मासूम के इलाज में नई अड़चन: इतने करोड़ के इंजेक्शन के लिए हाईकोर्ट ने बेंच बदलने के दिए आदेश
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दुर्लभ बीमारी एसएमए टाइप-2 (Spinal Muscular Atrophy Type-2) से जूझ रही इंदौर की साढ़े तीन साल की मासूम अनिका शर्मा के इलाज का मामला एक बार फिर कानूनी पेंच में फंस गया है।
अनिका के इलाज के लिए अमेरिका से जीन थेरेपी इंजेक्शन जोल जेनस्मा (Zolgensma) मंगाया जाना है, जिसकी कीमत करीब 9.50 करोड़ रुपए है।
परिजन और सामाजिक संस्थाओं की मदद से अब तक करीब 8.53 करोड़ रुपए जुटाए जा चुके हैं। लेकिन बाकी राशि और एम्स में उपचार प्रक्रिया शुरू कराने को लेकर मामला हाईकोर्ट में चल रहा है।
8.53 करोड़ रुपए जुटाने का दिया हिसाब
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने अनिका के परिजनों से जुटाई गई राशि और दानदाताओं की जानकारी मांगी थी याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता चंचल गुप्ता ने कोर्ट में दस्तावेज पेश करते हुए बताया कि अब तक 8 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि जुटाई जा चुकी है।
इसके अनुसार जनसहयोग से करीब 2 करोड़ 3 लाख रुपए, केट्टो ऑनलाइन वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से करीब 3 करोड़ 31 लाख रुपए, मिलाप सोशल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 1 करोड़ 12 लाख रुपए, ट्रू होप के माध्यम से करीब 2 करोड़ 1 लाख रुपए की राशि जुटाई गई है।
परिजन का कहना है कि यदि केंद्र सरकार से 50 लाख रुपए की सहायता मिल जाती है तो कुल राशि 9 करोड़ रुपए से अधिक हो जाएगी। हालांकि इंजेक्शन के लिए अभी भी करीब 50 लाख रुपए की जरूरत है।
सरकार ने मांगा समय, परिजन जल्द इलाज शुरू कराने के पक्ष में
सुनवाई के दौरान शासन पक्ष ने जवाब देने के लिए समय मांगा, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी।वहीं, अनिका के परिजनों की ओर से आग्रह किया गया कि उपचार में देरी हो रही है, इसलिए जल्द निर्णय लिया जाए।
अधिवक्ता ने कोर्ट के सामने सुझाव रखा कि एम्स अभी उपलब्ध राशि जमा कर ले और इंजेक्शन का ऑर्डर जारी कर दे, ताकि इलाज की प्रक्रिया शुरू हो सके।
बाकी राशि बाद में जुटाई जा सकती है। हालांकि कोर्ट ने पहले शासन का जवाब आने के बाद आगे सुनवाई करने की बात कही।
बेंच बदलने के आदेश से बढ़ी परेशानी
सुनवाई के दौरान निर्देश देने को लेकर हुई बहस के बाद हाईकोर्ट ने मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने का आदेश जारी कर दिया।
इसके बाद अब अनिका के इलाज से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देशों पर रोक लग गई है। नई बेंच तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले की अगली सुनवाई कब होगी और कोर्ट क्या आदेश देगा।
परिजन चाहते हैं जल्द शुरू हो इलाज
अनिका के परिजन का कहना है कि बीमारी के इलाज में समय बेहद महत्वपूर्ण है। वे चाहते हैं कि जितनी राशि अभी तक जुटाई गई है, उसे एम्स स्वीकार कर ले और अमेरिका से इंजेक्शन मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दे।
परिवार का कहना है कि बाकी 50 लाख रुपए की राशि भी जनसहयोग और अन्य माध्यमों से जुटाने का प्रयास जारी रहेगा।
अब सभी की नजर हाईकोर्ट की नई बेंच और आगे होने वाली सुनवाई पर है, जिससे अनिका के इलाज की राह साफ हो सके।
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