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बूंदों से तरबतर रहा नौपता: कहीं आंधी तो कहीं गिरे ओले; गर्मी का असर अब नहीं, आज इतने जिलों के लिए इस बात का अलर्ट

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जून 2026, 11:13 am
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बूंदों से तरबतर रहा नौपता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश में इस बार नौतपा पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। आमतौर पर भीषण गर्मी और लू के लिए पहचाने जाने वाले नौतपा के सभी नौ दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के साथ गुजरे। लगातार बदले मौसम के कारण प्रदेश में हीटवेव का असर लगभग खत्म हो गया है और अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है।

मौसम विभाग ने बुधवार को भी राहत के संकेत दिए हैं। इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के 36 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।

नौतपा में नहीं चली लू, तापमान में 10 डिग्री तक गिरावट
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार नौतपा के दौरान प्रदेशभर में लगातार प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहीं। पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कई जिलों में बारिश और ओले गिरे। इसका असर यह हुआ कि दिन और रात के तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से कम रहा। कहीं भी हीटवेव की स्थिति नहीं बनी। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है।

इन जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा जिलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई है। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, राजगढ़, खरगोन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी सहित 36 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

आंधी-बारिश से कई जगह नुकसान
मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अपना असर दिखाया। इंदौर में कई क्षेत्रों में बारिश हुई। विजय नगर क्षेत्र में तेज आंधी के दौरान एक बिल्डिंग का टीन शेड उड़कर सड़क से गुजर रही कार पर गिर गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। देवास जिले में तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए और डालियां टूट गईं। कुछ गांवों में मकानों के टीन शेड उड़ने से लोग घायल हो गए। वहीं, नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र में जर्जर मकान की छत गिरने से मां-बेटे की मौत हो गई।

पचमढ़ी रहा सबसे ठंडा, बड़े शहरों में भी राहत
प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। भोपाल और ग्वालियर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री और जबलपुर में 38.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। खंडवा और खजुराहो को छोड़कर लगभग सभी शहरों का तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा श्योपुर, बैतूल, शिवपुरी, शाजापुर, सतना और नर्मदापुरम में भी मौसम सुहावना बना रहा।

मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। हालांकि इस साल मानसून के मध्य प्रदेश पहुंचने में 5 से 7 दिन की देरी हो सकती है। सामान्य तौर पर मानसून 15 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है, लेकिन इस बार अभी तक केरल में भी मानसून की आधिकारिक एंट्री नहीं हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां सामान्य रहीं तो मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है।

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