खबर
Top News

मुख्यमंत्री के लिए साबित हुई सेहतमंद: सियासत की चक्की में पिसी मूंग दाल ने बदले समीकरण

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

31 जुलाई 2026, 12:37 pm
शेयर करें:
मुख्यमंत्री के लिए साबित हुई सेहतमंद

डॉ. संतोष पाटीदार 93400-81331 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मूंग खरीद के किसान आंदोलन से निकले फैसले से मध्य प्रदेश की सियासत में मुख्यमंत्री का प्रभुत्व और ज्यादा मजबूत हुआ है। मूंग खरीद की असल जिम्मेदारी केंद्रीय कृषिमंत्री की थी, लेकिन गेहूं की तरह ही मूंग के मामले में भी वे पलायन कर गए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तमाम चुनौतियों के बावजूद आंदोलनकारी किसानों की मांग मानकर उनके बीच अपनी व्यक्तिगत और राजनीतिक पैठ मजबूत कर ली।

राज्य से लेकर केंद्र तक मुख्यमंत्री के राजनीतिक और प्रशासनिक दांव-पेंच प्रदेश व केंद्र में बैठे राज्य के वरिष्ठ नेता-मंत्रियों पर भारी पड़ रहे हैं। गेहूं, सोयाबीन और अब मूंग की सरकारी खरीद के बाद मुख्यमंत्री के प्रति किसानों की सुहानुभूति और समर्थन बढ़ गया है। दतिया उपचुनाव के ठीक पहले किसानों के हित में हुआ यह फैसला मुख्यमंत्री के लिए फायदेमंद रहा।

किसानों के एक बड़े वर्ग को अपने साथ लाने में केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराजसिंह चौहान जिस तेजी से किसानों के अभियान में लगे थे, उसे मूंग और गेहूं की सीमित खरीदी की नीति ने कमजोर किया है। सियासत के जानकार कह रहे हैं कि गेहूं में भी केंद्र ने समर्थन मूल्य पर सीमित मात्रा में ही खरीदी की नीति अख्तियार की थी। इससे मध्य प्रदेश के किसान नाराज हुए और आंदोलन किए। उसके बाद भी केंद्र ने मांग नहीं मानी।

आखिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रदेश की वित्तीय हालत कमजोर होने के बावजूद कठोर निर्णय करते हुए किसानों के हित में अतिरिक्त खरीदी का ऐलान करना पड़ा और अधिकतम खरीदी कर ली। इससे किसानों के मन की हो गई और मुख्यमंत्री के प्रति उनका समर्थन बढ़ गया।

मूंग में भी शिवराज ने 25% से अधिक की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने से इनकार कर दिया और एक कड़ी चिट्ठी मुख्यमंत्री को लिख दी। इस चिट्ठी की नुक्ता-चीनी के बाद कहा जा रहा है कि शिवराज चाहते तो सोयाबीन की तरह दलहन मिशन में मूंग की खरीदी का प्रतिशत बढ़ा सकते थे।

केंद्र की दूसरी योजनाएं भी हैं, जिनमें अतिरिक्त खरीदी का प्रावधान है, लेकिन सलाहकारों ने शिवराज को शायद अंधेरे में रखा। हो सकता है उनकी राजनीति मुख्यमंत्री को उलझाने वाली रही हो, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस संकट को भी अवसर में बदल दिया। उनके समर्थन में वे किसान भी आ गए, जो कांग्रेस समर्थित मूंग खरीदी आंदोलन से जुड़े थे।

शिवराज के लिए अतिरिक्त मूंग खरीदी इसलिए भी ज्यादा समस्या वाली नहीं थी, क्योंकि मूंग की फसल मात्र करीब 12 जिलों में ही है और दलहन मिशन में तो वैसे भी बड़ा बजट उपलब्ध है। शिवराज चाहते तो मध्य प्रदेश सरकार पर समर्थन मूल्य पर 35% मूंग खरीदी का वित्तीय बोझ नहीं आता।

कहा जा रहा है कि खेती-किसानी के दांव-पेंच मुख्यमंत्री को बार-बार पटखनी देने के लिए खेले जा रहे हैं, लेकिन इनसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राजनीति और ज्यादा मजबूत होती जा रही है। केंद्र सरकार ने गेहूं के बाद मूंग की खरीदी में जिस तरह से पलायन किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भरोसे अतिरिक्त खरीदी छोड़ दी, उसे मुख्यमंत्री ने राजनीतिक चातुर्य से अपने पक्ष में कर लिया।

