक विजयवर्गीय खेमे की घेरेबंदी ही नजर आई।
‘इंदौर’ का ‘असंतोष’ नापने आए थे क्या बीएल संतोष?
क्या बीएल संतोष का ‘एकाकी दौरा’ इंदौर-मालवा में पनपे असंतोष को नापने के लिए था? क्या वे ‘इंदौर-भोपाल’ के बीच तेजी से पनपी व गहरी होती जा रही दूरियों की थाह लेने आए थे? क्या उनका प्रवास मध्य प्रदेश भाजपा में चल रही अंदरूनी उठापटक को नजदीक से देखने का प्रयास मात्र था? या फिर ये एक सहज व सौजन्य दौरा था, जो पार्टी के क्षत्रपों को भी ‘संगठन का अपनत्व’ देने की एक कवायद मात्र थी?
या मालवा के क्षत्रप नेता का सरकार को ये संदेश देने की कोशिश थी कि प्रदेश नेतृत्व का साथ नहीं तो कोई बात नहीं, राष्ट्रीय संगठन तो हमारे ही साथ है? ऐसे तमाम सवाल बीएल संतोष के दौरे के साथ उठ खड़े हुए हैं, जिनके जवाब आने वाले वक्त की भाजपा की अंदरूनी सियासी उठापटक से ही सामने आ पाएंगे।
भाजपा में संगठन महामंत्री का पद, यानी परिवार के मुखिया के समकक्ष ओहदा। उसमें भी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री यानी परिवार के पितामह के समान व्यक्तित्व। ऐसे संगठन के राष्ट्रीय मुखिया का किसी प्रांत में प्रवास हो और उनके समक्ष उसी प्रांत के संगठन व सरकार से जुड़े समकक्ष नेता-पदाधिकारी का मौजूद न होना संभव है? इस सवाल का जवाब सौ फीसदी न में है।
कम से कम भाजपा में तो ये संभव ही नहीं कि राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रदेश के दौरे में किसी शहर में आएं और उनकी अगवानी करने प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, प्रदेश के संगठन को संभाल रहे अन्य दायित्ववान बड़े पदाधिकारी मौजूद न रहें। न बाद में मेल-मुलाकात करें, लेकिन ये शनिवार-रविवार को इंदौर में संभव हो गया।
वह घट गया, जो भाजपाई हलकों में हैरतंगेज है। इंदौर प्रवास पर आए भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के समक्ष न मुख्यमंत्री उपस्थित हुए, न प्रदेश अध्यक्ष, न प्रदेश प्रभारी और न प्रदेश महामंत्री का दायित्व संभाल रहे पदाधिकारी। प्रदेश भाजपा की राजनीति में इसे बड़े आश्चर्य के रूप में देखा जा रहा है।
अब ये बड़े सवाल, चर्चा व पड़ताल का विषय है कि क्या राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने ही इन सब नेताओं से दूरी बनाई थी? या इन सब नेताओं ने ही फासला रखना मुनासिब समझा? अगर ऐसा है, तो भी फिर प्रदेश भाजपा में कुछ न कुछ बात गंभीर है।
संबंधित समाचार

आईडीए की मनमानी लाखों खर्च:फिर भी शहीद पार्क पर ताला

लाड़ली बहना पर बढ़ता खर्च:शिक्षा बजट का इतना और स्वास्थ्य बजट के करीब बराबर रकम

स्ट्रॉन्ग सिस्टम से MP में हो रही आफत की बारिश:राजधानी में 7 इंच पानी, कई घरों में 5-6 फीट तक जलभराव, रेलवे ट्रैक पर भरा पानी

कहता था अल्ताफ:केवल हिंदुओं की गाड़ियां ही चुराना; लव, ड्रग्स और जमीन के बाद गाड़ी चोरी में भी जिहाद

ऊंची दुकान के कॉकरोच पकवान:रतलाम स्वीट्स के समोसे में निकला कॉकरोच; कर्मचारी बोला- ये सामान्य बात

‘बोल कांवड़िया, बोल बम…’ के जयकारों से गूंजा जबलपुर:सीएम मोहन ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल; उठाई कांवड़ और बजाया डमरू

आबकारी विभाग ने पकड़ी अवैध भांग फैक्ट्री

भजन संध्या से लौट रहे युवक पर हमला:बदमाशों ने चाकू से किए 4 वार; ऑटो ड्राइवर को भी मारा

UCC के खिलाफ चलेगा अभियान:मुस्लिम महिलाएं संभालेंगी मोर्चा; आरिफ मसूद बोले- ‘आज मुसलमान, कल दूसरे समुदायों के अधिकारों पर असर’

रातभर पुलिस की दबिश 472 पर कार्रवाई:148 शराबी वाहन चालक पकड़े; 252 से ज्यादा

किसानों को मिला फफूंद लगा खाना:पूड़ी-सब्जी के पैकेट में दिखी खराबी; जताई नाराजगी, जांच के निर्देश

एक करोड़ की ठगी के बाद अब होगा खातों का खुलासा:क्राइम ब्रांच तलाश रही रकम का पूरा खेल

नाले में बही ईको वैन:गाड़ी में 11 लोग थे सवार, दो बच्चों सहित 7 शव बरामद, 2 तैरकर निकले

सावन के दूसरे सोमवार पर शिवालयों में आस्था का सैलाब:महाकाल का पंचामृत अभिषेक, ओंकारेश्वर में महाशृंगार; जबलपुर में 33 किमी की कांवड़ यात्रा

नर्मदा स्नान के दौरान बड़ा हादसा:6 कांवड़ यात्री डूबे; गोताखोरों ने तत्काल शुरू किया बचाव अभियान

चढ़ावा चोरी विवाद:यह फिर महासचिव की रेस में; बैठक में मिली क्लीनचिट का दावा, संत भी समर्थन में

पुलिस पूर्व कांग्रेस पार्षद डकैत के बंदूक लाइसेंस की जड़ खोजने जम्मू पहुंची:2008 के शस्त्र लाइसेंस की फाइल की होगी जांच; लगाया जा रहा रामबन-कठुवा के एजेंट का पता

विपक्ष गृह मंत्री के बयान पर अड़ा:हंगामे के बीच लोकसभा में 4 बिल पेश; सरकार बोली- दिल्ली प्रदर्शन पर शाह संसद में जवाब देंगे

केंद्रीय कृषि मंत्री ने की प्रधानमंत्री से शिकायत:इस पर जताई नाराजगी; PMO ने मांगा MP सरकार से जवाब

विधानसभा के पास छात्रों पर लाठीचार्ज:चप्पल-बोतलें फेंकीं; कंटीले तारों की बैरिकेडिंग पर चढ़े, वाटर कैनन के सामने किया डांस
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!