अफसर नदारद: घंटों ब्लैकआउट से शहरभर में जनता त्रस्त; आंधी-तूफान का कहर 60 से ज्यादा जगह गिरे पेड़
KHULASA FIRST
संवाददाता
निगम की टीमें तैनात : सड़कों से मलबा और टहनियां हटाकर यातायात किया बहाल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मौसम की पहली करवट ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली का खुलासा कर दिया है। करोड़ों रुपए के रखरखाव और मेंटेनेंस के तमाम दावों के बीच हल्की सी बारिश और हवा ने बिजली तंत्र की असलियत सामने लाकर रख दी है।
विभाग की लापरवाही का खामियाजा शहर की आम जनता को घंटों अंधेरे और उमस भरी गर्मी में रहकर भुगतना पड़ा है। विजय नगर जैसे व्यस्त इलाकों में बिजली गुल रहने से चार घंटे तक जनजीवन पूरी तरह ठप रहा, वहीं ओल्ड पलासिया में तो हालात और भी बदतर रहे, जहां पूरी रात बिजली की आंखमिचौनी का खेल चलता रहा और बमुश्किल रात 11 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
पश्चिम क्षेत्र की अनेक कॉलोनियों में तो बिजली का संकट और भी गहरा रहा, जहां पांच से अधिक बार हुए ब्लैकआउट ने लोगों का धैर्य तोड़ दिया। विभाग के कर्मचारी न तो सही जानकारी दे रहे हैं और न ही समस्या का समाधान कर रहे हैं।
वे केवल पेट्रोलिंग और लाइन फॉल्ट जैसे घिसे-पिटे बहाने बनाकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं। सबसे निराशाजनक पहलू यह है कि जनता के बार-बार फोन करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी फोन उठाने तक को तैयार नहीं हैं।
सुधार के नाम पर हो रही कागजी खानापूर्ति
यह स्थिति स्पष्ट करती है कि विभाग में सुधार के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है और करोड़ों का बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। बिजली के कारण घरों में पानी की किल्लत, छात्रों की पढ़ाई में रुकावट और बुजुर्गों की बेहाली ने विभाग के खिलाफ जनता के आक्रोश को चरम पर पहुंचा दिया है।
व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने से भी भारी नुकसान हुआ है। शहरवासियों ने अब सख्त चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं किया गया और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई तो जनता सड़कों पर उतरकर विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी।
शहर में कल से आए तेज आंधी-तूफान और बारिश के बाद बिगड़े हालात को सामान्य करने के लिए निगम की टीमें लगातार काम में जुटी रहीं। शहर के अलग-अलग इलाकों में 40 स्थानों पर पेड़ गिरने और 23 जगह बड़ी टहनियां टूटने की घटनाएं सामने आईं।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव और आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर निगम का उद्यान विभाग सड़कों पर बिखरे मलबे और पेड़ों को हटाने का काम करता रहा। कल दोपहर तक ज्यादातर प्रमुख मार्गों से गिरे हुए पेड़ और टहनियां हटा दी गई थीं, जिससे यातायात फिर से सुचारू हो गया।
निगम कंट्रोल रूम को मिली शिकायतों के आधार पर टीमें लोकनायक नगर, महेश गार्ड लाइन, मनोरमागंज, बाणगंगा, खंडवा रोड, मूसाखेड़ी, सपना-संगीता, अन्नपूर्णा रोड और शास्त्री ब्रिज सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में मशीन और क्रेन की मदद से रास्ता साफ करने में लगी थी।
टीमें आपस में तालमेल बनाकर रखें...कई जगहों पर बिजली लाइनों पर गिरे पेड़ों और टहनियों को हटाकर बिजली व्यवस्था में सुधार किया गया।
आयुक्त सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश के मौसम को देखते हुए कंट्रोल रूम और मैदानी टीमें आपस में तालमेल बनाकर रखें और नागरिकों की शिकायतों का तुरंत निराकरण करें।
जनता दूषित पानी पीने को मजबूर; खजराना की नारकीय स्थिति और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता
खजराना पैलेस के वार्ड 39 से बोरिंग का वीडियो सामने आया है, जहां लोग प्यास बुझाने के लिए मजबूरी में दूषित पानी पीने को विवश हैं। यहां हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि सरकारी बोरिंग के ठीक डेढ़ फीट नीचे गटर चेंबर का दूषित पानी सीधे बोरिंग में मिल रहा है।
इस स्थिति को देखते हुए जब स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया तो उन्होंने चंदा इकट्ठा कर स्वयं ही बोरिंग से खराब पड़ी मोटर को बाहर निकाला और खुद ही उसे सुधारने के जतन में जुट गए।
इस दौरान क्षेत्रीय रहवासियों ने जिन्होंने पार्षद रुबीना खान और निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासी रेहान और अन्य आक्रोशित लोगों का स्पष्ट कहना है कि वे लंबे समय से पार्षद और नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं।