वह मूंग को देश-विदेश के बाजारों में खापा देंगे। जैसा कि भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमलसिंह आंजना कहते हैं, गेहूं, मूंग या फिर सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी सरकार के लिए किसी भी तरह से घाटे का सौदा नहीं है। सरकार में बैठे अधिकारी और मंत्री समय पर सही निर्णय नहीं लेते, इस कारण फसल उत्पादन के भाव प्रभावित होते हैं और नुकसान किसानों का होता है, जिसके चलते आंदोलन होते हैं और सरकार, समाज व किसानों को बड़ी कीमत चुकाना पड़ती है।

इतनी-सी बात सरकारी सिस्टम को समझ में नहीं आती। केंद्र हो चाहे राज्य, स्थायी समाधान करना नहीं चाहते। मूंग खरीदी का उदाहरण देते हुए आप कहते हैं कि इससे पैसा किसानों को अधिक मिलेगा तो उतना ही अधिक पैसा बाजार में आएगा और अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।

इकोनॉमी की इस छोटी-सी समझ को सरकार में बैठे नीति-निर्धारक, सलाहकार और अफसर क्यों नहीं समझ पाते? यह बात केंद्रीय कृषि मंत्रालय और वित्त मंत्रालय को भी समझ में नहीं आती। यही कारण है कि देश में किसानों का आक्रोश बार-बार सड़कों पर नजर आता है।

आंदोलन से बदलते सियासी मायने
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर चला किसान आंदोलन अब केवल कृषि नीति का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि उसने भाजपा की आंतरिक राजनीति और केंद्र-राज्य के रिश्तों पर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार द्वारा खरीदी की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत बना, लेकिन इसके राजनीतिक मायने इससे कहीं अधिक गहरे हैं।

दूसरी ओर, केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 29 जुलाई को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर खरीद व्यवस्था पर अपना पक्ष रखा, लेकिन केंद्र की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर खरीदी का कोटा बढ़ाने का कोई निर्णय सामने नहीं आया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे यह संदेश गया कि केंद्र ने अतिरिक्त वित्तीय दायित्व अपने ऊपर लेने के बजाय राज्य सरकार पर डाल दिया। परिणाम यह हुआ कि आर्थिक बोझ राज्य पर आया, लेकिन राजनीतिक श्रेय भी राज्य सरकार के खाते में दर्ज हो गया।

इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के भीतर बदलते सत्ता संतुलन के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराजसिंह चौहान राष्ट्रीय स्तर की भूमिका में हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री यादव राज्य में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान और निर्णय क्षमता स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। सोयाबीन, गेहूं और अब मूंग खरीदी का फैसला इस दिशा में उनके लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसर बन गया है।

इधर, राज्य सरकार ने कृषि उपज मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से जोड़ने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। निजी मंडियां, साइलो-वेयरहाउस और डीम्ड मंडियां भी अब ई-नाम प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगी।

यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो किसानों को देशभर के खरीदारों तक पहुंच मिलेगी, स्थानीय व्यापारियों पर निर्भरता घटेगी और भविष्य में फसलों के दाम अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं। हालांकि सबसे बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है कि यदि प्रदेश में मूंग का उत्पादन अनुमान से अधिक हुआ है, तो क्या भविष्य में उसकी पूरी खरीदी की जिम्मेदारी राज्यों पर ही रहेगी या केंद्र सरकार भी खरीद नीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगी?

फिलहाल इतना तय है कि इस पूरे प्रकरण ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को किसान हितैषी फैसले लेने वाले नेता के रूप में उभरने का अवसर दिया है, जबकि भाजपा के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव को लेकर नई चर्चाओं को भी हवा दे दी है।

संबंधित समाचार

गोपुर थोक पटाखा मार्केट में 10 अवैध दुकानें सील
Top News

गोपुर थोक पटाखा मार्केट में 10 अवैध दुकानें सील:विजयवर्गीय, अग्रवाल, श्रीनाथ, बाबा और श्रीश्याम फायर वर्क्स नामों को लेकर भी उठे सवाल

1 minute ago
नशा मुक्ति केंद्र एक बार फिर चर्चा में
Top News

नशा मुक्ति केंद्र एक बार फिर चर्चा में:पहले भागे मरीज, अब मारपीट और मौत का दावा; भर्ती मरीजों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल

3 minutes ago
स्थापना दिवस पर उद्योगों और स्टार्टअप्स को मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात
Top News

स्थापना दिवस पर उद्योगों और स्टार्टअप्स को मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात:900 से अधिक MSME इकाइयों को 450 करोड़; 120 स्टार्टअप्स को 47.80 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी

