11 आदतन बदमाशों पर पुलिस कमिश्नर का एक्शन: 3 को किया जिलाबदर; 8 पर निर्बंधन आदेश, थाने में लगानी होगी नियमित हाजिरी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में अपराध और आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने 11 बदमाशों के खिलाफ कड़ी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। इनमें तीन बदमाशों को जिलाबदर किया गया है, जबकि आठ आदतन अपराधियों के खिलाफ निर्बंधन आदेश जारी कर नियमित थाना हाजिरी सहित कई शर्तों से पाबंद किया गया है।
कई आपराधिक मामले दर्ज है
पुलिस के मुताबिक इन सभी के खिलाफ पूर्व से विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूर्व में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद इनकी गतिविधियों में सुधार नहीं होने पर मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत कार्रवाई की गई है।
इन 3 बदमाशों को किया जिलाबदर
पुलिस कमिश्नर ने गांधी नगर थाना क्षेत्र निवासी राजकुमार पिता योगेश खटीक (38) को छह महीने के लिए जिलाबदर किया है। वहीं लसूड़िया थाना क्षेत्र के अजय उर्फ भोला पिता सुरेश पठोते (26) और तिलक नगर थाना क्षेत्र के राहुल उर्फ दादिया उर्फ सालिगराम पिता अशोक जाधव (24) को तीन-तीन महीने के लिए जिलाबदर किया गया है।
तीनों को निर्धारित अवधि तक इंदौर जिले की नगरीय एवं ग्रामीण सीमा के साथ उससे लगे सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।
8 आदतन अपराधियों पर निर्बंधन आदेश
पुलिस कमिश्नर ने सूरज पिता कैलाश मेहरा और अरुण पिता राजेंद्र वालेकर को एक-एक वर्ष के लिए पाबंद किया है। हमीद पिता बाबू खान, वाजिद उर्फ गब्बू पिता युनुस खान, वसीम उर्फ बाला पिता हमीद खान, मुकेश पिता छोटेलाल कुशवाह और दुर्गेश पिता कैलाश वर्मा के खिलाफ छह-छह महीने का निर्बंधन आदेश जारी हुआ है। शुभम उर्फ बाबू पिता रामपलट भारद्वाज उर्फ राजभर को तीन महीने के लिए पाबंद किया गया है।
थाने में देनी होगी नियमित हाजिरी
निर्बंधन आदेश के तहत संबंधित बदमाशों को निर्धारित अवधि तक नियमित रूप से थाने में हाजिरी देनी होगी। वे किसी आपराधिक या अवैध गतिविधि में शामिल नहीं हो सकेंगे और न ही कानून-व्यवस्था या लोकशांति प्रभावित करने वाली गतिविधियों में भाग ले सकेंगे।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश की किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ अजय प्रताप बुंदेला ने पैरवी की।
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