रहवासियों का आरोप है कि यहां आने वाले नेता केवल वोट बैंक की राजनीति करते हैं और चुनाव खत्म होते ही जनता की सुध लेना भूल जाते हैं। स्थिति इतनी दयनीय है कि पूरी कॉलोनी स्वास्थ्य संकट के मुहाने पर खड़ी है, लेकिन शासन-प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
पानी के टैंकरों के वितरण में भी किया जा रहा भेदभाव...जनता का आरोप है कि पानी के टैंकरों के वितरण में भी भारी भेदभाव किया जा रहा है और ये टैंकर केवल नेताओं के करीबी लोगों के घरों तक ही पहुंच पा रहे हैं, जबकि आम जनता पानी के लिए तरस रही है।
क्षेत्र में न तो नर्मदा जल की सुचारू आपूर्ति है और न ही ड्रेनेज लाइन की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम उठाए गए हैं। चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण आज खजराना की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए भी अपने ही स्तर पर संघर्ष करने को मजबूर है, जो व्यवस्था की विफलता का जीता-जागता उदाहरण है।
सरकारी टैंकरों से निजी धंधा, दो फर्मों पर 1 लाख का जुर्माना
नगर निगम के अनुबंधित जल टैंकरों का निजी इस्तेमाल कर कमाई करने वाली दो फर्मों पर सख्त कार्रवाई की गई है। आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर हुई कार्रवाई में आशा एंटरप्राइज और केपी कॉन्ट्रेक्शन को नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए पकड़ा गया।
निगम की टीम ने जांच के दौरान टैंकर क्रमांक एमपी 09 जेडजे 9227 को रतन लोक कॉलोनी के एक होटल में और टैंकर क्रमांक एमपी 09 डीएल 4249 को भाग्यश्री कॉलोनी के गर्ल्स होस्टल में पानी की अवैध सप्लाई करते हुए पकड़ा।
सरकारी संसाधनों का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करने के मामले में निगम प्रशासन ने दोनों फर्मों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना ठोंका है। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि निगम के जल टैंकरों का उपयोग केवल तय इलाकों में ही होगा। यदि कोई भी फर्म दोबारा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों या निजी कार्यों में टैंकरों का अनधिकृत इस्तेमाल करती पाई गई तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
न्यू रानी बाग कॉलोनी में ट्रांसफार्मर में लगी आग गर्मी, मच्छरों और पानी की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रवासी
खंडवा रोड न्यू रानी बाग कॉलोनी में सोमवार रात 9:30 बजे विद्युत ट्रांसफार्मर में अचानक आग लगने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कॉलोनी अंधेरे में डूब गई व रहवासियों को पूरी रात परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भीषण गर्मी, मच्छरों के प्रकोप और पानी की कमी के कारण लोगों की रात जागकर गुजरी। न्यू रानी बाग रहवासी संघ के अध्यक्ष सी.एल. मुकाती ने बताया कि ट्रांसफार्मर में आग लगने की सूचना तत्काल विद्युत विभाग को शिकायत क्रमांक 7895577 के माध्यम से दी गई थी।
इसके बावजूद लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं किया गया। मंगलवार सुबह दोबारा शिकायत क्रमांक 7901099 दर्ज कराई गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई थी।
जर्जर विद्युत ढांचे पर उठे सवाल...रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में बिजली संबंधी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। आए दिन बिजली की लाइनें और तार टूटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
कई विद्युत तार, ट्रांसफार्मर डीपी और अन्य उपकरण वर्षों पुराने एवं जर्जर हो चुके हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, इस संबंध में पूर्व में भी कई बार लिखित शिकायतें और आवेदन दिए गए, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
रहवासी संघ ने की तत्काल सुधार कार्य की मांग...न्यू रानी बाग रहवासी संघ ने विद्युत विभाग से मांग की है कि कॉलोनी के संपूर्ण विद्युत ढांचे का तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा पुराने और क्षतिग्रस्त तारों व उपकरणों को बदला जाए। साथ ही ट्रांसफार्मर में आग लगने जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
बड़े हादसे की जिम्मेदारी विभाग की होगी...रहवासी संघ के अध्यक्ष सी.एल. मुकाती ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े हादसे की जिम्मेदारी संबंधित विद्युत विभाग की होगी।
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