तीन महीने से फरार नईम मंसूरी आखिरकार चढ़ा हत्थे: एमडी ड्रग्स नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में एमडी ड्रग्स के काले कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में करीब तीन महीने से पुलिस को चकमा देकर फरार आरोपी नईम मंसूरी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
उसकी गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस को उम्मीद है कि शहर में सक्रिय ड्रग्स सप्लाई चेन से जुड़े कई और खुलासे हो सकते हैं।
20 मार्च को सपना-संगीता क्षेत्र में गुलमर्ग कॉम्प्लेक्स के पास पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12.87 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) जब्त की थी। मामले में एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मो. अजीम और सिफान खान को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन इस पूरे खेल का एक अहम किरदार नईम मंसूरी मौके से बच निकलने में सफल हो गया था। तब से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
ठिकाने बदल रहा था...बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था और पुलिस की नजरों से दूर रहने की कोशिश कर रहा था।
आखिरकार पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसे दबोच लिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि नईम की गिरफ्तारी सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि ड्रग्स कारोबार की उन परतों तक पहुंचने का रास्ता है, जिन तक अभी जांच पूरी तरह नहीं पहुंच पाई है।
आशंका जताई जा रही है कि आरोपी शहर में एमडी ड्रग्स की सप्लाई और वितरण से जुड़े बड़े नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी हो सकता है। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थी, किन इलाकों में सप्लाई की जाती थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
संबंधित समाचार

जल का हलाहल:जहरीले जल पर घूंट गटकने को मजबूर मेयर; जलसंकट पर महापौर को मिला मुख्यमंत्री का साथ

खान सर की कोचिंग पर हमला:तीन आरोपी गिरफ्तार ; गार्ड से मारपीट और पथराव का सीसीटीवी आया सामने

करोड़ों के बिल घोटालों में अब इन पर भी कस सकता है शिकंजा:अनेक वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी ईडी की जांच के घेरे में; पहले ही हो चुके हैं कई महत्वपूर्ण खुलासे

रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग:अब तक 20 लोगों की मौत; 37 को सुरक्षित निकाला गया
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!