9 minutes ago
दीपोत्सव के इंतजार में महकने लगे घर-आंगन और बाजार
Top News

दीपोत्सव के इंतजार में महकने लगे घर-आंगन और बाजार:खुशियों के स्वागत की तैयारियां शुरू

10 minutes ago
गांजे की तस्करी का खुलासा
Top News

गांजे की तस्करी का खुलासा:पेंट के डिब्बों के बीच छिपाई थी 28 बोरियां; कंटेनर चालक सहित दो गिरफ्तार, करोड़ों का नशा जब्त

12 minutes ago
छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
Top News

छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत:प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी; घटना से हॉस्टल में हड़कंप मच गया

19 minutes ago
खुशियों का शुभ मुहूर्त
Top News

खुशियों का शुभ मुहूर्त:उमंग, उल्लास और समृद्धि का महासंगम, धन-धान्य का मंगल संयोग

29 minutes ago
युवती ने दोस्ती के बाद शादी का झांसा देकर घर बुलाकर बनाया
Top News

युवती ने दोस्ती के बाद शादी का झांसा देकर घर बुलाकर बनाया:हनीट्रैप का शिकार हो गया बजरंगी; झूठे केस में फंसाने का आरोप

37 minutes ago
INDIA गठबंधन की वोट बचाओ, देश बचाओ रैली आज
Top News

INDIA गठबंधन की वोट बचाओ, देश बचाओ रैली आज:रामलीला मैदान में जुट रहे विपक्षी नेता; CEC के इस्तीफे की मांग

about 1 hour ago
वीडियो देखिये, सेना के शौर्य और बलिदान को नमन
Top News

वीडियो देखिये, सेना के शौर्य और बलिदान को नमन:मुख्यमंत्री ने शौर्य स्मारक में रोपा ‘संकल्प वृक्ष’; प्रदेश के सभी जिलों की मिट्टी से हुआ पौधरोपण

about 1 hour ago
दिवाली से पहले महंगाई का झटका
Top News

दिवाली से पहले महंगाई का झटका:कॉमर्शियल सिलेंडर हुआ इतने रुपए महंगा; आज से बदले ये नियम, जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

about 1 hour ago
वीडियो देखिये, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
Top News

वीडियो देखिये, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं:55 जिलों की मिट्टी से रोपा गया ‘संकल्प वृक्ष’; 15 जनवरी तक सेना के शौर्य पर होंगे आयोजन

about 1 hour ago
उज्जैन हादसे में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता
Top News

उज्जैन हादसे में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर जताया गहरा शोक

about 1 hour ago
लव जिहाद का चौंकाने वाला मामला
Top News

लव जिहाद का चौंकाने वाला मामला:दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप; धर्म परिवर्तन का बनाया दबाव, लाखों रुपए ऐंठे

about 1 hour ago
बड़े भाई के साथ खेलने पहुंचा था दसवीं का छात्र
Top News

बड़े भाई के साथ खेलने पहुंचा था दसवीं का छात्र:वार्मअप करते ही जमीन पर गिरा; सात साल पहले भी दौड़ते समय अचानक गिर गया था, दिल दहला देने वाली घटना

about 2 hours ago
वीडियो देखिये, धर्मनगरी में दर्दनाक हादसा
Top News

वीडियो देखिये, धर्मनगरी में दर्दनाक हादसा:क्या ऐसे भी मौत आती है; एक के बाद एक चेंबर में फंसते चले गए, बचाने के लिए उतरने वालों का हुआ यह हाल

about 2 hours ago
हरदीप पुरी ने मध्य प्रदेश से भरा राज्यसभा का पर्चा
Top News

हरदीप पुरी ने मध्य प्रदेश से भरा राज्यसभा का पर्चा:हलफनामे में पत्नी की 10.66 करोड़ की चल संपत्ति; 2.90 लाख डॉलर और 30 लाख स्विस फ्रैंक भी

about 19 hours ago
विकसित भारत युवाओं के विचारों से बनेगा सिर्फ देखने से ही नहीं
Top News

विकसित भारत युवाओं के विचारों से बनेगा सिर्फ देखने से ही नहीं

about 20 hours ago
देवास पहुंचे नवागत एसपी आदित्य मिश्रा
Top News

देवास पहुंचे नवागत एसपी आदित्य मिश्रा:पदभार संभालने से पहले माता टेकरी पर किए दर्शन

about 20 hours ago
त्योहारों से पहले पुलिस की कार्रवाई
Top News

त्योहारों से पहले पुलिस की कार्रवाई:9 बदमाश जिलाबदर; 5 पर निर्बंधन आदेश; थाना हाजिरी सहित लगाईं कड़ी शर्तें

about 20 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!